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कोरोना वैक्सीन: क्या वैक्सीन लेने के बाद भी मुझे कोविड हो सकता है?

भारत में कोविड-19 टीकाकरण अभियान जारी है, इस बीच देश महामारी की दूसरी लहर से जूझ रहा है. ऐसे में आपके मन में वैक्सीन को लेकर कई सवाल होंगे. पढ़िए उनके जवाब.

मैंने वैक्सीन का पहला डोज़ ले लिया है, क्या दूसरे डोज़ के लिए मुझे फिर से रजिस्टर कराना होगा?

हां, वैक्सीन की दूसरी डोज़ के लिए आपको फिर से अपॉइंटमेंट लेना होगा. ध्यान रखिए, पहली डोज़ लेने के बाद दूसरी डोज़ के लिए अपॉइंटमेंट अपने आप शिड्यूल नहीं होगा. कोविन पोर्टल की मदद से आप उसी वैक्सीन सेंटर के लिए फिर से अपॉइंटमेंट ले सकते हैं, जहां आपने वैक्सीन (कोवैक्सीन या कोविशील्ड) की पहली डोज़ ली थी.

अगर आपको ऑनलाइन रेजिस्ट्रेशन में कोई दिक़्क़त आए तो आप राष्ट्रीय हेल्पलाइन ‘1075’ पर फ़ोन करके कोविड-19 टीकाकरण और कोविन सॉफ्टवेयर से जुड़ी कोई भी बात पूछ सकते हैं.

अगर आप ऑनलाइन अपॉइंटमेंट नहीं ले सकते हैं तो भी आपके पास एक विकल्प है. वैक्सीन केंद्रों पर हर रोज़ सीमित संख्या में ऑन-स्पॉट रेजिस्ट्रेशन कराने की सुविधा होती है. मतलब आप सीधे जाकर भी वहां रजिस्टर करा सकते हैं. हालांकि इंतज़ार और लाइन से बचने के लिए कोविन पोर्टल के ज़रिए ऑनलाइन अपॉइंटमेंट लेने की सलाह दी जाती है.

कोविन पोर्टल पर कैसे रजिस्टर करें?

– www.cowin.gov.in की सरकारी वेबसाइट पर जाएं..

 अपना मोबाइल नंबर डालें. फिल ‘गेट ओटीपी’ बटन पर क्लिक करें.

– ओटीपी डालें और ‘वेरिफाई’ पर क्लिक करें.

– ओटीपी लेने के बाद, “रेजिस्टर फॉर वैक्सिनेशन” का पन्ना खुलेगा, जहां नागरिकों को अपनी बुनियादी जानकारी डालनी होगी.

– रेजिस्ट्रेशन पूरा होने के बाद, सिस्टम यूज़र को “अकाउंट डिटेल्स” दिखाएगा.

– सब जानकारी डाल देने के बाद, “शिड्यूल अपॉइंटमेंट” पर क्लिक करें और अपॉइंटमेंट बुक कर लें.

– बुक ‘बटन’ पर क्लिक कर देने के बाद, अपॉइंटमेंट कंफर्मेशन पेज दिखेगा.

– एक बार पढ़ ले कि दी गई सारी जानकारी ठीक है क्या, उसके बाद ‘कंफर्म’ पर क्लिक कर दें.

आप कोविन पोर्टल के साथ-साथ आरोग्य सेतु के ज़रिए भी कोविड वैक्सीन के लिए रजिस्टर कर सकते हैं. ये आपको अपने नज़दीक का वैक्सीन सेंटर ढूंढने में मदद करेगा और आप अपनी सहूलियत के हिसाब से वक़्त भी चुन सकते हैं. नागरिकों के पास वैक्सीन लेने का वक़्त बदलने या कैंसल करने का विकल्प भी होता है.

मुझे वैक्सीन की दूरी डोज़ कब लेनी चाहिए?

कोवैक्सीन की दूसरी डोज़, पहली डोज़ के 4 से 6 हफ़्ते के अंतराल के बाद लेने की सलाह दी जाती है.

