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कहीं हाथ मलते न रह जाए चीन, ताइवानी सैनिकों को चुपके से ट्रेनिंग दे रहा अमेरिका

अमेरिकी सुरक्षा अधिकारी ने बताया है कि अमेरिकी स्पेशल ऑपरेशनल फोर्सेज महीनों से ताइवान के सैनिकों को चुपचाप ट्रेनिंग दे रहे हैं और इससे चीन का गुस्सा बढ़ रहा है। वॉल स्ट्रीट जर्नल से बात करते हुए एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया है कि करीब 20 स्पेशल ऑपरेशन और पारंपरिक फोर्सेज महीनों से ताइवानी सैनिकों को प्रशिक्षण दे रहे हैं।

पेंटागन के प्रवक्ता जॉन सप्पल ने मामले को लेकर कहा है कि ताइवान को हमारा समर्थन है। हम ताइवान के साथ रिपब्लिक ऑफ चाइना के खतरे के खिलाफ हैं। हम बीजिंग से सभी मतभेदों के शांतिपूर्ण समाधान का आग्रह करते हैं।

ताइवान की राष्ट्रपति साई इंग-वेन ने कहा है कि एक उचित कारण हमेश से समर्थन आकर्षित करता है। हम अपनी राष्ट्रीय संप्रभुता और अपने लोगों की रक्षा के साथ ही क्षेत्रीय शांति बनाने के लिए हर संभव कोशिश कर रहे हैं। हम वह सब कर रहे हैं जो कि हम कर सकते हैं। हम साथ काम करने वाले समान विचारधारा वाले देशों की सराहना करते हैं। 

अमेरिका ताइवान को कई तरह के हथियार एक्सपोर्ट करता है जिसमें लड़ाकू जेट और मिसाइल शामिल हैं। अमेरिका ताइवान की रखा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जाहिर करता रहा है। अमेरिकी विदेश विभाग ने ताइवान को लेकर चीनी गतिविधियों को उत्तेजक और अस्थिर करने वाला बताया है।

हालिया दिनों में चीनी सेना ने ताइवान की ओर अपनी गतिविधियों को तेज कर दिया है। समुद्री हमले के अभ्यास का आयोजन किया है और कई बार ताइवान हवाई क्षेत्रों में लड़ाकू विमान भेजे हैं। पिछले एक हफ्ते में चीन द्वारा करीब 150 लड़ाकू विमान भेजे जाने के बाद दोनों देशों के बीच सैन्य तनाव उच्चतम स्तर पर है।

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