समस्तीपुर

समस्तीपुर में दुर्गापूजा के दौरान नहीं बनेगा भव्य पंडाल

शहर में 15 जगहों पर होती है प्रतिमा की पूजा कोरोना को लेकर पूजा का बजट भी हुआ कम, नहीं बंटेगा भोग

शहर में 85 सालों की परंपरा इस साल कोरोना के कारण टूट जाएगी। इस दुर्गा पूजा में ना तो शहर में आकर्षक पंडाल दिखेंगे ना ही भव्य प्रतिमाएं। विभिन्न पूजा समितियों द्वारा कोरोना को देखते हुए महज चार से पांच फीट की प्रतिमाओं का निर्माण कराया जा रहा है। पूजा को लेकर एक महीने से भी कम समय बचा है। लेकिन सरकार द्वारा अबतक पूजा को लेकर कोई गाइड लाइन जारी नहीं किए जाने के कारण लोगों ने कोरोना को देखते हुए समान्य पूजा की तैयारी शुरू कर दी है। शहर में करीब 15 स्थानों पर भव्य पूजा का आयोजन होता है। लेकिन पुरानी दुर्गा स्थान को छोड़ दें तो अन्य स्थानों पर चार से पांच फीट की प्रतिमाओं का निर्माण कराया जा रहा है। जिससे पूजा का बजट भी कम गया है।

बंगाली समाज की पूजा के दौरान नहीं होगा कार्यक्रम
शहर के श्री कृष्णा टॉकीज में बंगाली समाज द्वारा गत 85 सालों से भव्य पूजा का आयोजन होता था। आठ फीट ऊंची प्रतिमाओं का निर्माण होता था। लेकिन इस बार चार फीट की प्रतिमा का निर्माण हो रहा है। बंगाली संस्कृति से हाेने वाले इस पूजा में लाखों की भीड़ भी जुटती थी। भोग वितरण के अलावा बच्चों के बीच पेंटिंग, लेखन आदि प्रतियोगिताओं का आयोजन भी होता था। पूजा पर गत वर्ष आठ लाख रुपए का खर्च आया था। पूजा समिति के अध्यक्ष अरुप दा बताते हैं इस बार चार लाख रुपए में सामान्य पूजा का आयोजन होगा। भोग का वितरण नहीं होगा। ढाक की आवाज भी सुनाई पड़ने की उम्मीद है।

इन स्थानों पर बन रही छोटी प्रतिमाएं : भूतनाथ मंदिर, मगरदही घाट, ओवर ब्रिज के नीचे, बारह पत्थर, आरपीएफ कालोनी, माधुरी चौक, ताजपुर रोड, मथुरापुर घाट, जितवारपुर।

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