पटना बिहार

Bihar: हड़ताल पर सफाईकर्मी, सड़कों और गलियों में कूड़े का लगा ढेर, संक्रामक बीमारियों का बढ़ा खतरा

पटना सहित बिहार के निकायों में सोमवार को भी सफाई नहीं हुई। रविवार को हुई सफाई कर्मचारी यूनियन और विभाग के बीच हुई वार्ता विफल रही। इसके बाद सफाई मजदूरों ने हड़ताल जारी रखने का ऐलान किया है। 

सोवमार को भी पटना की सड़कों पर कूड़ा पसरा रहा। बिहार लोकल बॉडिज कर्मचारी संयुक्त संघर्ष मोर्चा के अध्यक्ष चंद्र प्रकाश सिंह ने कहा कि नगर निकाय कर्मियों की 12 सूत्री लंबित मांगों पर प्रधान सचिव नगर विकास एवं आवास विभाग द्वारा गठित तीन सदस्यीय समिति के साथ रविवार को हुई वार्ता में कोई हल नहीं निकल सका। ऐसी स्थिति में बिहार के नगर निकायों में चल रही अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी रहेगी।

केवल पटना की बात करें तो करीब छह हजार कर्मियों की हड़ताल पर गए छह दिन हो गए हैं। शहर के सभी बाजार कचरे से पट गए हैं। निगम के पास कारगर वैकल्पिक व्यवस्था न होने से निगम के पदाधिकारी भी लाचार हो चुके हैं। आउटसोर्स पर कार्यरत कर्मियों में ज्यादातर चालक हैं। उनपर कड़ाई कर सीमित संख्या में कचरा वाहन सड़क पर निकलवा तो रहे हैं पर उससे लाभ नहीं हो रहा है। खास क्षेत्रों में कूड़ा उठ रहा पर अधिकतर क्षेत्रों में कचरे का अंबार लगा है। नूतन राजधानी अंचल के खास क्षेत्रों में किसी तरह कचरा उठ रहा है पर अन्य कॉलोनियों और मोहल्लों में निगम के वाहन नहीं दिख रहे हैं। शहर के 90 फीसदी क्षेत्र में गंदगी व कचरे का अंबार लगे होने से बीमारियों की संभावना बढ़ गई है। हथुआ मार्केट, खेतान मार्केट, पटना मार्केट, मुसल्लहपुर हाट, शहर के सभी सब्जी मंडी, कंकड़बाग सब्जी मंडी का तो सबसे बुरा हाल हैं। सार्वजनिक स्थलों से कूड़ा फैला है।

हड़तालकर्मी गैंग बना घूम रहे रात में

हड़ताली कर्मियों का दल 20 से 25 की संख्या में दो पहिया वाहन से गैंग बनाकर रात में घूम रहे हैं। ऐसा इसलिए कि कहीं नगर निगम आउटसोर्स कर्मियों की मदद से कूड़ा तो नहीं उठवा रहा है। जहां कूड़ा उठते हुए देखते हैं वहां कर्मियों को डराते और धमकाते हैं। जिससे आउटसोर्स कर्मी डर से निगम की सख्ती के बावजूद काम पर नहीं आ रहे हैं। उनका कहना है कि निगम पुलिस फोर्स उपलब्ध कराए तभी बिना डर के काम हो सकता है। हालांकि निगम की मांग के बावजूद पर्याप्त फोर्स नहीं मिलने से स्थिति यथावत बनी हुई है। वहीं निगम ने अभी तक 35 अज्ञात और सात नामजद दैनिक मजदूरों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करायी है लेकिन उनपर अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। हालांकि नगर आयुक्त के स्तर से पांच कर्मियों को कार्यमुक्त भी किया गया है। 

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