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क्या डॉक्टरों की तरह फार्मासिस्ट भी अपना क्लीनिक खोल सकते हैं?

क्या डॉक्टरों की तरह फार्मासिस्ट भी अपना क्लीनिक खोल सकते हैं? अगर सोशल मीडिया पर इसको लेकर चल रही वायरल खबर पर भरोसा करें तो डाक्टरों की तरह फार्मेसिस्ट भी अब अपनी क्लीनिक खोल सकेंगे, लेकिन यह खबर फेक है।  दरअसल खबर में दावा किया जा रहा है कि फार्मासिस्ट अब फिजीशियन की तरह इलाज कर सकेंगे। मरीजों को दवा और चिकित्सकीय सलाह भी वो दे सकेंगे।

दावा की निकली हवा

केंद्र सरकार की पॉलिसी, योजनाओं, विभागों, मंत्रालयों से संबंधित गलत सूचनाओं और अफवाहों को रोकने के लिए प्रेस इनफॉर्मेशन ब्यूरो की फैक्ट चेक टीम (PIB Fact Check) करती है। #PIBFactCheck ने ट्वीट कर इस खबर को फर्जी बताया है। इस खबर का खंडन करते हुए #PIBFactCheck ने अपनी ट्वीट में लिखा है कि यह दावा फर्जी है। फार्मेसी अधिनियम और फार्मेसी प्रैक्टिस नियमों के अंतर्गत किसी भी फार्मेसिस्ट के लिए क्लीनिक खोलने का कोई प्रावधान नहीं है।

दरअसल वॉट्सएप, फेसबुक और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वायरल हो रही इस खबर में भारत सरकार के फार्मेसी प्रैक्टिस एक्ट रेग्युलेशन 2015 में इसके प्रावधान की बात भी कही जा रही है।  इस कानून के तहत जो फार्मासिस्ट मेडिकल स्टोरों पर काम कर रहे हैं वो अब एलोपैथिक डाक्टरों की तर्ज पर अपना खुद का क्लीनिक खोल सकेंगे। इसके लिए उन्हें पीसीआई (फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया) में बैचलर इन फॉर्मेसी का रजिस्ट्रेशन कराना जरूरी होगा। इसके बाद क्लिनिक के बाहर बोर्ड पर नाम, रजिस्ट्रेशन नंबर के साथ ही अपनी शैक्षणिक योग्यता लिखनी होगी। दावा है कि फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया के इस प्रस्ताव को केंद्र सरकार ने मंजूरी दे दी है।

ऐसी किसी भ्रामक खबर की यहां करें शिकायत

सरकार से जुड़ी कोई खबर सच है या फर्जी, यह जानने के लिए PIB Fact Check की मदद ली जा सकती है। कोई भी व्यक्ति PIB Fact Check को संदेहात्मक खबर का स्क्रीनशॉट, ट्वीट, फेसबुक पोस्ट या यूआरएल वॉट्सऐप नंबर 918799711259 पर भेज सकता है या फिर [email protected] पर मेल कर सकता है।

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