Bihar Election 2020
बिहार विधानसभा चुनाव 2020

मधुबनी में नीतीश कुमार पर आलू-प्याज फेंकने की घटना पर सीएम कैंडिडेट तेजस्वी ने कही ये बात

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सभा के दौरान एक व्यक्ति ने भीड़ से सीएम के ऊपर आलू-प्याज फेंक दिया। आलू प्याज मुख्यमंत्री के करीब जा गिरा। सुरक्षा बलों ने मंच पर एक को गिरने से पहले लपक लिया। दूसरा मंच के आगे नीचे गिर गया। इस घटना के बाद महागठबंधन से सीएम कैंडिडेट तेजस्वी यादव ने ट्वीट कर इसका विराेध किया। उन्होंने लिखा चुनावी सभा में किसी ने आदरणीय मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार जी की ओर प्याज फेंकी। यह पूर्णत: निंदनीय, अलोकतांत्रिक और अवांछनीय व्यवहार है। लोकतंत्र में प्रतिरोध की अभिव्यक्ति सिर्फ मतदान में होनी चाहिए और इसके अलावा कोई भी तरीका स्वीकार्य नहीं हो सकता।

बता दें कि बुधवार को सीएम हरलाखी विस के गंगौर गांव स्थित नंदलाल महावीर प्लस टू उच्च विद्यालय के मैदान में जदयू उम्मीदवार सुधांशु शेखर के पक्ष में चुनावी सभा को संबोधित कर रहे थे। उसी दौरान यह घटना हुई। बाद में सुरक्षा बलों ने चारों ओर से घेर लिया। आलू प्याज फेंकते देख मुख्यमंत्री ने कहा कि खूब फेंको खूब फेंको। सुरक्षा बल और आम जनता के अपील करते हुए कहा कि इस पर ध्यान मत दीजिये। सुरक्षा में लगे कर्मी को कहा कि छोड़ दीजिये। दो मिनट छोड़ दीजिए। किसी पर ध्यान मत दीजिये। इसके बाद सीएम ने फिर से भाषण देना शुरू कर दिया। उउन्होंने कहा कि जो आज नौकरी देने का बात कह रहा है, 15 सालों में कितने लोगों को नौकरी दी।

निश्चित हार से हताश लोगों ने दिया घटना को अंजाम : बशिष्ठ
प्रदेश जदयू के अध्यक्ष बशिष्ठ नारायण सिंह ने मधुबनी के हरलाखी में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर की गई पत्थरबाजी की घोर भर्त्सना की है। उन्होंने कहा कि इस कायरतापूर्ण घटना की जितनी निंदा की जाए वह कम होगी। पहले दो चरण के मतदान में जनता का रुझान देख अपनी निश्चित हार से हताश, निराश और बेचैन लोगों ने इस शर्मनाक घटना को अंजाम दिया है।
सिंह ने कहा कि यह घटना लोकतंत्र का अपमान है। जिसको लोकतंत्र में विश्वास नहीं हो वही इस तरह की घृणित हरकत को अंजाम दे सकता है। नीतीश कुमार पर फेंका गया पत्थर उनके सिर के बहुत निकट से गुजरा। ऐसे में कोई बड़ी घटना हो सकती थी। बिहार की जनता सब देख रही है। वही लोकतंत्र के इन विरोधियों को उनकी सही जगह दिखाएगी। ऐसी हरकतों से बिहार की अवाम की आवाज को दबाने की कोशिश मूर्खता के अलावा कुछ भी नहीं। घटना की उच्चस्तरीय जांच की मांग की और कहा कि इस घटना का जवाब बिहार की जनता जरूर देगी। 10 नवंबर को नीतीश कुमार की ऐतिहासिक वापसी होगी।

Share This Post