बिहार विधानसभा चुनाव 2020 समस्तीपुर

Bihar Election 2020: समस्तीपुर में भाजपा कार्यकर्ताओं की पार्टी विरोधी बैठक से शीर्ष नेतृत्व नाराज

समस्तीपुर : सीट शेयरिंग में समस्तीपुर विधानसभा की सीट जेडीयू के खाते में चले जाने के बाद से यहां के बीजेपी कार्यकर्ताओं ने बगावत का बिगुल फूंक दिया है। जिले से तमाम बीजेपी कार्यकर्ताओं की एक बैठक में यह निर्णय लिया गया है कि भले ही एनडीए की तरफ से जेडीयू की प्रत्याशी अश्वमेघ देवी को घोषित किया है लेकिन समस्तीपुर से बीजेपी के प्रांतीय नेता मनोज गुप्ता निर्दलीय चुनाव लड़ेंगे और उन्हें पार्टी के कार्यकर्ता अपना समर्थन देंगे। गौरतलब है कि पिछले विधानसभा चुनाव में समस्तीपुर की सीट बीजेपी के जिम्मे थी लेकिन उनका उम्मीदवार रेणु कुशवाहा हार गई थी। काफी अरसे से समस्तीपुर सीट के लिए बीजेपी के तीन बड़े नेता पूर्व जिलाध्यक्ष रामसुमरन सिंह,सरायरंजन से पूर्व बीजेपी प्रत्याशी रंजीत निर्गुणी और बीजेपी किसान मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष मनोज गुप्ता इलाके में काफी मिहनत कर रहे थे।प्राकृतिक आपदाओं खासकर कोरोना काल मे भी इन नेताओ ने जरूरतमंद लोगों की खूब मदद ही नही की थी बल्कि बीजेपी के विकास कार्यों को भी जमीनी स्तर तक पहुंचाने की कोशिश की थी।लेकिन अचानक यह सीट जेडीयू को चले जाने से कार्यकर्ताओं में उबाल आ गया और एक बड़ा बैठक कर इन तीनों नेताओं की सहमति से मनोज गुप्ता को निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर चुनाव मैदान में उतारने का फैसला लिया गया। बैठक में यह कहा गया कि जब बीजेपी में इतने प्रभावशाली और समर्पित नेता मौजूद थे तब किन वजहों से जेडीयू के एक बाहरी उम्मीदवार को टिकट दे दिया गया। हालांकि बैठक में यह भी संकल्प दुहराया गया कि सभी बीजेपी में ही बने रहेंगे और जीत के बाद ये बीजेपी सरकार बनाने में ही साथ देंगे।इशारों इशारों में इन नेताओं ने समस्तीपुर के दो मठाधीश बीजेपी के केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानन्द राय और जेडीयू से विधानसभा अध्यक्ष विजय चौधरी की वजह से ही जिला मुख्यालय की यह सीट बीजेपी को नही दिए जाने का आरोप लगाया है।

सूत्रों की मानें तो कल के बैठक की जानकारी जब पार्टी आलाकमान को गयी तो उन्होंने इसपर काफी नाराजगी जतायी है। भाजपा के एक बारे नेता ने समाचार 9 से फोन पर बात करते हुए कहा की भाजपा का हर कार्यकर्त्ता अपने अपने छेत्र में संगठन के लिए जी तोर कार्य किया और करता आया है इसलिए आज हम विश्व की सबसे बड़ी पार्टी बने हैं। चुकी बिहार में बस 243 विधानसभा सीटें हैं और कार्यकर्त्ता बहोत हैं और हर कोई दावेदार है इसलिए ये संभव नहीं है की सभी को टिकट दिया जा सके और ये सिर्फ बिहार या समस्तीपुर में नहीं पुरे भारत में लागू होता है। इसलिए मेरा मानना है की कार्यकर्ताओं को हताश नहीं होना चाहिए भाजपा अपने कार्यकर्त्ता का ध्यान रखती है और समय आने पर सभी कार्यकर्त्ता के साथ पार्टी मजबूती से खरा रहेगी।

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