बिहार

बिहार की आईटी नीति 15 दिनों में, उद्योगों को मिलेगी बड़ी तकनीकी मदद

बिहार के निवेश आयुक्त सह बियाडा (बिहार औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकार) के प्रबंध निदेशक आरएस श्रीवास्तव ने कहा है कि प्राधिकार अगले 15 दिनों में राज्य की नई आईटी आधारभूत संरचना नीति लाने जा रहा है। कैबिनेट की मंजूरी के लिए इस नीति का मसौदा तैयार है।

 इसे उद्योग और व्यवसाय संगठनों के पास रायशुमारी के लिए भेजा जा रहा है। श्री श्रीवास्तव शुक्रवार को ‘नई परिस्थितियों में उद्योग और कारोबार’ विषय पर आपके अपने अखबार ‘हिन्दुस्तान’ द्वारा आयोजित ई-संवाद में बोल रहे थे। इस मौके पर कोरोना को लेकर उद्योग और कारोबार क्षेत्र के सामने आ रही चुनौतियों पर इस क्षेत्र के शीर्ष लोगों के साथ गहन मंथन चला।

निवेश आयुक्त ने कहा कि पूरी दुनियां की तरह बिहार के सामने भी चुनौतियां हैं। मगर, अपार संभावनाएं भी हैं। कृषि क्षेत्र में राज्य बहुत उन्नत है। कच्चे माल की प्रचुरता है। बीते सालों में सर्वाधिक निवेश खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में आया है। उन्होंने कहा कि बिहार के युवा तकनीक के मामले में किसी भी रूप में बैंगलौर या दूसरे स्थानों से कम नहीं हैं। 

बिहार की अष्ट कला नामक संस्था अपने क्षेत्र में दुनियां में दूसरे नंबर पर देखे जाने वाला वाला यू-ट्यूब चैनल चला रही है। जरूरत है कि सरकार इंटरनेट सेवाओं को विस्तारित करे। ऑप्टीकल फाइबर तेजी से बिछाई जाए। उन्होंने माना कि राज्य की जीडीपी में 60 प्रतिशत योगदान सेवा क्षेत्र का है मगर इसे बहुत प्रोत्साहन नहीं मिल सका है। इसका एक कारण सीमित संसाधन भी हैं।

नई नीति से उद्योगों को मिलेगी बड़ी तकनीकी मदद
बियाडा ने नई आईटी इंफ्रा पॉलिसी-2020 का मसौदा तैयार किया है। इससे उद्योगों को सूचना प्रौद्योगिकी खासकर टेलीकॉम क्षेत्र में तकनीक के प्रयोग में खासी मदद मिलेगी। इसमें औद्योगिक क्षेत्रों में ऑप्टीकल फाइबर बिछाने से संबंधित नियम शामिल होंगे। इसके अलावा बड़े उद्योगों के लिए स्विच लगाने संबंधी नियम भी इस नीति में होंगे। औद्योगिक क्षेत्रों में टॉवर लगाने के नियम और शर्तें भी इस नई नीति का हिस्सा होंगी। इसे इंडियन टेलीग्राफ एक्ट के प्रावधानों के तहत बनाया गया है। इसके लिए महाराष्ट्र और पंजाब की नीति का अध्ययन भी कराया गया था।

उद्योग की जमीन पर आठ प्रतिशत ब्याज का प्रस्ताव वित्त को भेजा गया  
बिहार के निवेश आयुक्त सह बियाडा के एमडी आरएस श्रीवास्तव ने कहा है कि उद्योग के लिए जमीन लेने पर लगने वाले 10 फीसदी के ब्याज को घटाकर आठ फीसदी करने का प्रस्ताव भी वित्त विभाग को भेजा गया है। इस प्रस्ताव को बियाडा की 64वीं बोर्ड बैठक में पारित किया गया था। सरकार से इसकी मंजूरी मिलने पर उद्यमियों को राहत मिलेगी। यह जानकारी उन्होंने शुक्रवार को ‘नई परिस्थितियों में उद्योग और कारोबार’ विषय पर आपके अपने अखबार हिन्दुस्तान द्वारा आयोजित ई-संवाद में एक सवाल के जवाब में दी। उन्होंने कहा कि खाद्य प्रसंस्करण उद्योग बिहार की शान हैं। अब हमें इंटरनेट क्रांति पर फोकस करना होगा।

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