समस्तीपुर

समस्तीपुर में दो दिनों में डेंगू के मिले 10 मरीज, मलेरिया और चिकनगुनिया फैलने की भी आशंका

एक सप्ताह में सदर अस्पताल में जांच कराने 50 से अधिक रोगी पहुंचे

शहर व आसपास के पाॅश मोहल्लाें में पिछले दिनों हुई बारिश से बाढ़ सी स्थिति है। इलाके में बारिश के पानी से जलजमाव बना हुआ है। इन्फेक्शन फैलाने वाले संक्रामक सूक्ष्मजीवों (बैक्टीरिया) के पनपने के लिए जलजमाव आदर्श स्थिति है। एक सप्ताह के दौरान सदर अस्पताल में बुखार के दाैरान जांच कराने के लिए 50 से अधिक रोगी पहुंचे हैं। कोरोना को देखते हुए पहले सभी लोगों की कोरोना जांच कराई गई है। अभी सदर अस्पताल में डेंगू जांच की व्यवस्था नहीं है।

कुछ लोगों ने निजी जांच घरों में डेंगू जांच कराया तो 10 लोगों में डेंगू पॉजिटिव पाया गया है। पीड़ित मरीज सोनवर्षा, मोहनपुर व आदर्शनगर इलाके के हैं। सदर अस्पताल के डॉ नागमणि बताते हैं, कि “मानसून के दौरान वातावरण में बढ़ी हुई नमी व जलजमाव से इन्फेक्शन की संभावना रहती है। मॉनसून के दौरान जलजमाव से मच्छर तेजी से पनपते हैं। डेंगू, मलेरिया व चिकनगुनिया जैसी बीमारियों का कारण बनने वाले मच्छर ऐसे वातावरण में ही पैदा होते हैं।

सोनवर्षा, मोहनपुर व आदर्शनगर इलाके के हैं डेंगू पीड़ित सभी मरीज

बीमारियों से बचने के लिए आप क्या करें

  • ऐसे कपड़े पहनें जिनसे आप पूरी तरह से ढंके हों, जैसे पूरी बांह की शर्ट
  • जब आप बाहर जाते हैं तो इन्फेक्शन से बचाव के स्प्रे या लोशन शरीर पर डालना न भूलें
  • रात में सोते समय मच्छरदानी का इस्तेमाल करें
  • हर बार भोजन से पहले और बाद में अपने हाथ अच्छी तरह धोएं
  • फलों और सब्जियों को अतिरिक्त सावधानी से धोएं
  • यदि आप नल का पानी पीते हैं, तो पानी को उबालकर पीएं

जलजमाव के कारण होती है ये बीमारी
जलजमाव, व बाढ़ से संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है, खासकर अगर जल स्रोत प्रदूषित हो। सामान्य जल जनित रोगों में टाइफाइड, हैजा, डायरिया, पीलिया, हेपेटाइटिस व लेप्टोस्पायरोसिस शामिल हैं। लेप्टोस्पायरोसिस जीवाणु (बैक्टीरिया) के कारण होने वाला रोग है, जो तेज बुखार, पेट दर्द और दस्त जैसे लक्षणों से शुरू होता है, इससे किडनी व लीवर के खराब होने की आशंका रहती है। इसके अलावा त्वचा संक्रमण (स्किन इन्फेक्शन), सर्दी, फ्लू, वायरल बुखार व आंखों के संक्रमण जैसी बीमारियां भी होती हैं। अ इन्फेक्शन के लक्षण अगर एक सप्ताह से 10 दिनों के भीतर खत्म नहीं होते तो जल्द से जल्द डॉक्टर के पास जाएं।

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