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कोविशील्ड की डोज के बीच अंतराल को लेकर विवाद, जानें क्या बोली सरकार

भारत में कोरोना वायरस का टीका कोविशील्ड की दो डोज के बीच के अंतर को 6-8 हफ्ते की जगह 12-16 हफ्ते किए जाने को लेकर उठे विवाद के बीच केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ हर्षवर्धन ने सफाई दी है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ हर्षवर्धन ने ट्वीट कर कहा कि कोविशील्ड की दो खुराक के बीच अंतराल बढाने का निर्णय वैज्ञानिक आंकड़ों के आधार पर पारदर्शी तरीके से लिया गया है। 

स्वास्थ्य मंत्री ने आगे कहा कि भारत में ऐसे डेटा हेल्थ का आकलन करने के लिए तंत्र हैं। बेहत दुर्भाग्यपूर्ण है कि ऐसे मामलों का भी राजनीतिकरण किया जा रहा है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री का यह बयान उन चर्चाओं को लेकर आया है जिसमें कहा जा रहा है कि टीके की डोज के अंतराल को वैज्ञानिक समूह के समर्थन बिना किया गया है।

दरअसल, न्यूज एजेंसी रॉयटर्स ने दावा किया है कि सरकार ने इस फैसले के पीछे जिस एडवाइजरी बोर्ड के सदस्यों की सहमति होने का दावा किया था, उन्होंने कोविशील्ड की दो डोज के बीच के अंतराल को 12 से 16 हफ्ते बढ़ाने की सिफारिश ही नहीं की थी। रॉयटर्स के मुताबिक एडवाइजरी बोर्ड ने कोविशील्ड के दो डोज के बीच के अंतर को 8 से 12 हफ्ते तक बढ़ाने की सलाह थी लेकिन सरकार ने 13 मई को अपनी इच्छा से इस अंतराल को 12 से 16 हफ्ते तक के लिए बढ़ दिया।

सरकार के राष्ट्रीय टीकाकरण तकनीकी सलाहकार समूह (एनटीएजीआई) के कोविड-19 संबंधी कार्यसमूह के प्रमुख डॉ. एनके अरोड़ा ने कहा है कि आंशिक टीकाकरण तथा पूर्ण टीकाकरण की प्रभावशीलता के बारे में सामने आ रहे साक्ष्यों पर विचार किया जा रहा है और यह मंथन भी चल रहा है कि क्या भारत को कोविड-19 रोधी टीके कोविशील्ड की दोनों खुराकों के बीच अंतराल को घटाकर फिर से चार से आठ हफ्ते कर देना चाहिए। अरोड़ा ने कहा कि कोविशील्ड की दो खुराकों के बीच अंतराल को 4-6 हफ्ते से बढ़ाकर 12-16 हफ्ते करने का फैसला वैज्ञानिक आधार पर लिया गया था और इस बारे में एनटीएजीआई के सदस्यों के बीच कोई मतभेद नहीं थे।
क्या बोले एनटीएजीआई के प्रमुख?

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