समस्तीपुर

समस्तीपुर का ऐसा मंदिर जहाँ मुस्लिम धर्मावलंबियों ने करीब एक सौ वर्ष पूर्व कराया था निर्माण

स्थानीय थाना चौक पर अवस्थित सरकारी दुर्गा मंदिर करीब एक सौ वर्ष पूर्व बनाई गई थी। संतान प्राप्ति को लेकर मुस्लिम धर्मावलंबियों ने मंदिर का निर्माण कराया था। बताया जाता है कि जिसने मंदिर का निर्माण कराया उन्हें एक भी संतान नहीं था। स्थानीय एक ज्ञानी ब्रह्मण ने सलाह दी कि माता की सेवा करो, पुत्र रत्न प्राप्त होंगे। इसी को लेकर मुस्लिम धर्मावलबियों ने माता की मंदिर का निर्माण कराया था। बताते है कि 5 वर्षों तक उसने माता की प्रतिमा निर्माण से लेकर पूजा पाठ का सारा व्यय किया।

इसी बीच उसे पुत्र रत्न की प्राप्ति हुई। यह बात जंगल में आग की तरह फैल गई। दोनों धर्मों के लोगों का सैलाब मंदिर परिसर में उमड़ पड़ा। तब से आज तक माता की मंदिर दोनों धर्माे के आस्था का केन्द्र बना हुआ है। यहां दोनों समुदाय के लोग पूजा अर्चना और मन्नतें मांगते हैं।

यह है मान्यता

कहा जाता है कि जिसने भी सच्चे मन से माता की अराधना की, उसकी सारी मुरादें पुरी हुई है। यहां 9 वीं को मेला लगता है। इसी दिन वामर प्रथा का प्रावधान है। यहां रोग निवारण को लेकर हजारों की संख्या में श्रद्धालु हवन कुण्ड से निकलने वाली सुगंधित धुएं को वामर के तौर पर ग्रहण कर रोग मुक्त होने की कामनाएं करते है। ऐसा मान्यता है कि हवन के धुएं लगते ही कई असाध्य रोग ठीक होने लगते है। इस दिन मंदिर परिसर में जगह नहीं मिलती है। थाना के मुख्यद्वार पर अवस्थित होने से इसकी देखभाल एवं सुरक्षा की जिम्मेदारी स्थानीय प्रशासन पर होती है। पूजा समिति के अध्यक्ष ब्रजेश कुमार खत्री व सचिव श्रवणदेव ने संयुक्तरूप से जानकारी देते हुए बताया कि इस बार पूजा में खास व्यवस्था की गई है। पीने के पानी के अलावे कई प्रकार के निःशुल्क सेवा भी पूजा कमेटी द्वारा प्रदान किया जा रहा है।

कमेटी के सदस्य भी हैं अलर्ट
पूजा में शांति व्यवस्था बनाये रखने को लेकर प्रशासन के अलावे कमेटी के सदस्यों को भी लगाया गया है। कमेटी के सदस्यों में अक्षय कुमार,अमरनाथ चौधरी,कोषाध्यक्ष विजय चौधरी,प्रदीप चौधरी,नवीन कुमार, शिक्षक श्रवणदेव,रणजीत चौधरी,दिलीप साह,संजय दुबे,अशोक पोद्दार,राजीव टिंकु,मुकेश चौधरी,विमलेश चौधरी,मनीष गुप्ता,बिनोद चौधरी, कुमोद कुमार शामिल है।

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