बिहार

बिहार के गांवों में आफत बनकर टूट रहा कोरोना! हर टोले में सर्दी-बुखार, जांच और इलाज के नाम पर खानापूर्ति जारी

बिहार में एक ओर जहां कोरोना वायरस मरीजों की संख्या में कमी देखी जा रही है, वहीं राज्य के गांवों में अब कोरोना का कहर शुरू हो गया है. बिहार के कई जिलों में कोरोना मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है. गांव के टोले और मोहल्लों में रहस्यमयी बुखार कहर बरपा रही है. बताया जाता है कि बुखार और सर्दी के कारण कई गांवों मौत का सिलसिला भी शुरू हो चुका है.

जानकारी के अनुसार बिहार के मुजफ्फरपुर के मनियारी प्रखंड के मोहम्मद पुर मोबारक गांव में पिछले 10 दिनों में 12 से अधीक मरीजों की रहस्यमयी बुखार से मौत हो गई है. वहीं कैमूर जिले के बामहौर खास गांव में भी पिछले एक महीने में 35 से अधिक मरीजों की बुखार और सर्दी की वजह से जान जा चुकी है, जबकि औरंगाबाद के देवप्रखंड गांव में पिछले एक हफ्ते के दौरान 10 मरीजों की मौत हो गई है.

हर टोले में सर्दी-बुखार

जानकारों की मानें तो बिहार में कोरोना की दूसरी लहर ने ज्यादा असर डाला है. इस बार कोरोना गांव-गांव में कहर बरपा रही है. राज्य के जिलों से मिले इनपुट के आधार पर बताया जा रहा है कि हर टोले और मोहल्ले में रहस्यमयी बुखार से लोग पीड़ित हैं. बताया जाता कि पहली लहर की तुलना में गांव में संक्रमण तीन गुणा हो चुका है.

इलाज के नाम पर खानापूर्ति

गांवों में कोरोना का न तो टेस्ट हो रहा है न ही बेहतर तरीके से इलाज. आलम यह है कि यहां कोरोना मरीज को बीमारी की जानकारी मिलने से पहले मौत हो जाती है. पहली लहर के दौरान कोरोना मरीजों के लिए कोरेंटिन में रखने से लेकर तमाम सख्ती प्रशासन द्वारा की जाती थी, लेकिन इस बार ऐसा कुछ नहीं किया जा रहा है. वहीं प्रखंड स्तर पर जांच की व्यवस्था सरकार द्वारा की गई है, लेकिन यहां सिर्फ एंटीजन टेस्ट ही किया जाता है. बताया जाता है कि राज्य के कुछ ही पीएचसी केंद्रों पर आरटीपीसीआर टेस्ट की जाती है.

श्मशान घाट पर दे रही गवाही

बिहार के गांवों में कोरोना से लगातार मौत की गवाही के गांवों के श्मशान घाट दे रही है. बिहार के बेतिया जिले के साठी के पास पंडई नदी पर बनें श्मशान घाट पर पिछले एक पखवाड़े में 100 से अधिक शवों का संस्कार किया जा चुका है.

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