बिहार

बिहार में मुखिया अब किसी योजना में चेक नहीं काट पायेंगे ऑनलाइन करना होगा रुपये ट्रांसफर

पंचायतों में मुखिया अब किसी योजना में चेक काट कर नहीं दे पायेंगे। काम और भुगतान की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए सरकार ने ऑनलाइन व्यवस्था लागू की है। मुखिया को पीएफएमएस के माध्यम से भुगतान करना पड़ेगा। इसके लिए प्रशिक्षण देने की प्रक्रिया शुरू कर दी गयी है।
 
पूर्व में पंचायतों में सरकारी योजनाओं में काम होने पर मुखिया संबंधित एजेंसियों को चेक से राशि का भुगतान करते थे। इसकी मॉनिटरिंग जिला और मुख्यालय स्तर पर नियमित रूप से नहीं हो पाती थी। जरूरत पड़ने पर पंचायतों से खर्च की गयी राशि का ब्योरा और योजनाओं की जानकारी लेनी पड़ती थी। पीएफएमएस (पब्लिक फिनांशियल मैनेजमेंट सिस्टम) के माध्यम से राशि का भुगतान करने पर जिला और मुख्यालय स्तर के अफसर को पता चल जाएगा कि किस पंचायत में किस योजना के तहत राशि का भुगतान किया गया है। पंचायतों के खाते में बची राशि की भी जानकारी मिलती रहेगी।

ग्राम पंचायत विकास योजना के तहत ग्रामसभा में संबंधित विभागों द्वारा जरूरतों का सर्वे कराया जाएगा। उसके बाद ग्रामसभा आयोजित कर प्राथमिकता के आधार पर योजनाओं को पारित किया जाता है। केन्द्र और राज्य सरकार द्वारा ग्राम पंचायतों को दी जाने वाली 15वीं वित्त आयोग की राशि का खर्च पीएफएमएस के माध्यम से किया जाएगा। योजनाओं को प्रिया साफ्टवेयर पर अपलोड करना होगा। इसके लिए मुखिया और पंचायत सचिव का डिजिटल हस्ताक्षर अपलोड किया जाएगा। वर्तमान में अधिकांश योजनाओं का संचालन पंचायत स्तर से ही किया जा रहा है।

जिला पंचायत राज पदाधिकारी सह डीआरडीए निदेशक प्रमोद कुमार पांडेय ने बताया कि 15वें वित्त आयोग की राशि पंचायतों को भेजी जा चुकी है। सरकार के निर्देश के आलोक में अब मुखिया को पीएफएमएस के माध्यम से ही भुगतान करना होगा। इसके लिए सभी मुखिया और पंचायत सचिवों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। 

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Kunal Raj
Editor-In-Chief l Software Engineer l Digital Marketer