समस्तीपुर

समस्तीपुर में यात्रियों से मनमाना भारा वसूलते हैं बस व ऑटाे संचालक

ट्रेनों का समुचित रूप से संचालन नहीं होने के कारण 15 किलोमीटर के लिए 25 रुपए देने पड़ते हैं

ट्रेनों का समुचित रुप से संचालन नहीं होने के कारण बस एवं छोटे – छोटे वाहन संचालक यात्रियों से मनमाने ढंग से भाड़े की वसूली कर रहे हैं। इससे यात्रियों से हमेशा तूं – तूं , मैं- मैं की स्थिति बनी रहती है । इससे गंतव्य स्थान तक यात्रा करने वाले यात्रियों को भारी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। वहीं प्रशासनिक पदाधिकारी सब कुछ जानते हुए चुप्पी साधे बैठा है। एक तो सीट की क्षमता से अधिक यात्रियों को नीचे से लेकर बस के ऊपर छतों पर बिठाया जाता है जो सरासर यातायात के नियमों का उल्लंघन है।

ट्रेनों का समुचित रूप से परिचालन प्रारंभ नहीं होने को लेकर मजबूरन और विवश होकर लोगों को बस एवं टैंपो का सहारा लेना पड़ता है। इसका इन दिनों यात्री वाहनों के संचालक जमकर फायदा उठा रहे हैं। सबसे अधिक जिला एवं प्रखंड मुख्यालय तक जाने वाली बसें टैंपो एवं अन्य छोटे – छोटे वाहनों के संचालक यात्रियों का जमकर शोषण कर रहा है। इसका प्रत्यक्ष उदाहरण है कि स्थानीय बस पड़ाव से जिस गांव की दूरी 15 किमी. है वहां जाने वाले यात्रियों से 25 रुपए भाड़े वसूले जाते हैं। जबकि लॉकडाउन के पहले 18 से 20 रुपए लिए जाते थे।

जिला मुख्यालय समस्तीपुर के लिए पहले जहां रोसड़ा से समस्तीपुर (30 किमी.) का भाड़ा 30 लगता था, वर्तमान समय में 50 से 60 रुपए भाड़े के रूप में वसूले जा रहे हैं। इसी तरीके रोसड़ा से सिंघिया के लिए यात्रियों से 40 से 45 रुपए वसूल किए जाते हैं। इसी तरीके हसनपुर के लिए 40 से 45 तथा बिथान के लिए 60 से 65 रुपए वहन करना पड़ता है। गरीब एवं जरूरतमंद लोगों को बस कंट्रेक्टर के डिमांड के अनुसार भाड़े का वहन करना पड़ता है । वहीं दूसरी ओर टैंपो संचालक का भी यही हाल है ।

टैंपो संचालक रोसड़ा से समस्तीपुर का 60 रुपए प्रति व्यक्ति किराए की वसूली करता है। साथ ही सीट की क्षमता से अत्यधिक यात्री का बैठा कर लाता है। यही स्थिति और मनमानी विभिन्न रूटों में चलने वाले टैंपो संचालकों की बनी हुई है । इस संबंध में भाकपा जिला महासचिव सुरेन्द्र कुमार सिंह मुन्ना , अंचल मंत्री अनिल कुमार महतो, मो. सईद, रूमल यादव, प्रखंड कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष शंभू प्रसाद सिंह, उपेंद्र नारायण पोद्दार, वीरेंद्र नारायण झा के अलावे विभिन्न छात्र संगठनों से जुड़े छात्र नेताओं ने जिला प्रशासन का इस ओर ध्यान आकृष्ट कराते हुए जनहित से जुड़े मुद्दे पर कार्रवाई करने की मांग की है।

यात्रियों से बस किराया अधिक वसूली करना गलत है। लिखित रूप से शिकायत मिलते ही बस एवं अन्य छोटे वाहन संचालकों पर जांचोपरांत विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।
ब्रजेश कुमार, एसडीओ, रोसड़ा

Share This Post