Voting in Bihar
बिहार विधानसभा चुनाव 2020

Bihar Chunav 2020 Phase 2 Polling: : राेजगार और युवराज लेकर भ्रष्टाचार व महंगाई जैसे मुद्दों के बीच वोटिंग

बिहार में दूसरे चरण के लिए मतदान शुरू हो गया है। यह दूसरा पड़ाव सत्ता संग्राम का अहम पड़ाव है। सबसे अधिक सीटों पर मतदान होने के कारण इस चरण में सभी दलों ने पहले की तुलना में ज्यादा ताकत झोंकी है। मुद्दों पर महासमर छिड़ गया है। पीएम से लेकर सीएम तक और नेता प्रतिपक्ष से उम्मीदवारों तक हमलावर रहे हैं। एनडीए ने जंगलराज, परिवारवाद, सुशासन और विकास को मोहरा बनाया है। वहीं महागठबंधन ने कमाई, पढ़ाई, दवाई, सिंचाई और महंगाई को हथियार बनाया है। अब मतदाता तय करेंगे कि किसके वायदों और दावों में कितना दम है। मुद्दे जो छाए रहे ..

डबल युवराज व जंगलराज 
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने भाषण में राजद शासन के 15 सालों पर जमकर प्रहार किया। उस दौर को जंगलराज तथा तेजस्वी यादव को इसका युवराज बताया। राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि बिहार में भी डबल युवराज का वही हश्र होगा, जो उत्तर प्रदेश चुनाव में हुआ था। एकतरफ डबल इंजन की सरकार है तो दूसरी और डबल युवराज हैं। बेनामी संपत्ति को भी उन्होंने मुद्दा बनाया। कहा कि एनडीए का प्रयास गरीबों के पक्के मकान बनाने की है तो विपक्ष की चिंता अपनी संपत्ति छिपाने की है। दूसरे चरण के चुनाव जहां पर हैं, वहां पर पांच जनसभाओं को प्रधानमंत्री ने संबोधित किया। 

रोजगार 
राजद नेता तेजस्वी यादव ने घोषणा की कि उनकी सरकार बनी तो दस लाख को नौकरी देंगे। इसके बाद से यह मुद्दा केंद्र में आया और सभी ने अपनी प्रतिक्रियाएं इसपर दी। इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राजद को आड़े हाथों लिया और कहा कि उनलोगों के शासन में 15 सालों में सिर्फ 95 हजार नौकरियां मिली, जबकि एनडीए शासन में छह लाख से अधिक नौकरी इतनी ही अवधि में दिये गये। यह भी कहा कि दस लाख की नौकरी देने की विपक्ष की बात हवा-हवाई है। इतनी नौकरी देने के लिए सालाना 1.44 लाख करोड़ की आवश्यकता होगी। इसको लेकर उनलोगों ने कुछ सोचा नहीं है। बस, ऐसे ही बोल दिया है। हालांकि इसको लेकर फिर तेजस्वी यादव ने पलटवार किया कि वे इतनी नौकरी देकर दिखाएंगे। इस मुद्दे पर कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा है कि बिहार के श्रमिक पूरे देश में काम करते हैं, पर यहीं पर उन्हें रोजगार नहीं मिलता है। महागठबंधन की सरकार बनी तो सभी को यहां रोजगार देंगे। 

विकास, बेरोजगारी और अपराध 
विकास और अपराध का मुद्दा भी छाया रहा। मुख्यमंत्री ने कहा है कि पिछले 15 सालों में बिहार का काफी विकास हुआ और अगली बार मौका मिला तो इसे विकसित राज्य बनाएंगे। हर घर में बिजली पहुंची। सड़कों का जाल बिछा है। अब हर शहर और बड़े बाजार के पास बाइपास बनाएंगे। बाइपास के लिए जगह नहीं मिली तो वहां ऊपरी पुल बनाएंगे। एक-एक युवा को तकनीकी प्रशिक्षण देंगे, ताकि बेहतर रोजगार उन्हें मिल सके। रोजगार के लिए किसी को मजबूरी में बिहार से बाहर जाने की जरूरत नहीं होगी। वहीं वर्ष 2005 के पहले राज्य में अपराध चरम पर था। अपहरण एक उद्योग बना हुआ था। शाम होने के बाद घरों से निकलने में लोग घबराते थे। अगर, फिर उनलोगों की सरकार बनी तो व्यापारी यहां से भागने लगेंगे। वहीं तेजस्वी यादव ने इसपर जवाब दिया है कि पिछले 15 सालों में शिक्षा व्यवस्था चौपट हो गई है। बेरोजगारी चरम पर है। 

शराबबंदी व महंगाई 
शराबबंदी को पक्ष और विपक्ष दोनों ने ही मुद्दा बनाया है। सत्तापक्ष ने कहा कि इससे राज्य में गरीबों के जीवन में खुशहाली आई है। महिला के प्रति होने वाली हिंसा में काफी कमी आई है। मुख्यमंत्री ने कहा है कि महिलाओं के कहने पर ही उन्होंने शराबबंदी की है। शराब का महिलाओं के जीवन पर काफी खराब असर था। वहीं विपक्ष ने कहा है कि राज्य में शराबबंदी का माखौल उड़ रहा है। अवैध शराब की धड़ल्ले से बिक्री हो रही है। इस संबंध में लोजपा प्रमुख चिराग पासवान ने भी सरकार को आड़े हाथों लिया है। कहा है कि शराब की तस्करी व्यापक स्तर पर हो रही है। उनकी सरकार बनेगी तो शराबबंदी को और सख्ती से लागू की जाएगी। 

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