समस्तीपुर

बिहार विधानसभा चुनाव 2020 : सरायरंजन सीट में जदयू हैट्रिक की तैयारी में, वापसी को राजद बेताब

समस्तीपुर जिले में इस बार एनडीए के लिए सर्वाधिक प्रतिष्ठित सीट सरायरंजन में चुनावी महासंग्राम रोमांचक होगा। बिहार विधानसभा के अध्यक्ष विजय कुमार चौधरी की सीट होने के कारण जहां जदयू के सामने सीट बचाने की चुनौती है, वहीं प्रमुख विपक्षी दल राजद यहां अपनी वापसी की जद्दोजहद में है। विजय कुमार चौधरी के पास इस सीट से लगातार तीसरी जीत दर्ज कर हैट्रिक बनाने का मौका है। और यदि ऐसा हुआ तो एक रिकार्ड भी होगा। अभी तक सरायरंजन से लगातार तीसरी जीत किसी भी प्रत्याशी को नहीं हुई है। दीगर बात यह है कि इस क्षेत्र ने रामविलास मिश्र को पांच बार अलग-अलग चुनावों में अपना विधायक जरूर चुना है। फिलहाल प्रत्याशियों की घोषणा नहीं होने से अभी सारी राजनीतिक सरगर्मी अंदरखाने में हैं। हालांकि चुनावी रणबांकुर वोटरों की नब्ज जरूर टटोल रहे हैं।  

2015 में इस सीट पर विजय कुमार चौधरी को जहां भाजपा प्रत्याशी से मुकाबला करना पड़ा था वहीं इस बार सामने महागठबंधन का लड़ाका होगा। हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि राजद किसे अपना उम्मीदवार बनाएगा। राजद की उम्मीदवारी के लिए पार्टी के कई नेता पटना-दिल्ली की दौड़ लगा रहे हैं। इसमें कई पुराने नेता शामिल हैं। महागठबंधन के घटक रालोसपा और वीआईपी के नेताओं की भी इस सीट पर नजर है। ऐसे में महागठबंधन में सीट बंटवारा के बाद ही वोटरों के सामने स्थिति स्पष्ट होगी। फिलहाल राजनीतिक गलियारे में अभी चर्चा यही है कि राजद इस सीट को अपने पास ही रखने के जतन में है। यहां से पूर्व में भी उसके विधायक रह चुके हैं।
 सरायरंजन के ननरघोघी में मेडिकल कॉलज व इंजीनियरिंग कॉलेज की स्थापना कराने में अहम भूमिका से वर्तमान विधायक की अलग साख बनी है। एनडीए कार्यकर्ता सरकार की कई योजनाओं को वोटरों के बीच मजबूती से रख रहे हैं। वहीं विपक्षी दल भी अपनी पोटली में जनता की उन समस्याओं को जमा कर रहे जिस पर वे चुनावी मंच से प्रतिद्वंद्वी को घेर सके।

वोटरों को तीन बार मंत्री मिले, एक बार विस अध्यक्ष

सरायरंजन विधानसभा क्षेत्र से अब तक विधायक बनने वाले तीन नेता राज्य सरकार के मंत्रिमंडल में शामिल हो चुके हैं। इस विधानसभा क्षेत्र से सबसे पहले रामविलास मिश्र मंत्री बने। उनके बाद रामाश्रय सहनी ने मंत्री का ताज हासिल किया। इन दोनों के बाद 2010 में विधायक बनने पर विजय कुमार चौधरी ने जल संसाधन मंत्री के रूप में काम किया। जबकि 2015 के चुनाव में जीत हासिल करने के बाद बिहार विधानसभा के अध्यक्ष के पद पर विराजमान हुए।

समाजवादी पृष्ठभूमि के ज्यादातर लड़ाकों को मिली जीत

इस विधानसभा क्षेत्र में 1967 से अबतक समाजवादी पृष्ठभूमि के राजनेता ही चुनावी पताका लहराते आ रहे हैं। बीच में एक बार 1985 में कांग्रेस को और 1972 में जनसंघ को सफलता मिली। 1977 के आम चुनाव में जनसंघ पृष्ठुभूमि के नेता यशोदानंद सिंह ने जनता पार्टी के उम्मीदवार के रूप में जीत हासिल की। इन अवसरों को छोड़कर हर बार समाजवादी नेता को ही जीत नसीब होती आ रही है।  

सरायरंजन विधानसभा
कुल प्रखंड : 02 : सरायरंजन व विद्यापतिनगर
कुल बूथों की संख्या : 269
कुल वोटर : 2,75,773
पुरूष वोटर : 1,46,792
महिला वोटर : 1, 28, 981
थर्ड जेंडर : 05

अब तक के विधायक
वर्ष    विजेता पार्टी
1967 रामविलास मिश्र एसएसपी
1969 रामविलास मिश्र एसएसपी
1972 चंदेश्वर प्रसाद बीआईएस
1977 यशोदानंद सिंह जनता पार्टी
1980 रामविलास मिश्र जनता पार्टी
1985 रामाश्रय इस्सर कांग्रेस
1990 रामविलास मिश्र जनता दल
1995 रामविलास मिश्र जनता दल
2000 रामाश्रय सहनी राजद
2005 (फरवरी) रामचन्द्र सहनी राजद
2005 (अक्टूबर) रामचन्द्र सहनी राजद
2010 विजय कुमार चौधरी जदयू
2015 विजय कुमार चौधरी जदयू

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