समस्तीपुर

समस्तीपुर में टीबी उन्मूलन के लिए 2 माह तक चलेगा अभियान, गतिविधियों का कैलेंडर जारी

समस्तीपुर, जासं। जिले में टीबी उन्मूलन के लिए समुदाय स्तर पर व्यापक अभियान चलाया जाएगा। सितंबर से अक्टूबर तक होने वाली गतिविधियों का कैलेंडर जारी किया गया है। इसको शत-प्रतिशत अनुपालन के लिए राज्य स्वास्थ्य समिति के कार्यपालक निदेशक ने पत्र जारी कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिया है। जारी पत्र में कहा गया है कि जनवरी में एक्टिव केस फाइंडिंग द्वारा टीबी रोगियों के नोटिफिकेशन एवं उपचार प्रारंभ कर वैश्विक महामारी के कारण कार्यक्रम की उपलब्धियों पर पड़े प्रतिकूल प्रभाव को कम करने का सफल प्रयास किया गया था। वर्तमान में कोविड के सक्रिय केस की संख्या बहुत कम हो गई हैं तो राष्ट्रीय यक्ष्मा उन्मूलन कार्यक्रम की प्रखंडवार उपलब्धियों की समीक्षा कर दो महीने तक अभियान के रूप में एक्टिव केस फाइंडिंग एवं निक्षय पोषण राशि का भुगतान करने के लिए सभी प्रखंड के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों को एसटीएस, एसटीएलएस, एलटी को टीबी कार्य संपादन करने के लिए कोविड कार्य से मुक्त रखने के लिए कहा गया है।

30 सितंबर तक निक्षय पोषण योजना की राशि का करें भुगतान

सभी पंजीकृत टीबी रोगियों जिनको एक भी बार डीबीटी लाभ का भुगतान नहीं हुआ हैं। उनका निक्षय पोषण राशि का भुगतान 30 सितंबर तक पूरा करना सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है। इसके लिए डीपीएम एवं सीडीओ हर सप्ताह के अंत में समीक्षा कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे ।

एनपीसीडीसीएस कार्यक्रम के तहत टीबी रोगियों की स्क्रीनिंग :

एनपीसीडीसीएस कार्यक्रम के अन्तर्गत प्रतिवेदित सभी डायबिटीज, गुर्दा रोग से पीड़ितों एवं अन्य उच्च जोखिम युक्त समूहों की लाइनलिस्टिंग करना एवं आशा / एएनएम के माध्यम से ऐसे रोगियों में टीबी लक्षणों की पहचान की जाएगी। इसके लिए गैर संचारी रोग एवं संचारी रोग पदाधिकारी (यक्ष्मा) हर सप्ताह के अंत में समीक्षा कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे।

पुनर्वास केंद्रों में भर्ती बच्चों में टीबी की स्क्रीनिंग

जिला एवं अनुमंडल स्तर के कारा गृह, सुधार गृह, बाल संरक्षण गृह, पोषण पुनर्वास केंद्रों में भर्ती बच्चों में टीबी की स्क्रीनिंग तथा जांच करना सुनिश्चित करेंगे। शहरी मलिन बस्तियों, महादलित टोला, नव निर्मित कार्यस्थलों पर काम कर रहे श्रमिकों में टीबी की स्क्रीनिंग तथा जांच सुनिश्चित की जाएगी।

दुर्गम व कठिन क्षेत्रों में किया जायेगा विशेष फोकस

दूरस्थ एवं चिह्नित कठिन क्षेत्रों में आशा एवं अन्य सामुदायिक उत्प्रेरक की दो सदस्यीय घर-घर विजिट टीम को गठन कर प्रतिदिन कम कम 50 घर का भ्रमण द्वारा संभावित टीबी रोगियों की पहचान करेंगे एवं स्थानीय निकटतम बलगम जांच केंद्र अथवा ट्रूनेट लैब में सैंपल की जांच करवाना सुनिश्चित करेंगे। प्रखंड के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी के साथ समन्वयन कर गृह भ्रमण टीमों के सदस्यों को 100 रुपये प्रति दिन प्रतयेक सदस्य को 50 घरों के भ्रमण पर प्रोत्साहन राशि का भुगतान किया जाएगा। सभी पंजीकृत टीबी रोगियों का घर भ्रमण कर संपर्क में रहने वाले 5 वर्ष तक के बच्चों एवं व्यस्कों में टीबी की स्क्रीनिंग करेंगे तथा योग्य बच्चों एचआईवी व्यस्कों एवं बच्चों की लाइन लिस्टिंग करना सुनिश्चित करेंगे।

दिवाल लेखन व आईईसी के माध्यम से किया जाएगा जागरूक

टीबी से बचाव के प्रति लोगों में जागरूकता लाई जाएगी। इसके लिए विभिन्न माध्यमों से प्रचार-प्रसार किया जायेगा। दीवाल लेखन, बैनर-पोस्टर, हैंडबिल के माध्यम से जागरूकता संदेश को जन-जन तक पहुंचाया जाएगा। इसके साथ सामुदायिक बैठक में भी लोगों को जागरूक किया जायेगा। इस बैठक में हर वर्ग के लोगों को शामिल किया जाएगा।

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