समस्तीपुर

मोबाइल की एक घंटी ..और मची चीख-पुकार ,अमन के शहीद होने की सूचना सबसे पहले पिता को मिली

समस्तीपुर । चीन की सीमा पर चीनी सैनिकों के साथ हुई झड़प में अमन के शहीद होने की सूचना सबसे पहले पिता सुधीर सिंह को मिली। पुत्र के नहीं रहने की खबर सुन उन्हें सहज विश्वास नहीं हो रहा था। लद्दाख से आई सूचना संक्षिप्त थी, इसलिए कुछ विशेष जानकारी नहीं मिल पाई। इधर, सदमे के कारण सुधीर सिंह बेसुध होकर गिर पड़े। देर रात मोबाइल बजने और उनके बेसुध होने से घरवालों को किसी अनहोनी की आशंका हुई। स्वजन उन्हें संभालने दौड़े। उन्होंने विलाप करते हुए पूरी बात बताई। इसके बाद तो घर में कोहराम मच गया। अमन के शहीद होने की खबर घर-परिवार के अलावा इलाके में फैलने लगी। हर ओर शोक की लहर के बीच फोन पर जानकारी लेने लगे। हर कोई घटना की सच्चाई जानना चाह रहे थे। सुबह होते-होते पूरे इलाके से लोगों का अमन के पैतृक घर सुल्तानपुर आने का तांता लग गया। लोग शोक संवेदना प्रकट करने के साथ-साथ उसकी बहादुरी की बात करने लगे। तीन भाइयों व एक बहन में सबसे दुलारे थे अमन

अमन तीन भाइयों व एक बहन में सबसे दुलारे थे। हंसमुख स्वाभाव होने के कारण परिवार व गांव के सभी लोगों के प्रिय थे। अब जब अमन इस दुनिया मे नहीं हैं तो उनकी यादें परिवार के लोगों को भावुक कर रही हैं। अमन तीन भाई राहुल कुमार सिंह, अमन कुमार सिंह व रोहित कुमार सिंह में मझले थे। जबकि, बहन मौसमी कुमारी पटना पुलिस में कार्यरत हैं। एक वर्ष पहले हुई थी शादी

अमन की शादी महज एक वर्ष पहले 27 फरवरी, 2019 को राणाबिगहा निवासी अक्षय सिंह की पुत्री मीनू देवी के साथ हुई थी। अब तक कोई संतान नहीं है। अमन की पत्नी अपने पिता की इकलौती पुत्री हैं। खुशहाल दांपत्य जीवन व्यतीत करनेवाली मीनू पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। पति के शहीद होने की खबर से बेसुध मीनू के विलाप से सब मर्माहित हैं। लोग ढाढ़स अवश्य बंधा रहे, कितु वे खुद अपने आंसू नहीं रोक पा रहे।

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