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बिहार

बिहार सिपाही भर्ती परीक्षा के दौरान फिजिकल टेस्ट में फर्जीवाड़ा करते 15 और फर्जी अभ्यर्थी गिरफ्तार

बिहार परिवहन विभाग के चलंत दस्ता सिपाही पद पर बहाली को लेकर चल रहे फिजिकल टेस्ट में फर्जीवाड़ा करते और 15 फर्जी अभ्यर्थियों को गर्दनीबाग थाने की पुलिस ने बुधवार को गिरफ्तार कर लिया। ये सभी दूसरे के स्थान पर शारीरिक दक्षता परीक्षा देने आये थे लेकिन कागजातों के सत्यापन के दौरान इनका फर्जीवाड़ा पकड़ा गया।

कागजात में न तो इनकी फोटो का मिलान हुआ और न ही बायोमीट्रिक अंगूठे का निशान ही। पकड़े गये आरोपितों में जितेंद्र कुमार, हंटूस कुमार, धर्मपाल, मनीष कुमार, मोनू कुमार, कुशदेव पासवान, ललित कुमार, धनराज सिंह, ज्योतिष कुमार, गुड्डू कुमार, मोनू कुमार, नीरज कुमार, रामधारी राय, जितेंद्र कुमार यादव शामिल हैं। ये सभी भागलपुर, लखीसराय, नालंदा, पटना,रोहतास, मुंगेर, खगड़िया, अरवल, मधुबनी आदि जिलों के रहने वाले हैं। फर्जीवाड़े के इस मामले में परिवहन विभाग के अवर सेवा चयन परिषद के अधिकारी दिनेश कुमार के बयान पर गर्दनीबाग थाने में एफआईआर दर्ज करा दी गई है। इस मामले में सॉल्वर गैंग का कारनामा सामने आया है। अब पुलिस सॉल्वर गैंग तक पहुंचने के प्रयास में है।

..तो सॉल्वरों ने दी थी लिखित परीक्षा
पूछताछ में पकड़े गये अभ्यर्थियों ने पुलिस को कई चौंकाने वाली जानकारी दी है। सूत्रों की मानें तो पकड़े गए आरोपतों ने पुलिस को बताया है कि लिखित परीक्षा में वे अपनी जगह सॉल्वरों को बैठाये थे। इसके लिए सॉल्वर गैंग ने उनसे 50 से 60 हजार रुपये लिये थे। आरोपितों ने कुछ सॉल्वर गैंग के सदस्यों के नाम भी पुलिस को बताये हैं। इस आधार पर पुलिस बड़े सॉल्वर गैंग की तलाश में जुट गई है। 

पांच आरोपित भेजे गये जेल
परिवहन विभाग के चलंत दस्ता सिपाही के पद के लिए आयोजित फिजिकल टेस्ट में अब तक 20 अभ्यर्थियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। बीते मंगलवार को भी पुलिस की ओर से पांच अभ्यर्थियों को गिरफ्तार किया गया था। पूछताछ के बाद बुधवार को इन्हें जेल भेज दिया गया। इसकी पुष्टि गर्दनीबाग थाना प्रभारी अरुण कुमार ने की है।

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