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बिहार

राज्यसभा में हरिवंश जी पर हमला संसद और बिहार का अपमान : आरसीपी

जदयू सांसद रामचंद्र प्रसाद सिंह (आरसीपी) ने कहा कि राज्यसभा में पिछले दो दिनों में जो कुछ हुआ है, उसे संसदीय परंपरा में कभी भी स्वीकार नहीं किया जा सकता है। उप सभापति के चेयर के पास पहुंच कर उन पर हमला किया गया, उसने संवैधानिक मर्यादाओं को तार-तार किया है। 

उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में विरोध के स्वर कभी भी अस्वीकार्य नहीं होते, लेकिन विरोध जब अराजकता में बदल जाए तो उसका प्रतिकार करना जरूरी हो जाता है। उप सभापति की कुर्सी पर बैठे हरिवंश जी पर हमला विपक्ष की इसी अराजक सोच का परिणाम है।

आरसीपी सिंह ने राज्यसभा में हुई घटना की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए कहा कि उपसभापति पर हमला संसद का अपमान है। यह पूरे बिहार का अपमान है। बिहार समेत पूरी हिंदी पट्टी में हरिवंश जी हिंदी पत्रकारिता की धुरी रहे हैं। उन्हें लोगों का प्रेम हासिल है। ऐसे सभ्य व शालीन व्यक्ति के ऊपर इस प्रकार का हमला असहनीय है। आज पूरा बिहार व जनता दल यूनाइटेड परिवार लोकतंत्र के मंदिर और बुद्धिजीवियों का हाउस माने जाने वाले उच्च सदन में विपक्ष की ओर से की गई इस प्रकार की नीच हरकत से आक्रोशित है। हम कतई बर्दाश्त नहीं कर सकते हैं कि बिहार के बेटे का इस प्रकार से अपमान किया जाए। जवाब हम भी दे सकते थे, लेकिन लोकतांत्रिक मर्यादाओं ने हमारे हाथ बांध दिए हैं।

सांसद ने कहा कि राज्यसभा में रविवार को कृषि बिल पर चर्चा चल रही थी। जयराम रमेश व डेरेक ओ ब्रायन उप सभापति की कुर्सी के पास तक पहुंच गए। डेरेक ओ ब्रायन तो उप सभापति की तरफ जिस प्रकार से बढ़े, उसे देखकर लगा कि कुछ भी हो सकता था। वहां मौजूद मार्शल ने उन्हें रोका तो रूल बुक को फाड़ दिया। उप सभापति को चांटा दिखाया। यह अमर्यादित आचरण किसी भी तरह से संसदीय लोकतंत्र में उचित नहीं ठहराया जा सकता है। हरिवंश जी व बिहार का जिस प्रकार का अपमान रविवार को हुआ, इसका जवाब तो कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, आप, राजद व अन्य विपक्षी दलों को देना ही होगा।

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Kunal Raj
Editor-In-Chief l Software Engineer l Digital Marketer