Bandhan Bank
बिहार

1200 बैंककर्मी कोरोना संक्रमित, 38 की गई जान… निकासी के लिए उमड़ रही भीड़ से कोरोना हॉटस्पॉट न बन जाएं बैंक

बैंक शाखाएं कहीं बिहार में नए कोरोना हॉट स्पॉट ना बन जाएं। इन बैंकों खासकर ग्रामीण क्षेत्र की शाखाओं में लोगों की भीड़ उमड़ रही है। वहां गार्ड तक की व्यवस्था नहीं है। तमाम लोग बिना मॉस्क के भी वहां पहुंच रहे हैं। किसान सम्मान निधि का पैसा खातों में आने के बाद यह भीड़ और बढ़ गई है। जिनके खातों में पैसा नहीं आया है, वो भी जानकारी लेने बैंक पहुंच रहे हैं। बैंकों में बढ़ती भीड़ के कारण वहां का स्टाफ भी भयभीत है।

यूं तो राज्य की तमाम बैंकों में लेनदेन का काम दोपहर दो बजे तक ही हो रहा है, लेकिन बैंक शाखाएं शाम पांच बजे तक खुली रहती हैं। जहां तक बिहार में बैंक शाखाओं का सवाल है तो यहां सार्वजनिक क्षेत्र, निजी क्षेत्र, ग्रामीण और सहकारी बैंकों को मिलाकर इनकी संख्या तकरीबन 7600 है। इनमें से काफी संख्या में शाखाएं ग्रामीण क्षेत्र में हैं। कोरोना काल में लोग पैसे निकालने के लिए काफी संख्या में बैंक काउंटरों पर पहुंच रहे हैं। इस संख्या में और इजाफा लोगों के खातों में किसान सम्मान निधि की दो हजार रुपए की किस्त आने के बाद हो गया है। हालांकि यह राशि क्रमबद्ध तरीके से खातों में पहुंच रही है, लेकिन इसकी जानकारी करने भी काफी संख्या में लोग बैंक पहुंच रहे हैं।

कोरोना काल में बैंककर्मी भी तेजी से संक्रमित हो रहे हैं। राज्य में तकरीबन 57 हजार बैंककर्मी हैं। इनमें से अभी तक 1200 से अधिक संक्रमित हो चुके हैं। 38 की कोरोना से जान चली गई। अब बैंककर्मी शाखाओं में सुरक्षा प्रबंध करने और केरल की तर्ज पर कोरोना काल में सप्ताह में तीन दिन बैंकिंग सेवा बहाल रखने की मांग कर रहे हैं।

केरल सरकार ने भीड़ नियंत्रण को खाता संख्या के अंतिम ऑड-इवन नंबर के आधार पर बैंक से नकद निकासी का विकल्प दिया है। लॉडडाउन में अल्टरनेट-डे पर बैंकिंग शुरू की है। बिहार में ऐसा किया जाए।
– डीएन त्रिवेदी, संयुक्त सचिव, ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स, एसोसिएशन

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