बिहार

नालंदा, नवादा और गया के लोगों को मिलेगा गंगाजल, CM नीतीश आज मोकामा में परियोजना का करेंगे निरीक्षण

गंगा का पानी पेयजल और सिंचाई में इस्तेमाल करने के लिए राज्य सरकार की महत्वपूर्ण परियोजना का शनिवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार मोकामा में निरीक्षण करेंगे। यह परियोजना बाढ़ अनुमंडल के हाथीदह मरांची से गया जिले के अबगिला पहाड़ी तक लगभग 200 किलोमीटर की है। 

हाथीदह से पाइपलाइन के जरिए गंगा का पानी नालंदा, नवादा और गया शहरों के लिए पेयजल के रूप में सप्लाई की जाएगी जबकि दूसरे चरण में नदी का पानी सिंचाई के लिए इस्तेमाल किया जाएगा। परियोजना में दो अलग-अलग ढाई मीटर मोटी पाइपलाइन बिछायी जानी है। इसमें एक में पेयजल तथा दूसरे में सिंचाई के लिए पानी आपूर्ति की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि पाइपलाइन उन इलाकों से गुजरेगा जो सूखा क्षेत्र हैं। 

नालंदा के बिहारशरीफ, नवादा और गया के अलावा इस रूट में पड़ने वाले छोटे-छोटे शहरों को भी पेयजल आपूर्ति होगी। इससे इस क्षेत्र में पेयजल और सिंचाई की समस्या दूर हो जाएगी। योजना को 2 साल के अंदर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। बरसात में 3 महीने गंगा का पानी हाथीदह से मोटर पंप के जरिए निकाला जाएगा तथा बीच में कई जगहों पर रिवर वायर बनाए जाएंगे। जिसमें पानी स्टोर किया जाएगा, बाद में यही पानी सिंचाई और पेयजल के लिए इस्तेमाल किया जाएगा। 

अधिकारियों का कहना है कि गंगा का पानी बरसात के दिनों में अनावश्यक रूप से वह जाता था। इसीलिए उसे दूर करने के लिए इस परियोजना को बनाया गया है। वैसे तो मूल रूप से सिंचाई विभाग की परियोजना है लेकिन इसका प्रशासनिक खाका पटना, नालंदा, नवादा और गया जिला प्रशासन द्वारा तैयार किया गया है। डीएम कुमार रवि ने बताया कि परियोजना से संबंधित जो भी सिंचाई विभाग की आवश्यकता थी, उसे उपलब्ध करा दिया गया है। सिंचाई विभाग अब इस परियोजना से संबंधित अगले चरण का काम जल्द ही शुरू करेगा। शनिवार की सुबह 11 बजे मुख्यमंत्री इसका निरीक्षण करेंगे। मुख्यमंत्री के निरीक्षण के आलोक में शुक्रवार को अधिकारियों की टीम ने परियोजना स्थल पर पहुंचकर व्यवस्था का जायजा लिया। 

सरमेरा के पास तीन हिस्सों में बंटेगी पाइप लाइन
नालंदा जिले के सरमेरा के पास पानी और सिंचाई का पाइपलाइन तीन हिस्सों में बंटेगा। सरमेरा परियोजना का मुख्य प्वाइंट होगा। यहां से एक पाइपलाइन बिहारशरीफ, दूसरी पाइपलाइन नवादा तथा तीसरी पाइपलाइन गया जिले के लिए जाएगी। इसीलिए इस जगह को उसी के हिसाब से विकसित किया जाएगा ताकि एकत्रित किए गए पानी को यहां से तीन हिस्सों में आपूर्ति की जाए।

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