बिहार

23 लाख नए राशन कार्डधारियों को 5-5 किलो अनाज जुलाई से ही

बिहार में 23 लाख 38 हजार 990 नए राशन कार्डधारियों को जुलाई से ही जन वितरण प्रणाली में शामिल कर दिए गए हैं।  खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के सचिव विनय कुमार ने कहा कि जुलाई महीने से जो नए चक्र में राशन बंट रहे हैं, उसमें ये सभी 23 लाख 38 हजार 990 परिवार को शामिल किया गया है। इन परिवारों को जुलाई महीने से जन वितरण प्रणाली के तहत प्रति सदस्य पांच किलो अनाज के साथ-साथ प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत भी उतनी ही मात्रा में मुफ्त अनाज और प्रति परिवार एक किलो चना या दाल का लाभ दिया जा रहा है। 

उन्होंने कहा कि 22 लाख 45 हजार परिवारों को राशन कार्ड दे दिए गए हैं। शेष परिवारों को भी शीघ्र ही राशन कार्ड दे दिए जाएंगे। उन्होंने कहा किलॉकडाउन के दौरान जो श्रमिक बिहार लौटे अथवा पहले से जो परिवार यहां छूटे हुए थे, उनका अभियान चलाकर राशन कार्ड बनाया गया। 

उन्होंने कहा कि आज भी अगर कोई राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के दायरे में हैं और वह छुटा हुआ है, तो उसे राशन कार्ड मिलेगा। इसके लिए लोक सेवा अधिकार अधिनियम के तहत छूटे हुए लोगों का आवेदन लिया जाएगा। राज्य के कई जिले में पीडीएस डीलर्स की रिक्तियां हैं, इसके लिए जिला प्रशासन को नए लाइसेंस निर्गत करने के निर्देश दिए गए हैं। 

सचिव ने बताया कि राशन वितरित करने की पूरी प्रक्रिया कंप्यूटराइज्ड है। हर ट्रक की जीपीएस ट्रैकिंग लगातार होती रहती है। आधार ऑथेंटिकेशन के बाद अब कोई दूसरे का अनाज नहीं उठा सकता है। विभाग का अगला कदम राशन वितरण में अनाज के वजन को सुनिश्चित करना है, ताकि सही मात्रा में लाभुक परिवारों को अनाज मिले। 

उन्होंने कहा कि पिछले माह राज्य में एक करोड़ 40 लाख राशन कार्ड के विरुद्ध अनाज वितरण किया गया। सभी कार्डधारियों ने अपने अंगूठे के निशान के साथ-साथ बायोमैट्रिक सत्यापन भी किया। वन नेशन, वन राशन कार्ड में बिहार शामिल है। बिहार के कई लोग दूसरे राज्यों में तथा दूसरे जिले में अपने राशन कार्ड का प्रयोग कर अनाज ले रहे हैं।

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