धर्म

सावन के आखिरी सप्ताह में पड़ रहे है 7 महत्वपूर्ण त्योहार, जानिए कब है तुलसी जयती, पुन्नदा एकादशी, प्रदोष व्रत, बकरीद और रक्षाबंधन…

कल तुलसीदास जयंती है. सावन महीने के आखिरी सप्ताह की शुरुआत तुलसीदास जयंती से हो रही है. इस बार सवन महीने की शुरुआत और समाप्ति भी सोमवार के दिन ही हो रही है. सावन महीने की आखिरी सप्ताह की शुरुआत भी सोमवार के दिन होगी. सोमवार भगवान शिव का प्रिय दिन होता है. कल 27 जुलाई को रामचरितमानस के रचयिता तुलसीदास की 523वीं वर्षगांठ होगी, इस दिन चतुर्थ सावन सोमवार व्रत भी रखा जाएगा, इसके अलावा इसी सप्ताह सावन का आखिरी मंगला गौरी व्रत भी रखा जाएगा. श्रावण पुत्रदा एकादशी व्रत, वरलक्ष्मी व्रत, बकरीद, प्रदोष व्रत भी इस सप्ताह पड़ने वाले प्रमुख त्योहार हैं. आइए जानते है कि सावन मास के आखिरी सप्ताह में कौन से त्योहार कब-कब पड़ेगा…

साप्ताहिक त्योहार

27 जुलाई दिन सोमवार को चौथी सावन सोमवार व्रत है, इस दिन शिव की विशेष पूजा अर्चना की जाती है और सावन माह का आखिरी सोमवार रक्षाबंधन के दिन होगा. रक्षाबंधन 3 अगस्त को पडे़गा. सावन के समापन के साथ पूर्णिमा के दिन रक्षाबंधन का पर्व मनाया जाएगा, इसी दिन बहनें अपने भाइयों की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधेंगी. इस दिन सावन का महीना खत्म हो जाएगा. कल 27 जुलाई को ही तलुसीदास जयंती भी है. श्रावण मास की अमावस्या से सातवें दिन पर तुलसीदास जयंती मनाई जाती है.

28 जुलाई दिन मंगलवार को सावन का आखिरी मंगला गौरी व्रत है, इस दिन भगवान शिव और मां गौरी की अराधना की जाती है. मान्यता है कि मां गौरी की अराधना से भक्तों के सभी कष्ट दूर हो जाते हैं.

30 जुलाई बृहस्पतिवार के दिन श्रावण पुत्रदा एकादशी व्रत है, इस दिन भगवान नारायण की पूजा की जाती है. हर महीने में दो एकादशी व्रत आते हैं. इस तरह से साल में कुल 24 एकादशी तिथि होती हैं.

31 जुलाई शुक्रवार को दामोदर द्वादशी और वरलक्ष्मी व्रत है. मान्यता है कि वरलक्ष्मी व्रत रखने से धन संबंधी समस्या दूर होती है. 31 जुलाई या 1 अगस्त को बकरीद मनाई जाएगी. ये मुसलमानों का प्रमुख पर्व है. 1 अगस्त को प्रदोष व्रत भी है. हिंदू धर्म में इस व्रत का विशेष महत्व बताया जाता है. इस व्रत में भगवान शिव की पूजा का विधान है.

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