Ritlal Yadav
बिहार विधानसभा चुनाव 2020

बिहार चुनाव: अपने पति की हत्या के आरोपी के खिलाफ चुनाव मैदान में BJP विधायक, अनंत सिंह के बाद RJD ने दूसरे गैंगस्टर को दिया टिकट

पटना जिले के दानापुर विधानसभा सीट पर बड़ा ही दिलचस्प मुकाबला देखने को मिल रहा है। पिछल 15 सालों से इस सीट से आशा सिन्हा विधायक हैं और इस बार उनका मुकाबला अपराध की दुनिया से राजनीति में आए राजद उम्मीदवार रीतलाल यादव से है। बता दें कि 2003 में आशा सिन्हा के पति और भाजपा नेता सत्यनारायण सिन्हा की हत्या कर दी गई थी और इस मामले में रीतलाल यादव को आरोपी बनाया गया है और अदालत में अभी यह मामला चल रहा है। अब इसे संयोग ही कहा जाएगा कि अपने पति के हत्या के आरोपी रीतलाल के खिलाफ आशा सिन्हा चुनाव मैदान में होंगी। दानापुर विधानसभा सीट पर 3 नवंबर को मतदान होगा।    

मंगलवार को रीतलाल यादव ने दानापुर विधानसभा सीट से टिकट पाने की घोषणा की और दोपहर में राजद उम्मीदवार के रूप में अपना नामांकन पत्र दाखिल किया। रीतलाल को इस साल अगस्त में जेल से रिहा किया गया था। हत्या और जबरन वसूली जैसे गंभीर 33 आपराधिक मामलों के आरोपी रीतलाल यादव राजधानी पटना से चुनाव लड़ने वाले दूसरे राजनेता हैं।

दानापुर की भाजपा विधायक आशा सिन्हा ने कहा कि रात के अंधेरे में गैंगस्टर को राजद सिंबल देता है। साथ ही वे यह सुनिश्चित करते हैं कि ऐसे उम्मीदवारों की तस्वीरें मीडिया में न दिखें। उनकी (रीतलाल यादव) उम्मीदवारी से मैं हैरान हूं। लोगों को उनसे पूछना चाहिए कि उन्होंने अपनी तीन उंगलियां कैसे खो दीं। 

2014 में हुए लोकसभा चुनाव के दौरान राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद ने रीतलाल को पार्टी का महासचिव बना दिया। इस चुनाव में लालू की बेटी मीसा भारती पाटलिपुत्र से भाजपा प्रत्याशी रामकृपाल यादव के खिलाफ चुनाव लड़ रही थीं। हालांकि मीसा ये चुनाव हार गईं थी। 

इसके बाद लालू को काफी आलोचनाओं का सामना करना पड़ा, विशेष रूप से पटना में के पास रीतलाल के गांव कोथवन में जाने के लिए और उनके पिता रामाशीष राय से आशीर्वाद लेने के लिए, जो गांव मुखिया थे। तब लालू चिंतित थे क्योंकि 25 मार्च 2014 को रीतलाल ने पाटलिपुत्र निर्वाचन क्षेत्र से निर्दलीय के रूप में नामांकन पत्र दाखिल करने की घोषणा की थी।

अपनी बेटी के लिए लालू प्रसाद को जेल में बंद गैंगस्टर रीतलाल से मोलभाव करने और उसे पार्टी का महासचिव नियुक्त करने के लिए मजबूर कर किया। बाद में 2015 के विधानसभा चुनाव में लालू द्वारा उन्हें या उनकी पत्नी को कथित रूप से टिकट दिए जाने के बाद रीतलाल लोकसभा चुनाव नहीं लड़ने के लिए सहमत हुए।

14 जून 2015 को राजद ने रीतलाल को पार्टी के महासचिव पद से हटा दिया। रीतलाल ने बिहार विधान परिषद की पटना सीट के लिए निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में नामांकन पत्र दाखिल किया, जिसे उस समय महागठबंधन में शामिल जदयू को दिया गया था। रीतलाल के समर्थकों ने उन्हें टिकट देने से इनकार करने के लिए राजद प्रमुख लालू प्रसाद के आवास के बाहर हंगामा खड़ा कर दिया था। जेल में रहते हुए रीतलाल एमएलसी बन गए। 

