Congress RJD
बिहार

बिहार महागठबंधन में सबकुछ ठीक नहीं? कांग्रेस बोली- RJD नेता पर लगाम लगाए पार्टी

बिहार में महागठबंधन में अनबन की खबरें तूल पकड़ रही हैं। एनडीए को पूर्ण बहुमत मिला है और लाख कोशिशों के बावजूद महागठबंधन को शिकस्त का सामना करना पड़ा है। ऐसे में हार के बाद उपजी खीज अब दिखने लगी है। नेता एक दूसरे पर तंज करने से पीछे नहीं हट रहे हैं। एक ओर नितीश कुमार मुख्यमंत्री की शपथ ग्रहण करने को तैयार हैं, वहीं दूसरी ओर कांग्रेस और आरजेडी में सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है। आरजेडी के नेता कांग्रेस प्रमुख राहुल गांधी से खफा हैं यह साफ-साफ समझ आ रहा है। गौरतलब है कि इस बार चुनाव में कांग्रेस का प्रदर्शन वाम दलों से भी खराब रहा है। भाजपा तो अक्सर कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर तंज कसती रहती है लेकिन इस बार आरजेडी के नेता भी अपनी खीज को छुपा नहीं पा रहे हैं।

कांग्रेस नेता प्रेम चंद्र मिश्रा ने एक बयान में कहा है, तेजस्वी यादव जी, राजद नेता शिवानंद तिवारी पर लगाम लगावें। कांग्रेस पार्टी और राहुल गांधी जी को लेकर गिरिराज सिंह और शहनवाज हुसैन जैसी भाषा राजद नेता का बोलना हमें स्वीकार नहीं। गठबंधन का धर्म होता है जिसका सभी पक्षों को पालन करना चाहिए। 

दरअसल शिवानंद तिवारी ने रविवार को कहा था, ”जब बिहार में चुनाव अपने पूरे शबाब पर था, तब राहुल गांधी शिमला में प्रियंका गांधी के फार्म हाउस पर पिकनिक मना रहे थे।” इसके साथ ही, उन्होंने यह भी कहा कि बिहार चुनाव में प्रियंका गांधी ने कोई रैली नहीं की और ऐसे लोगों को प्रचार के लिए भेजा गया, जिन्हें यहां के बारे में कुछ पता ही नहीं था।

शिवानंद तिवारी के बयान पर गिरिराज सिंह ने ट्वीट करते हुए राहुल गांधी पर तंज कसा। गिरिराज सिंह ने ट्वीट किया, ”राहुल गांधी जी के बारे में बिहार में महागठबंधन के सहयोगी पार्टी आरजेडी के वरिष्ठ नेता शिवानंद तिवारी कहते हैं कि राहुल गांधी नॉन सीरीयस पर्यटक राजनेता है। शिवानंद जी तो राहुल जी को ओबामा से ज्यादा जानने लगे हैं। फिर भी कांग्रेस चुप क्यों है?”

हाल ही में पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने अपनी किताब ‘ए प्रॉमिस्ड लैंड’ ने राहुल गांधी को नर्वस कहा था। राहुल गांधी के बारे में बराक ओबामा का कहा था कि उनमें एक ऐसे ‘घबराए’ हुए और अनगढ़ छात्र के गुण हैं जिसने अपना पूरा पाठ्यक्रम पूरा कर लिया है और वह अपने शिक्षक को प्रभावित करने की चाहत रखता है लेकिन उसमें ‘विषय’ में महारत हासिल करने की योग्यता या फिर जूनून की कमी है।

महागठबंधन को मिली करारी शिकस्त के बाद अब नेताओं ने एक दूसरे पर तानाकशी शुरू कर दी है। हार का ठीकरा कांग्रेस के सर फोड़ा गया है। अब देखना ये होगा कि तेजस्वी यादव और राहुल गांधी इन समस्याओं से कैसे निपटेंगे। महागठबंधन इन आपसी मतभेदों से उबर पाएगा या यूं ही पलटवार की श्रृंखला चलती जाएगी।

Share This Post