पटना बिहार

आरा-पटना सेक्स कांड के आरोपी विधायक अरुण यादव की पटना और आरा की 10 एकर जमीन व मकान होगी जब्त

भोजपुर व पटना के चर्चित सेक्स (रेप) कांड में फरार चल रहे संदेश विधायक अरुण यादव पर शिकंजा अब पूरी तरह कस गया है। पुलिस-प्रशासन की टीम विधायक की करीब 12 करोड़ रुपये से अधिक की अचल संपत्ति (जमीन व मकान) जब्त करने में जुटी है। भोजपुर के अगिआंव अंचल की करीब साढ़े पांच एकड़ जमीन पर कब्जा करने के बाद प्रशासन की नजर विधायक की आरा व पटना की जमीन पर टिक गयी है। 

अब विधायक की पटना व आरा की करीब दस एकड़ जमीन पर कब्जा करने की तैयारी चल रही है। जमीन चिह्नित भी कर ली गयी है। जल्द ही इन दोनों जगहों की जमीन पर भी प्रशासन अपना बोर्ड लगा देगा। साथ ही विधायक की संपत्ति की जांच व अटैच करने की कार्रवाई भी शुरू की जा रही है। इसके लिए आर्थिक अपराध इकाई को पत्र लिखा गया है। भोजपुर एसपी सुशील कुमार ने प्रेस कांफ्रेंस कर इस आशय की जानकारी दी। 

उन्होंने बताया कि कोर्ट के आदेश पर फरार संदेश विधायक अरुण यादव की अचल संपत्ति जब्त करने की कार्रवाई की जा रही है। इसके लिए विधायक की करीब 15 एकड़ जमीन चिह्नित की गयी है। इसमें सोमवार को अगिआंव अंचल के विभिन्न मौजा में 19 प्लॉट की 5 एकड़ 66 डिसमिल जमीन पर बोर्ड लगा दिया गया है। अब आरा व पटना की करीब दस एकड़ जमीन पर कब्जा करने की तैयारी चल यही है। दोनों जगहों पर स्थित विधायक की जमीन को चिह्नित कर लिया गया है। इसमें पटना के पाटलिपुत्र में खरीदी गयी सवा 3 कट्ठा जमीन भी शामिल है। इस जमीन की कीमत करीब तीन करोड़ 71 लाख 50 हजार आंकी गई है। उस जमीन को जब्त करने के लिए पत्र भेजकर पटना के डीएम से अनुमति मांगी गयी है। जल्द ही उस जमीन पर भी कब्जा कर 
लिया जायेगा।

संपत्ति की जांच करेगी आर्थिक अपराध इकाई
एसपी ने बताया कि अरुण यादव के खिलाफ रंगदारी, हत्या व गबन के करीब 10 मामले हैं। इसे लेकर उनकी संपत्ति की प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग (अपराध जनित संपत्ति अर्जित) के तहत जांच करायी जायेगी ताकि यह पता चल सके कि यह संपत्ति अपराध के जरिए तो जमा नहीं की गयी है। इसे लेकर आर्थिक अपराध इकाई पटना को प्रस्ताव भेजा गया है। संदेश के विधायक अरुण यादव के खातों पर भी रोक लगा दी गयी है। साथ ही उनके तीन खातों में जमा करीब 15 लाख रुपये भी फ्रीज कर दिये गये हैं। एसपी ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर 22 सितंबर को लसाढ़ी स्थित विधायक के पैतृक घर की कुर्की-जब्ती की गई थी। 

हाजिर नहीं होने पर विधायक पर दर्ज करायी गयी प्राथमिकी
कोर्ट के आदेश के बावजूद विधायक अरुण यादव हाजिर नहीं हो सके। इस सिलसिले में उनके खिलाफ प्राथमिकी भी दर्ज करायी जा चुकी है। एसपी ने बताया कि सरेंडर नहीं करने व गिरफ्तारी नहीं होने  की स्थिति में कोर्ट के आदेश पर 18 सितंबर 2019 को इश्तेहार का तामिला कराया गया था। इसके बाद भी विधायक हाजिर नहीं हो सके। तब कोर्ट के आदेश के उल्लंघन को ले 7 नवंबर 2019 को आरा नगर थाना कांड संख्या 566 /19 के तहत प्राथमिकी दर्ज करायी गयी है।

किशोरी से रेप में नौ माह से फरार चल रहे विधायक
चर्चित रेप कांड में नाम आने व कोर्ट से गिरफ्तारी वारंट जारी होने के करीब नौ माह बाद भी संदेश के विधायक अरुण यादव फरार चल रहे हैं। भोजपुर व पटना पुलिस की तमाम छापेमारी के बाद वे पकड़ में नहीं आ सके हैं। कोर्ट में सरेंडर भी नहीं कर सके। इसे देखते हुए उनकी चल व अचल संपत्ति कुर्क कर ली गयी। एसपी सुशील कुमार ने मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बताया कि 19 जुलाई, 2019 को नगर थाने में सेक्स कांड को ले प्राथमिकी दर्ज करायी गयी थी।

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