पटना हाईकोर्ट ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में एमएलसी रीतलाल यादव को राहत दे दी। रीतलाल यादव मनी लॉन्ड्रिंग मामले में 7 साल से अधिक का समय जेल में बीता चुके थे। रीतलाल के वकील योगेशचंद्र वर्मा ने कोर्ट को बताया कि जिन प्रावधानों के तहत उनपर मनी लॉन्ड्रिंग का मामला चल रहा है, उसकी अधिकतम सजा सात वर्ष ही है, जबकि रीतलाल 7 वर्ष से अधिक से जेल में हैं। इस कारण उन्हें रिहा किया जाना चाहिए। 

इस विधानसभा चुनाव में अपराध की दुनिया से राजनीति में कदम रखने वाले रीतलाल ऐसे दूसरे उम्मीदवार हैं जिन्हें राजद की ओर से टिकट मिला है। मोकामा से राजद ने इस बार बाहुबली अनंत सिंह को मैदान में उतारा है।

बाहुबली विधायक अनंत कुमार सिंह मोकामा विधानसभा से चार दफे लगातार जीत हासिल करने के बाद पांचवीं बार भाग्य आजमा रहें है। तीन बार जदयू, चौथी बार निर्दलीय उम्मीदवार बने और मोकामा की जनता ने इनपर भरोसा जताकर इन्हें जीत दिलाया। अबकी बार राष्ट्रीय जनता दल(राजद) के उम्मीदवार बने हैं।

बाहुबली अनंत सिंह का आपराधिक इतिहास रहा है। इनके द्वारा दिये गये शपथ पत्र के अनुसार सन 1979 में पहली बार हत्या के मामले में आरोपित हुये। इनके विरुद्ध हत्या का पहला मामला पटना जिले के बाढ़ थाने में दर्ज हुआ था। अबतक इनके खिलाफ प्रदेश के विभिन्न जिलों में कुल 38 मामले दर्ज हैं। जिनमें पटना जिले में 34,लखीसराय 2,गया और मुंगेर में एक-एक मामले दर्ज हैं। इनमें हत्या के 6 मामले शामिल हैं। कई में इनके खिलाफ आरोप सिद्ध नहीं हुआ है। विधायक बनने के पूर्व ये 12 आपराधिक मामलों के आरोपित रहे। जबकि विधायक रहने के दौरान इनपर दोगने से भी अधिक 26 केस दर्ज हुये। जिनमें 4 हत्या के अलावा हत्या का प्रयास, धमकी, अपहरण, यूएपीए एक्ट सहित अन्य संगीन मामले दर्ज हैं। 

मोकामा विधानसभा से राजद प्रत्याशी अनंत कुमार सिंह अपने शपथ में बताया है कि 2005 तक उनके पास 2 लाख रुपये नकद,15 लाख की पॉलिसी और सौ ग्राम गोल्ड था। जबकि विधायक बनने के बाद 15 सालों में कुल चल सम्पत्ति 9 करोड़ 64 लाख हो गई। जिनमें खरीदगी अचल संपत्ति का मूल्य 56 लाख है। विरासत में उन्हें 27 लाख 50 हजार की सम्पत्ति मिली। उनपर सरकारी बकाया 7 लाख 59 हजार है। जबकि 40 लाख रुपये का बैंक का कर्ज है। 

जदयू के प्रदेश प्रवक्ता संजय सिंह ने कहा, राजद नेता तेजस्वी प्रसाद यादव बिहार को बदलने की बात करते हैं। इतनी बड़ी संख्या में अपराधियों को टिकट देकर पार्टी किस तरह का संदेश दे रही है। वहीं राजद के प्रदेश प्रवक्ता मृत्युंजय यादव ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि कांच के घरों में बैठे लोगों को दूसरे पर पत्थर नहीं फेंकना चाहिए।

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