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अडाणी की कहानी: एक कमोडिटी व्यापारी से कैसे बने इंफ्रास्ट्रक्चर किंग

भारतीय अरबपति गौतम अडाणी इस साल कमाई के मामले में दुनिया के सबसे बड़े रईस जेफ बेजोस से लेकर एलन मस्क और यहां तक कि मुकेश अंबानी पर भी भारी पड़े। इस साल अडाणी की संपत्ति में 22 अरब डॉलर का इजाफा हुआ। 1980 के दशक के अंत में एक कमोडिटी व्यापारी के रूप में शुरुआत करने के बाद, अडाणी अब जैक मा से अधिक अमीर है और 56.2 बिलियन डॉलर की संपत्ति के साथ भारत के दूसरे सबसे धनी व्यक्ति हैं। पिछले 20 साल से कोयले को केंद्र में रखकर अपने साम्राज्य को बढ़ाने के बाद अब अडाणी ग्रुप जीवाश्म ईंधन से परे देख रहा है। बता दें गौतम अडाणी की नेटवर्थ में  इस साल 23 अरब डॉलर का इजाफा हुआ है। दुनिया के सबसे बड़े रईस जेफ बेजोस की नेटवर्थ इस साल मात्र 6.37 अरब डॉलर घटी है, जबकि एलन मस्क की नेटवर्थ में 1.76 अरब डॉलर का इजाफा हुआ है। एशिया के सबसे अमीर शख्स मुकेश अंबानी की नेटवर्थ इस साल 4.39 अरब डॉलर बढ़ी है।

भारत के इंफ्रास्ट्रक्चर किंग

अडाणी भारत के इंफ्रास्ट्रक्चर किंग के रूप में उभरे हैं। खदान, पोर्ट, पावर प्लांट से लेकर एयरपोर्ट, डेटा सेंटर और रक्षा क्षेत्र को मोदी भारत के आर्थिक लक्ष्यों को पूरा करने के लिए महत्वपूर्ण मानते हैं। उनकी महत्वाकांक्षी योजनाओं को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बढ़ावा मिल रहा है। इंस्टीट्यूट फॉर एनर्जी इकोनॉमिक्स एंड फाइनेंशियल एनालिसिस (आईईईएफए) के टीम बकली कहते हैं, “अडाणी ज्यादातर संवेदनशील और लंबी अवधि के इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट में निवेश करते हैं. ये प्रोजेक्ट सरकार की प्राथमिकता में होते हैं। भारत की तेज ग्रोथ जारी रहने का फायदा अडाणी समूह को मिलता रहेगा। अडाणी के नेतृत्व में इस समूह के तेजी से बढ़ने की उम्मीद है। इसमें विदेशी निवेशकों की दिलचस्पी भी बढ़ेगी।”

महामारी के बावजदू अडाणी ग्रुप की छह कंपनियों ने मार्केट कैप में पिछले साल 79 बिलियन डॉलर जोड़े। देश के दो सबसे बड़े व्यापारिक साम्राज्यों, टाटा समूह और मुकेश अंबानी की अगुवाई वाली रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड की ब्लू-चिप नामों में फ्रेंच तेल की दिग्गज कंपनी टोटल एसई और वारबर्ग पिंकस एलएलसी के बाद सबसे ज्यादा अडाणी की कंपनियों में पैसा लगाया गया है।

ग्लोबल कंपनी बनने का लक्ष्य

दो साल से भी कम समय में अडाणी के हाथ में 7 एयरपोर्ट और करीब एक चौथाई एयर ट्रैफिक है। यही नहीं अडाणी ने उन्होंने 2025 तक अपनी अक्षय ऊर्जा क्षमता को लगभग आठ गुना बढ़ाने की योजना का बूस्ट किया है।  पिछले हफ्ते अडाणी ने श्रीलंका में पोर्ट टर्मिनल को संयुक्त रूप से विकसित करने का कॉन्ट्रैक्ट हासिल किया है। दरअसल, भारत में इस इलाके में चीन के बढ़ने प्रभाव पर रोक लगाना चाहता है. पिछले महीने अडाणी की कंपनी अडाणी एंटरप्राइजेज ने देश भर में डाटा सेंटर बनाने और उसे चलाने के लिए एजकनेक्स के साथ समझौता किया है।

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