बिहार राजनीति

सीएम नीतीश बोले- महिलाओं के कहने पर शराबबंदी लागू की, कुछ धंधेबाज लोगों को ये बात पच नहीं रही

बिहार विधानसभा चुनाव के आखिरी चरण के लिए चुनाव प्रचार जोरशोर के साथ चल रहा है. बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार एनडीए के उम्मीदवारों की जीत सुनिश्चित करने के लिए लगातार चुनावी जनसभा को संबोधित कर रहे हैं. सोमवार को जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार ने मधेपुरा और सुपौल में 5 चुनावी रैलियों को संबोधित किया.

मधेपुरा के आलमगंज में एक चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि पिछली सरकारों ने बाढ़ के मुद्दे पर उत्तर बिहार की जनता के साथ धोखा किया और राहत पहुंचाने के नाम पर महज खाना-पूर्ती की. उन्होंने बताया कि पहले जब बाढ़ आती थी तब किसी के मन में कोई विचार नहीं था की कैसे जनता के पास मदद पहुँचे. जब कोसी में त्रासदी आई और हमें लोगों की सेवा करने का मौका मिला तो हमने एक-एक काम किया, वर्ल्ड बैंक से कर्ज लेकर कोसी को बेहतर बनाया. हमारे काम को देखते हुए लोगों ने बिहार को पुरस्कृत भी किया.

साथ ही उन्होंने जनता को याद दिलाया कि कैसे मधेपुरा और उसका विकास उनकी सरकार के लिए एक अहम् मुद्दा रहा है. उन्होंने कहा, “हम लोगों ने सबसे पहले 3 मेडिकल कॉलेज बनाए, और उसमे से एक मधेपुरा में भी है. अब अगर आगे आपने मौका दिया तो हम लोग मवेशियों के लिए हर 4-5 पंचायतों के अंतराल पर हॉस्पिटल खुलवायेंगे ताकि किसानों को फायदा हो सके.

मधेपुरा के ही एक और चुनावी सभा में बिहारीगंज विधानसभा की जनता से मुखातिब होते हुए मुख्यमंत्री ने शराब माफिया और अपने विरोधियों पर हमलावर होते हुए कहा, “हमने महिलाओं के कहने पर शराबबंदी लागू की, लेकिन कुछ धंधेबाज लोग फालतू की बयानबाजी करते रहते हैं. ”

जदयू अध्यक्ष ने वादा किया की दुबारा सरकार बनने पर वो युवाओं के लिए रोजगार के नए साधन मुहैय्या करवाएंगे. हम लोग मेगा स्किल सेंटर बनवाएंगे ताकि युवाओं को रोजगार का मौका मिल सके और उसे मजबूरी में बिहार से बाहर नहीं जाना पड़े. “

सुपौल जिले की त्रिवेणीगंज विधानसभा क्षेत्र की एक सभा में जदयू अध्यक्ष ने अपने कार्यकाल के दौरान युवाओं के लिए किये गए विकास कार्यों के बारें में भी बताया. उन्होंने कहा, “हम सबको कहते हैं आगे पढ़िए, आगे बढ़िए. स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड का लोन जो छात्र लौटाने में असक्षम रहेंगे तो हम माफ कर देंगे लेकिन पढ़िए जरूर. हमने कुशल युवा प्रोग्राम के द्वारा कंप्यूटर का प्रशिक्षण देने का काम भी किया, सिर्फ कंप्यूटर का ही प्रशिक्षण नहीं दिया साथ में कौशल संवाद, व्यवहार कौशल का भी प्रशिक्षण दिया, अब तक 10 लाख युवाओं ने प्रशिक्षण लिया है.

मुख्यमंत्री ने पूरे बिहार को अपना परिवार बताते हुए कहा, “हमने किनारे पर रहे लोगों को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए विशेष पहल की, महिलाएँ, अति पिछड़ों और अनुसूचित जाति व जनजाति के लोगों को आरक्षण देने का काम किया. उनको जनप्रतिनिधि बनने का मौका नहीं मिलता था, हमने उनको अवसर दिया. “

उनके नेतृत्वे में सरकार द्वारा बिजली उत्पादन और आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में किये गए अभूतपूर्व कार्यों का ज़िक्र करते हुए श्री नीतीश कुमार ने कहा, “आपदा प्रबंधन क्या है ये पहले लोग जानते ही नहीं थे.

उन्होंने बताया कि हमने आपदा प्रबंधन विभाग को सुचारु रूप से चलाना शुरू किया. ऐसे ही बिजली की स्तिथि भी बहुत खस्ताहाल थी. लालटेन का जमाना था, हमने हर घर बिजली पहुंचाने का लक्ष्य रखा और हर घर बिजली पहुंचा दी. जर्जर तार के चलते बहुत नुकसान होता था, हमने वो बदलने का काम किया. पहले 700 मेगावाट बिजली की खपत थी और अब 6000 मेगावाट बिजली की खपत हो गई है.”

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