समस्तीपुर

रैपिड एंटीबॉडी टेस्ट के लिए समस्तीपुर जिले को 200 एलिसा एलजीजी किट आवंटित

समस्तीपुर।कोरोना संक्रमण के जोखिम के बीच अपना फर्ज निभा रहे लोगों (फ्रंटलाइन कोविड-19 वर्कर) की सेहत को लेकर स्वास्थ्य विभाग हर स्तर पर काम कर रहा है। इस कड़ी में अब आईसीएमआर की गाइडलाइन के आधार पर इनकी एलिसा आईजीजी विधि से रैपिड एंटी बॉडी जांच करने का निर्णय लिया गया है। इसमें हेल्थ केयर वर्कर, सरकारी कार्यालयों के कर्मी, बैंक कर्मी और अन्य जरूरी सेवाओं में कार्यरत कर्मी शामिल हैं।

जिले में एलिसा आईजीजी किट आवंटित किए गए हैं, जिसमें समस्तीपुर जिले को 200 किट उपलब्ध कराए गए हैं। सैंपल कलेक्शन, स्टोरेज एवं ट्रांसपोर्टेशन आईसीएमआर की गाइडलाइन के अनुसार किया जाएगा। टेस्ट किट के लिए दो से आठ डिग्री सेल्सियस तापमान की आवश्यकता होगी। एलिसा टेस्ट के लिए संबंधित व्यक्ति का पांच एमएल ब्लड सैंपल के लिए लिया जाएगा। एलिसा जांच के लिए समस्तीपुर स्वास्थ्य विभाग को राजेंद्र मेमोरियल रिसर्च इंस्टीट्यूट पटना से टैग किया गया है। एलिसा टेस्ट के लिए लक्षित व्यक्तियों को चिन्हित करने का कार्य जिलाधिकारी के आदेशानुसार किया जा रहा है।

क्यों जरूरी है रैपिड एंटी बॉडी टेस्ट

शोध करने वाले वैज्ञानिकों का मानना है कि एक नए वायरस से लड़ने के लिए सबसे जरूरी संक्रमण का स्तर पता लगाना होता है। जब तक वायरस का इलाज नहीं मिल जाता, तब तक आंकड़े ही दवाई की तरह काम करते हैं। इसी के आधार पर वैज्ञानिक और सरकार फैसले लेते हैं कि उन्हें किस तरह के कदम उठाने हैं, क्या छूट देनी है, कहां-कितनी रियायत देनी है। कोरोना के संक्रमण के मामले में भी ठीक ऐसा ही है। यहां भी किसी भी तरह का फैसला लेने के लिए आंकड़ों की बहुत जरूरत है।

कैसे हो होता एलिसा आईजीजी टेस्ट

इसमें मरीज की उंगली में सूई चुभोकर खून का सैंपल लिया जाता है, जिसका परिणाम भी 15 से 20 मिनट में आ जाता है। एंटीबॉडी टेस्ट को ही सेरोलॉजिकल टेस्ट कहा जाता है। यह जेनेटिक टेस्ट के मुकाबले काफी सस्ता होता है। रिवर्स-ट्रांसक्रिप्टेस रीयल-टाइम पोलीमरेज चेन रिएक्शन (आरटी-पीसीआर) यानी जेनेटिक टेस्ट में नौ घंटे में रिजल्ट मिलता है। पीसीआर टेस्ट शुरुआती दौर में संक्रमण का पता तभी लगा सकता है, जब वायरस के संक्रमण से लड़ने के लिए शरीर में एंटीबॉडी डेवलप हो चुका हो। इसलिए एंटी बॉडी टेस्ट में जो पॉजिटिव आते हैं, उनमें संक्रमण का सही से पता लगाने के लिए जेनेटिक टेस्ट यानी पीसीआर टेस्ट के लिए भेजा जाता है।

विशिष्ट आवश्यकता के आधार पर संभावित समूहों के लिए भी होगा टेस्ट

एलिसा टेस्ट का उपयोग डॉक्टर, नर्स एवं सहायक कर्मचारी, स्वास्थ्य कर्मी, फार्मासिस्ट, क्लर्क, थर्मल स्क्रीनिग करने वाले, प्रेस रिपोर्टर, दैनिक कार्य करने वाले मजदूर, प्रवासी मजदूर, निगम कर्मचारी, एंबुलेंस ड्राइवर, बैंक कर्मी, डाक कर्मी, कुरियर स्टाफ, कैदी, टीवी मरीज, डायलिसिस मरीज की भी प्राथमिकता के आधार पर टेस्टिग करनी है। बफर एवं कंटेनमेंट जोन में भी जांच करने हैं।

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