समस्तीपुर

समस्तीपुर जिले के 60 मज़दूरों को बस से हरियाणा ले गया दलाल

प्रवासी मजदूरों को स्थानीय स्तर पर काम देने का प्रशासन व सरकार के दावे की रविवार को सिंघिया में पोल खुल गयी। स्थानीय स्तर पर काम नहीं मिलने के कारण रविवार सुबह करीब 60 मजदूर बस से हरियाणा के लिए रवाना हो गये। धान की रोपनी कराने के लिए उन्हें ले जाने एक दलाल आया था। जिसने पहले से अधिक पैसे देने का प्रलोभन दे सभी को पुन: हरियाणा चलने के लिए राजी किया। उसके बाद पड़ोसी जिले दरभंगा के कुशेश्वर स्थान से बस लाकर सभी को हरियाणा ले गया।

उक्त बस से पंजाब जाने वालों में वारी पंचायत के ठरघट्टा, बलाठ, कमलाबाड़ी, नाडेगा के करीब 60 मजदूर शामिल हैं। बस में सवार होने के क्रम में मजदूर तेजो सदा, ललित सदा, राम किशोर सदा, रामकुमार सदा, श्रीलाल सदा, रामप्रसाद सदा, लालटुन सदा आदि ने बताया कि हमलोग लॉकडाउन में दिल्ली, हरियाणा से पैदल और ट्रक के सहारे घर आये थे। लेकिन दो महीना बीतने के बाद भी स्थानीय स्तर पर कोई काम नहीं मिला। इससे परिवार का भरण पोषण करने में परेशानी हो रही थी। इसी बीच ठेकेदार आया और पहले से अधिक पैसे देने का आश्वासन देने के साथ ही हरियाणा जाने का भाड़ा दिया तो हमलोग उसके साथ हरियाणा के मुरथला धान रोपनी करने के लिए जा रहे हैं। वहां प्रति किल्ला पहले 2500 रुपए देता था। इस बार 4500 रुपए किल्ला देने का आश्वासन दिया है। इस संबंध में पूछे जाने पर बीडीओ मनोरम कुमारी ने बताया कि मजदूरों के पलायन की सूचना नहीं है। वैसे प्रखंड में दो हजार मजदूर का जॉब कार्ड बनवाया गया है। मनरेगा के तहत सभी मजदूर काम भी दिया जा रहा है। मजदूरों के पलायन की जांच करायी जाएगी। दूसरी ओर वारी पंचायत के मुखिया जगन्नाथ पोद्दार ने बताया कि पिछले दो वर्ष पूर्व किए गए काम का भी मजदूरों को मजदूरी का भुगतान नही किया गया है। न नया काम दिया गया है और न ही पंचायत में किसी मजदूर का जॉब कार्ड बना है।

इधर ग्रामीणों ने बताया कि प्रखंड में जहां भी मनरेगा के तहत काम हो रहा है वहां सरकार के दिशा निर्देश के बिल्कुल उलटा काम कराया जा रहा है। 90 प्रतिशत काम मशीन से तथा 10 प्रतिशत मजदूर द्वारा कराया जा रहा है। इस कारण मजदूर पलायन करने को मजबूर हैं।

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