कोविशील्ड के लिए दो खुराक के बीच का अंतराल 4 से 8 हफ़्ते रखने की सलाह दी जाती है, वहीं अगर 6 से 8 हफ़्ते के अंतराल में ली जाए तो उससे और ज़्यादा सुरक्षा मिलती है. आप अपनी सहूलियत के हिसाब से वैक्सीन की दूसरी डोज़ की तारीख़ चुन सकते हैं.

ध्यान रखें कि उसी वैक्सीन की दूसरी डोज़ लें, जिसकी पहली ली है. अगर पहले भी कोवैक्सीन लगवाई तो दूसरी बार भी वही लगवाएं और पहली बार कोविशील्ड लगवाई थी तो दूसरी बार भी वही वैक्सीन लगवाएं.

जब दूसरी वैक्सीन लगवाने जाएं तो पहली डोज़ के बाद दिया गया वैक्सीन सर्टिफिकेट लेकर जाएं. ये वैक्सीन सर्टिफिकेट, वैक्सीन केंद्र ही आपको प्रिंट करके देता है. इसके अलावा आप कोविन पोर्टल से भी ये सर्टिफिकेट निकाल सकते हैं. इसके लिए आपको वही मोबाइल नंबर डालना होगा जो रेजिस्ट्रेशन के वक़्त डाला था.

क्या मैं वैक्सीन की दूसरी डोज़ किसी अन्य राज्य/ज़िले में लगवा सकता हूं?

हां, आप किसी भी राज्य/ज़िले में वैक्सीन लगवा सकते हैं. बस ये है कि आप सिर्फ उन्हीं केंद्रों पर वैक्सीन लगवा पाएंगे जहां वो वाली वैक्सीन लग रही हो, जो आपने पहली डोज़ के दौरान लगवाई थी.

क्या वैक्सीन कोविड से बचाव करती है?

एक वैक्सीन आपके शरीर को किसी बीमारी, वायरस या संक्रमण से लड़ने के लिए तैयार करती है. वैक्सीन लगने के कुछ वक़्त बाद ही आप उस बीमारी से लड़ने की इम्यूनिटी विकसित कर लेते हैं. अमेरिका के सेंटर ऑफ़ डिज़ीज़ कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (सीडीसी) का कहना है कि वैक्सीन बहुत ज़्यादा शक्तिशाली होती हैं क्योंकि ये अधिकांश दवाओं के विपरीत, किसी बीमारी का इलाज नहीं करतीं, बल्कि उन्हें होने से रोकती हैं.

केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के मुताबिक़, आम तौर पर कोविड-19 वैक्सीन की दूसरी डोज़ लेने के दो हफ़्ते बाद एंटीबॉडी का सुरक्षात्मक स्तर विकसित होता है.

वैक्सीन कितने दिन तक मुझे कोविड से सुरक्षित रखेगी?

भारतीय केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के मुताबिक़, वैक्सीन से मिलने वाली सुरक्षा की अवधि अभी तक तय नहीं है.

क्या वैक्सीन लेने के बाद भी मुझे कोविड हो सकता है?

इस बात का कोई सबूत नहीं है कि मौजूदा कोविड-19 वैक्सीन में से कोई भी संक्रमण को पूरी तरह रोक सकती है.

उद्हारण के तौर पर इंग्लैंड में 40 हज़ार लोगों पर की गई स्टडी बताती है कि फाइज़र-बायोएनटेक की एक डोज़ लेने से संक्रमण का ख़तरा 70% कम हो जाता है और दो डोज़ लेने के बाद 85%.

भारत में जो वैक्सीन लग रही है, उनमें एक है कोविशील्ड, जिसके अंतरराष्ट्रीय क्लिनिकल ट्रायर दिखाते हैं कि ये 90% तक कारगर है. वहीं दूसरी वैक्सीन है कोवैक्सीन, जिसके तीसरे चरण के ट्रायल का प्रारंभिक डेटा दिखाता है कि वो 81% कारगर है.

इसके अलावा अब रूस की स्पुतनिक V को भी भारत में इस्तेमाल की मंज़ूरी दी जा चुकी है. कहा जा रहा है कि ये वैक्सीन कोविड-19 के ख़िलाफ़ क़रीब 92% सुरक्षा देती है.

