Central Pusa University
समस्तीपुर

डॉ. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय पूसा में अब आम लोग भी खरीद सकते हैं विश्वविद्यालय की उत्पादित चीजें

समस्तीपुर : डॉ. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय पूसा के प्रशासनिक भवन के समीप विश्वविद्यालय द्वारा उत्पादित वस्तुओं का बिक्री केंद्र बनाया गया है। इसका उद्घाटन कुलपति डॉ. आरसी श्रीवास्तव ने गुरुवार को किया। इस बिक्री केंद्र के उद्घाटन से अब आमजन भी आसानी से विश्वविद्यालय के द्वारा उत्पादित मशरूम, मधु, वर्मी कंपोस्ट, गुड़ सहित मशरूम से बने विभिन्न प्रकार के व्यंजनों की खरीदारी कर सकते हैं। बिक्री केंद्र का उद्घाटन करते हुए कुलपति ने कहा कि विश्वविद्यालय द्वारा पिछले 3 वर्षो में उत्कृष्ट उत्पाद बनाए गए हैं। जिसकी मांग आम लोगों में भी ज्यादा है। वैसे लोगों को अब यह उत्पाद आसानी से प्राप्त हो सकेगा। बिक्री केंद्र को पूरी तरह विश्वविद्यालय में उगाए गए बांस से बनाया गया है। बांस की ही विभिन्न कलाकृतियों से इसे सुंदरता प्रदान की गई है। इसमें फर्नीचर तथा रैक आदि भी बांस से ही बनाया गया है। इस अवसर पर बोलते हुए बेसिक साइंस के डीन डॉ. सोमनाथ राय चौधरी ने कहा कि कुलपति विश्वविद्यालय परिवार के साथ-साथ आस पास के लोगों का भी पूरा ख्याल रखते हैं। इसी को देखते हुए उन्होंने विश्वविद्यालय अस्पताल में आसपास के लोगों के लिए भी इलाज की व्यवस्था की है तथा विश्वविद्यालय के विभिन्न उत्पाद सभी लोगों को मिल सके इसके लिए बिक्री केंद्र की शुरुआत की है। कुलपति का यह कदम प्रशंसनीय है। बिक्री केंद्र के उद्घाटन के मौके पर डॉ. एमएन झा, डॉ. प्रेम प्रकाश श्रीवास्तव, डॉ. के एम सिंह समेत विभिन्न डीन एवं डायरेक्टर उपस्थित थे। नल-जल योजना बाधित, धरना पर बैठे भाजपा नेता

ताजपुर प्रखंड की मुरादपुर बंगरा पंचायत के वार्ड तीन में नल जल योजना बाधित रहने को लेकर गुरुवार को स्थानीय भाजपा नेता सह पूर्व जिला महामंत्री दिनेश कुमार कुशवाहा प्रखण्ड परिसर में अनिश्चितकालीन धरना पर बैठ गए। इनके साथ वार्ड सदस्य पूनम देवी एवं वार्ड क्रियान्वयन समिति सदस्य राजेश कुमार, सचिव रौशन कुमार भी धरना में शामिल हुए। धरना दे रहे नेताओं ने आरोप लगाते हुए बताया कि नल जल योजना में पदाधिकारी की मिलीभगत से मुखिया द्वारा बार-बार व्यवधान उत्पन्न किया जाता है। खाते में राशि का भुगतान नहीं किया जा रहा है। जिससे वार्ड के लोग आज तक पानी से वंचित हैं। बताया कि पूर्व में अनशन किए जाने पर तत्कालीन बीडीओ के द्वारा शीघ्र राशि का भुगतान कर काम पूरा कराने का आश्वासन दिया गया था। परंतु आज तक राशि का भुगतान नहीं किया गया है।

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