Nitish Kumar
बिहार

बिहार में नहीं लगेगा लॉकडाउन, कोरोना से मरने वालों की अंत्येष्टि का खर्चा उठाएगी राज्य सरकार

बिहार में कोरोना संक्रमितों की मृत्यु के बाद अंतिम संस्कार सरकारी खर्चे पर किया जाएगा। इसके साथ ही, कोविड निगेटिव लेकिन लक्षणों वाले मृत मरीजों का भी अंतिम संस्कार सरकारी खर्च पर होगा। विकास आयुक्त आमीर सुबहानी ने बुधवार को क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप की बैठक के बाद ऑनलाइन प्रेस कांफ्रेंस में ये जानकारी दी। आमिर सुबहानी ने कहा कि जिला प्रशासन को इसके निर्देश दिए गए हैं। इसके लिए नगर विकास विभाग और ग्रामीण विकास के पदाधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। नगरीय क्षेत्र में नगर विकास के पदाधिकारी और ग्रामीण क्षेत्र में बीडीओ इसके लिए प्रबंध करेंगे। 

सुबहानी ने बताया कि बैठक में निर्णय लिया गया है कि कोरोना से बचाव के लिए माइकिंग से प्रचार के दौरान आमलोगों को उस क्षेत्र में कोरोना संक्रमितों की संख्या की भी जानकारी दी जाएगी। लोगों को बताया जाएगा कि वे कोरोना से बचाव करें और उस इलाके में इतने व्यक्ति कोरोना संक्रमित हो चुके हैं। राज्य के ग्रामीण इलाकों में सभी जिलों में कोरोना के प्रोटोकॉल के पालन किये जाने की सलाह और संक्रमितों के इलाज को लेकर तुरंत डॉक्टरों के संपर्क में आने और दिए गए सुझावों के पालन करने की जानकारी दी जा रही है। 

उन्होंने कहा कि राज्य में संक्रमण के बढ़ने के साथ ही भारत सरकार के दिशानिर्देशों के अनुसार कंटेन्मेंट जोन की संख्या बढ़ाई जाएगी। इन कंटेन्मेंट जोन के निर्माण को लेकर जिला प्रशासन कार्य करेगा। आमिर सुबहानी ने कहा की राज्य में तीन लाख सक्रिय मरीजों का अनुमान करते हुए सभी अस्पतालों में बेड की संख्या बढ़ाई जाएगी। इसके साथ ही, ऑक्सीजन कंस्ट्रेटर, ऑक्सीजन बेड, वेंटिलेटर इत्यादि की सुविधा बढ़ायी जाएगी। उन्होंने बताया कि कोरोना जांच की संख्या को बढ़ाया जाएगा। 

इसके साथ ही सभी वेंटिलेटर को चालू करने का निर्देश दिया गया है। स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रसाशन मिलकर कार्य करेंगे। आरटीपीसीआर मशीन की खरीद की जाएगी। रेमेडिसिवर, जरूरतमंद मरीजों को मिल जाये इसे भी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है। सुबहानी ने बताया कि राज्य में एंबुलेंस की व्यवस्था किराए पर लेकर की जाएगी। ताकि मरीजों को परेशानी नही हो। 

डॉक्टरों और पैरा मेडिकल्स की एक वर्ष के लिये होगी बहाली
सुबहानी ने कहा कि तीन लाख कोरोना के सक्रिय मरीजों का ही अनुमान कर के राज्य में डॉक्टरों और पारा मेडिकल्स, नर्सेज, लैब टेक्नीशियन और अन्य कर्मियों की जरूरत के हिसाब से एक वर्ष के लिए बहाली संविदा के आधार पर की जाएगी। इन्हें एक वर्ष के कार्य अनुभव का प्रमाण पत्र भी दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि डॉक्टरों में एलोपैथिक, आयुष और डेंटल डॉक्टरों को भी शामिल किया जाएगा। उन्होंने कहा कि डेंटल डॉक्टरों को भी सामान्य चिकित्सा की जानकारी दी जाती है। 

कोरोना लक्षण वाले मरीजों का भी इलाज होगा
उन्होंने बताया कि अस्पतालों में कोरोना निगेटिव होने के बावजूद कोरोना के लक्षण वाले मरीजों के इलाज की सुविधा होगी। स्वास्थ्य विभाग को इस संबंध में कार्रवाई के लिए कहा गया है। 

डॉक्टरों की सुरक्षा की होगी व्यवस्था 
उन्होंने कहा कि अस्पतालों में कोरोना मरीजों के ईलाज में लगें डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा की व्यवस्था की जाएगी। इसके लिए जिला पदाधिकारी के स्तर पर कार्रवाई की जाएगी। 

गुरुवार से रहेंगी ये पाबंदियां
दुकानें शाम 6 की बजाए 4 बजे बंद हो जाएंगी
रात्रि कर्फ्यू अब शाम 6 बजे से सुबह के 6 बजे तक रहेगा (पहले रात 9 से सुबह 6 बजे तक था)
विवाह समारोह में 50 और अंतिम संस्कार में 20 व्यक्ति तक शामिल हो सकते हैं (विवाद समारोह के लिए रात्रि कर्फ्यू 10 बजे से प्रभावी होगा)
विवाह समारोह में डीजे बजाने पर पूरी तरह से प्रतिबंध होगा
जिला प्रशासन क्षेत्रवार दुकानों को खोलने का आदेश दे सकता है
सरकारी और गैर सरकारी कार्यालय 25 प्रतिशत उपस्थिति के साथ काम करेंगे (आवश्यक सेवाओं से संबंधित कार्यालयों को छोड़कर)
सरकारी और गैर सरकारी सभी कार्यालय शाम 4 बजे बंद हो जाएंगे
जिला प्रशासन तय करेगा कंटेनमेंट जोन, यहां इन प्रतिबंधों के अलावा सब्जी, फल, मांस, मछली, किराना एवं दवा दुकानों को छोड़कर अन्य दुकानों को बंद करने के लिए सक्षम होंगे

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