यानी कोई भी वैक्सीन लेने से संक्रमण का ख़तरा बहुत हद तक कम हो जाता है और वैक्सीन किसी को गंभीर रूप से बीमार होने से बचा सकती है.

कोरोना वैक्सीन: कब मिलेगी मुझे वैक्सीन

भारत में कोविड वैक्सीनेशन का तीसरा चरण एक अप्रैल से जारी है. तीसरे चरण में 45 साल से अधिक उम्र वाले वैक्सीन लगवा रहे हैं.

इससे पहले दूसरा चरण में 60 साल से ज़्यादा उम्र वाले और किसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे 45 साल से अधिक उम्र के लोगों को वैक्सीन दी गई थी. अब 45 साल से ज़्यादा उम्र का कोई भी व्यक्ति वैक्सीन लगवा सकता है.

भारत में टीकाकरण अभियान के पहले चरण की शुरुआत 16 जनवरी 2021 से हुई थी. पहले चरण में स्वास्थ्यकर्मियों यानी डॉक्टर, नर्स, पैरामेडिक्स और स्वास्थ्य से जुड़े लोगों को वैक्सीन दी गई थी. साथ ही फ़्रंटलाइन वर्कर्स यानी पुलिसकर्मियों, पैरामिलिट्री फ़ोर्सेज और सैन्यकर्मियों को भी टीका लगाया गया.

दूसरे और तीसरे चरण में अब आम लोगों को वैक्सीन दी जा रही है. सरकार का लक्ष्य जुलाई तक 30 करोड़ लोगों को वैक्सीन देने का है.

स्वास्थ्य विशेषज्ञ वैक्सीनेशन को बेहद महत्वपूर्ण बता रहे हैं. ख़ासतौर पर ऐसे समय में जब देश में कोरोना वायरस के मामले चिंताजनक स्तर पर बढ़ रहे हैं. भारत में भी कोरोना वायरस के नए वैरिएंट के मामले सामने आए हैं, जिनमें ब्रिटेन, दक्षिण अफ़्रीका और ब्राज़ील में मिले वैरिएंट शामिल हैं. अब भारत में कोरोना वायरस के एक नए ‘डबल म्यूटेंट’ वेरिएंट का भी पता चला है.

विशेषज्ञों के मुताबिक़, वैक्सीन मृत्यु दर कम करने में मदद करेगी और ये बीमारी की गंभीरता को भी कम करेगी. साथ ही वैक्सीन से कोरोना संक्रमण के मामले भी कम होंगे. इसके ज़रिए कोरोना के नए स्ट्रेन से भी निपटा जा सकता है. जितना संक्रमण होगा, उतना ही नए स्ट्रेन को रोका जा सकेगा.

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तीसरे चरण में किसे मिलेगी वैक्सीन?

कोविड-19 टीकाकरण के तीसरे चरण में 45 साल से अधिक उम्र वाले वैक्सीन लगवा सकेंगे.

टीकाकरण के तीसरे चरण की शुरूआत से पहले केंद्र सरकार ने चेतावनी है कि देश में कोरोना की स्थिति बद से बदतर होती जा रही है.

सरकार ने राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों से कहा है कि हाल में दिनों में जिन जिलों में कोरोना संक्रमण के अधिक मामले आए हैं, वहां 45 साल से अधिक उम्र वाले सभी लोगों को कोरोना टीका लगाया जाए.

वहीं राज्यों से कहा है कि वो लोगों को टीके की दूसरी डोज़ देने के लिए वैक्सीन जमा न करें बल्कि जितनी तेज़ी से हो सके लोगों को वैक्सीन लगाना जारी रखें.

स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण और राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण के मुख्य कार्यकारी अधिकारी आरएस शर्मा ने कहा है कि देश में कोरोना वैक्सीन को कोई कमी नहीं है.

उन्होंने अपील की है कि टीकाकरण की रफ्तार बढ़ाने के लिए निजी अस्पतालों को भी उचित मात्रा में वैक्सीन उपलब्ध कराई जानी चाहिए.

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