राजनीति

एक सप्ताह के अंदर 2 मंत्री और IG की मौत, डिप्टी सीएम बोले.. बिहार से कोरोना भाग गया

बिहार में एक सप्ताह के अंदर 2 मंत्री और एक आईजी की मौत हो गई. जिसमें मंत्री कपिल देव कामत और आईजी कोरोना पॉजिटिव थे. मंत्री विनोद सिंह कोरोना पॉजिटिव होने के बाद ठीक हुए, लेकिन उनको ब्रेन हैमरेज हुआ और उनका निधन हो गया. इसके बाद भी बिहार के डिप्टी सीएम सुशील कुमार मोदी कह रहे हैं कि बिहार में कोरोना भाग गया है.

डुमरांव में कर रहे थे सभा

सुशील मोदी बक्सर के डुमरांव में चुनावी सभा संबोधित करते हुए कहा कि ‘’भीड़ देखकर लगता है कि बिहार से कोरोना भाग गया है, कहां है कोरोना. हमलोगों ने जो बिहार में इंतेजाम किया था उसके कारण ही मौत कम हुई. बिहार में 950 लोगों की मौत कोरोना से हुई. वहीं, महाराष्ट्र में जहां पर डॉक्टर अधिक है, हॉस्पिटल अच्छे हैं, फिर भी 40 हजार लोग मर गए. रोज 650 लोग मर रहे है. लेकिन बिहार में ऐसे ही नहीं हुआ है. इसको लेकर इंतेजाम करना पड़ा है”.

आज कोरोना से आईजी की मौत

कोरोना से पूर्णिया रेंज के आईजी विनोद कुमार की मौत हो गई. जिसके बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है. कुछ दिन पहले तबीयत खराब होने के बाद आईजी विनोद कुमार ने कोरोना जांच कराया था. जिसमें वो संक्रमित पाए गए थे. कोरोना होने के बाद उनका इलाज पूर्णिया में ही चल रहा था. दो दिन पहले तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें इलाज के लिए पटना एम्स में भर्ती कराया गया था. जहां उनकी हालत बिगड़ती जा रही थी. उन्हें वेंटीलेटर पर रखा गया था. इलाज के दौरान शनिवार की एम्स में उनका निधन हो गया.

कोरोना संक्रमित कपिल देव कामत का निधन

16 अक्टूबर को कोरोना से बिहार सरकार के पंचायती राज मंत्री कपिल देव कामत का निधन हो गया. मधुबनी के बाबूबरही से कपिल देव कामत विधायक थे. कई दिनों से कपिलदेव कामत की स्थिति नाजुक बनी हुई थी. जिसके बाद उनको एम्स में भर्ती कराया गया था. लेकिन इलाज के दौरान उनका निधन हो गया.



विनोद सिंह का निधन

12 अक्टूबर को बिहार सरकार के मंत्री विनोद सिंह का निधन हो गया था. 16 अगस्त को ब्रेन हेमरेज हुआ. ब्रेन हेमरेज के बाद मंत्री विनोद सिंह को तत्काल पटना के एक हॉस्पिटल में एडमिट कराया गया. फिर यहां से उनको एयर एंबुलेंस से दिल्ली भेज गया. पिछड़ा-अति पिछड़ा कल्याण मंत्री विनोद सिंह 28 जून को कोरोना संक्रमित पाए गए थे. कुछ दिनों के बाद वह ठीक हुए, लेकिन इस बीच ब्रेन हैमरेज हो गया. जिसके बाद उनका इलाज दिल्ली के मेदांता में चल रहा था.



पटना के दो पत्रकारों की मौत

14-15 अक्टूबर के बीच पटना के दो सीनियर पत्रकारों का भी कोरोना से मौत हो गई. इसमें से एक चुनावी सभा के दौरान संक्रमित हुए थे. कई संक्रमित होकर ठीक हुए.



कोरोना ने रघुवंश प्रसाद सिंह की बिगाड़ी थी तबीयत

रघुवंश प्रसाद सिंह को भी पहले कोरोना संक्रमित हुए. जिसके बाद एम्स में भर्ती कराया, लेकिन ठीक होने के बाद उनको सांस संबंधित परेशानी होने लगी थी. दिल्ली एम्स में भर्ती कराया गया था. कोरोना ने उनके फेफड़े को काफी डैमेज किया था. इलाज के दौरान 13 सितंबर को उनका निधन हो गया.

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