पटना

पटना में 25 लाख में बिक रही थी एक छिपकली, इंटरनेशनल मार्केट में एक करोड़ है कीमत

एक छिपकली की कीमत 25 लाख रूपये. ये खबर आपको हैरान कर सकती है. लेकिन पटना के एक होटल में एक छिपकली को इतने ही रूपयों में बेचने की तैयारी थी. लेकिन तभी वन विभाग की टीम पहुंच गयी. जिसने छिपकली के साथ तस्करों को गिरफ्तार कर लिया. दुर्लभ प्रजाति की इस छिपकली को पश्चिम बंगाल से पटना लाया गया था. वन विभाग के सूत्रो के मुताबिक इस छिपकली की अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कीमत एक करोड रूपये है.

टोके गेको प्रजाति की छिपकली बरामद

दरअसल पश्चिम बंगाल से आये तस्कर दुर्लभ प्रजाति की एक छिपकली टोके गेको की पटना में मोटी रकम पर डील तय कर रहे थे. तस्करी करने वाले उस छिपकली को 25 लाख में बेचने की तैयारी कर चुके थे. होटल के कमरे में बैठकर वे पैसे आने का इंतजार कर रहे थे. लेकिन उसके पहले ही वन विभाग की टीम ने  छापेमारी कर दी. वन विभाग ने पश्चिम बंगाल से आये दो तस्करों को तो गिरफ्तार कर लिया लेकिन दो अन्य तस्कर फरार हो गये. गिरफ्तार किये गये तस्करों के पास टोके गेको प्रजाति की छिपकली को बरामद किया गया है.

वन विभाग की टीम ने बताया कि पश्चिम बंगाल से 4 तस्कर टोके गेको प्रजाति की एक छिपकली को लेकर 15 सितंबर को पटना पहुंचे थे. वे राजेंद्र नगर टर्मिनल पर उतरे और स्टेशन के सामने स्थित होटल ऑरिबट के कमरा नम्बर 202 और 208 में रूक गये. पटना आकर वे लगातार जानवरों की तस्करों के संपर्क में थे. वे 25 लाख रूपये में छिपकली की डील तय कर चुके थे. लेकिन इसी बीच वन विभाग की टीम को इसकी खबर लग गयी. पटना के डीएफओ ने अपनी टीम के गुरूवार को होटल में छापा मारा और तस्करों को धर दबोचा. 

क्यों है छिपकली की इतनी कीमत

वन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक टोके गेको प्रजाति की इस छिपकली को विदेश भेजने की तैयारी थी. विदेश में इस छिपकली की काफी डिमांड है. दरअसल छिपकली की इस खास प्रजाति से ब्लड कैंसर की दवाएं बनाई जाती है. सूत्रों के मुताबिक अंतर्राष्ट्रीय बाजार में पहुंचते-पहुंचते इस छिपकली की कीमत एक करोड़ से भी अधिक हो जाती है.  फिलहाल वन विभाग ने इस मामले में एफआईआर दर्ज की है. शुरुआती जांच और तस्करों से पूछताछ में जो बातें सामने आई है, उसके मुताबिक इस रैकेट का संबंध इंटरनेशल गैंग से हो सकता है.

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