पटना

कोरोना केस पर पटना हाईकोर्ट की गंभीर टिपण्णी- बिहार कोविड को खा गया, यह सच्चाई नहीं

पटना हाईकोर्ट ने कोरोना को लेकर चल रहे मामलों पर सुनवाई करते हुए कहा कि मामला सुप्रीम कोर्ट में लंबित है। हाईकोर्ट का अभी इस संबंध में कुछ कहना उचित नहीं होगा, लेकिन बिहार के लोगों की सोच बदलनी जरूरी है। यहां के लोग यह समझ रहे हैं कि बिहार से कोरोना चला गया। 

कोर्ट का कहना है कि बिहार कोरोना को खा गया। सच्चाई यह नहीं है। घनी आबादी वाला यह राज्य है। यहां देश के दसवें हिस्से के लोग निवास करते हैं। यहां के लोगों को ज़ोर देकर बताना होगा कि कोरोना कितना भयावह संक्रमण है। केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा चलाये जा रहे कोरोना बचाव के सभी कार्यक्रम से लोगों को जागरूक करना होगा। उन्हें समझाना होगा की शहरों एवं गांवों में कोरोना संक्रमण से लोग प्रभावित हो रहे हैं। 

वहीं, महाधिवक्ता ने बताया कि मौसम की वर्तमान स्थिति को देखते हुए सरकार लोगों को जागरूक करने में लगी हुई है। कोर्ट ने जोर देकर कहा कि लोगों को जागरूक करने से ही कोरोना से निपटा जा सकता है। मास्क पहनना, सामाजिक दूरी बरकरार रखना, सार्वजनिक जगहों पर भीड़ इकट्ठा न होने देना और सभी तरह का प्रयास करने से समस्या से सही तरीके से निपटा जा सकता है। 

680 नये संक्रमित मिले, छह की हुई मौत
इधर बिहार में 680 नए कोरोना संक्रमितों की पहचान बुधवार को हुई और छह संक्रमितों की इलाज के दौरान मौत हो गई। इसके साथ ही राज्य में कोरोना संक्रमितों की संख्या बढ़कर 2,36,778 और मृतकों की संख्या बढ़कर 1274 हो गयी। राज्य में अभी कोरोना के एक्टिव मरीजों की संख्या 5502 है, जिनका इलाज  किया जा रहा है।  स्वास्थ्य विभाग के अनुसार पटना में सर्वाधिक 233 नए कोरोना संक्रमितों की पहचान हुई। इसके अतिरिक्त 18 जिलों में दस या उससे अधिक कोरोना संक्रमित मिले जबकि शेष 19 जिलों में दस से कम कोरोना संक्रमितों की पहचान की गई।  

24 घंटे में राज्य में 1 लाख 26 हजार 606 सैंपल की कोरोना जांच
राज्य में कोरोना संक्रमितों के स्वस्थ होने की दर 97.14 फीसदी रही। पिछले 24 घंटे में 636 कोरोना संक्रमित इलाज के बाद स्वस्थ हो गए। चिकित्सकों ने उन्हें कोरोना से बचाव को लेकर सभी सावधानियां बरतने का निर्देश दिया। राज्य में अबतक 2,30,001 संक्रमित मरीज इलाज के बाद स्वस्थ हो चुके हैं।  प्राप्त जानकारी के अनुसार पिछले 24 घंटे में राज्य में 1 लाख 26 हजार 606 सैंपल की कोरोना जांच की गयी। राज्य में अबतक 1 करोड़ 49 लाख 21 हजार 21 सैंपल की कोरोना जांच की जा चुकी है। 
 

बिहार में पहले कोरोना वॉरियर्स को लगेगा टीका

बिहार में सबसे पहले फ्रंट लाइन कोरोना वॉरियर्स को कोरोना का टीका (वैक्सीन) लगेगा। स्वास्थ्य विभाग के निर्देश पर सभी जिलों में कोरोना महामारी से बचाव को लेकर सबसे आगे की पंक्ति में कार्य कर रहे कर्मियों को टीका लगाने की तैयारी शुरू कर दी गई है। 

सूत्रों के अनुसार स्वास्थ्य विभाग के अपर सचिव सह राज्य स्वास्थ्य समिति के कार्यपालक निदेशक मनोज कुमार ने सभी जिलों के सिविल सर्जन को निर्देश दिया है कि वे अपने-अपने जिले में कोरोना वॉरियर्स का डाटा-बेस तैयार करें। ताकि यह आकलन किया जा सके कि पहले चरण में कितनी वैक्सीन की जरूरत होगी। केंद्र सरकार से मिलने वाली कोरोना वैक्सीन की पहली खेप का इस्तेमाल इनके लिए ही किया जाएगा। 

सरकारी के साथ ही निजी कर्मियों का भी ब्योरा एकत्र होगा 
कोरोना की वैक्सीन लगाने को लेकर सरकारी क्षेत्र के साथ ही निजी क्षेत्र के सभी स्वास्थ्यकर्मियों का डाटा-बेस बनेगा। इसमें निजी अस्पतालों के डॉक्टर व कर्मी भी शामिल होंगे जो  कोरोना काल में आमलोगों की जांच व इलाज से जुड़े रहे हैं। इसमें आशा कार्यकर्ताओं को भी शामिल किया जाएगा, जो गांवों में घर-घर जाकर एंटीजन टेस्ट किट से कोरोना की जांच कर रही हैं। डाटा-बेस के तहत सभी कर्मियों का नाम, पता, उम्र, पहचान पत्र इत्यादि का ब्योरा एकत्र किया जाएगा। 

सूत्रों की मानें तो कोरोना से मुकाबले में जुटे सरकारी क्षेत्र के डॉक्टरों व स्वास्थ्यकर्मियों और आशा कार्यकर्ताओं सहित निजी क्षेत्र के करीब चार लाख से अधिक फ्रंट वर्कर को कोरोना वैक्सीन पहले लगाया जाएगा। इसमें आयुष क्षेत्र के आयुर्वेद, होमियोपैथी व यूनानी चिकित्सा के डॉक्टर व कर्मी भी शामिल हैं। इनके द्वारा शिविर लगाकर, हाट-बाजारों में और कोविड केयर सेंटर में आने वाले कोरोना संक्रमितों का इलाज किया जाता रहा है। इसमें सभी मेडिकल कॉलेज अस्पतालों के डॉक्टर व कर्मी, एम्स, पटना, आईजीआईएमएस, पटना सहित विभिन्न अस्पतालों के डॉक्टर व स्वास्थ्यकर्मी भी शामिल हैं। 

केंद्र के दिशा-निर्देशों के अनुरूप की जा रही तैयारी 
स्वास्थ्य विभाग के सचिव लोकेश कुमार सिंह ने बताया कि केंद्र सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुरूप वैक्सीन के वितरण की तैयारी की जा रही है। इसके लिए पहले आधारभूत संरचना का निर्माण किया जाएगा। केंद्र से कोरोना वैक्सीन मिलने की प्रत्याशा में पहले ही तैयारी शुरू कर दी गयी है। 

Share This Post