समस्तीपुर

समस्तीपुर शहर के पटेल मैदान स्थित वाहन कोषांग में करंट से चालक की मौत, आक्रोशितों ने किया बवाल

समस्तीपुर । शहर के पटेल मैदान स्थित वाहन कोषांग में विद्युत स्पर्शाघात से एक वाहन चालक की मौत शनिवार को हो गई। इससे आक्रोशित वाहन चालक व उपचालकों ने पटेल मैदान स्टेडियम गोलंबर चौराहा के निकट सड़क जाम कर छह घंटे तक बवाल किया। वाहन व बांस-बल्ला लगाकर रास्ते को अवरुद्ध कर दिया। सड़क पर टायर जलाकर आगजनी की। आसपास की दुकानों को बंद करा दिया। इस दौरान कई लोगों से नोकझोंक भी हुई। पूरे दिन शहर में यातायात व्यवस्था प्रभावित रही। मृतक की पहचान लखीसराय जिला के पहाड़पुर निवासी 40 वर्षीय मुकेश सिंह के रूप में हुई है। सूचना मिलते ही घटनास्थल पर काफी संख्या में पुलिस बल को तैनात किया गया। छह घंटे के बाद स्थिति सामान्य हुई।



जिला प्रशासन की ओर से विधानसभा चुनाव को लेकर शहर के पटेल मैदान में वाहन कोषांग बनाया गया है। यहां चुनाव कार्य के लिए वाहनों को जब्त कर रखा जा रहा है। काफी संख्या में चालक व उपचालक भी रह रहे हैं। इस क्रम में शनिवार सुबह करीब 9 बजे मालवाहक का चालक मुकेश वाहन कोषांग से निकलकर चापाकल पर स्नान के लिए गया। इस क्रम में चापाकल के निकट विद्युत प्रभावित तार के संपर्क में आने से मौत हो गई। इसके बाद वहां चालक व उपचालकों का आक्रोश फूट पड़ा। वे सभी उग्र हो गए। घटनास्थल से मृतक के शव ले जाकर पटेल मैदान स्टेडियम स्थित गोलंबर चौराहा पर रख दिया। समस्तीपुर-दरभंगा मार्ग में बांस-बल्ला लगाकर सड़क जाम कर दिया। सड़कों पर टायर जलाकर आगजनी की। आसपास की दुकानों को बंद करा दिया। सूचना मिलते ही दलबल के साथ सदर डीएसपी प्रीतिश कुमार, एसडीओ आरके दिवाकर, सीओ धर्मेद्र पंडित, नगर थानाध्यक्ष अरुण राय, मुफस्सिल थानाध्यक्ष विक्रम आचार्य ने जामस्थल पर आक्रोशित लोगों को समझाने का प्रयास किया। जाम कर रहे आक्रोशित लोगों ने पीड़ित परिवार को सरकारी मुआवजे की राशि और आश्रित को सरकारी नौकरी की मांग की। पीड़ित परिवार के लोगों ने बताया कि मुकेश मालवाहक का चालक है। गत 26 अक्टूबर को जिला प्रशासन द्वारा चुनाव कार्य के लिए उसके वाहन को जब्त किया गया था। जिसके बाद से वह अपने पुत्र अमित कुमार के साथ पटेल मैदान में रह रहा था। घटनास्थल पर पिता के शव को देखते ही उसका पुत्र अचेत हो गया। जिसे स्थानीय लोगों के सहयोग से सदर अस्पताल ले जाकर उपचार कराया गया। लगभग छह घंटे तक विरोध प्रदर्शन के बाद लोगों का आक्रोश शांत हुआ। स्थानीय पुलिस को काफी मशक्कत का सामना करना पड़ा। एडीएम विनय प्रसाद ने मृतक के आश्रित को पंद्रह लाख रुपये सहायता राशि का चेक प्रदान किया और दाह संस्कार के लिए नकद राशि प्रदान की। इसके बाद स्थिति सामान्य हुई। लोग मृतक के आश्रित को सरकारी नौकरी की मांग कर रहे थे।इस दौरान काफी संख्या में पुलिस बल तैनात रहे ।

पेयजल, शौचालय की भी कमी

शहर के पटेल मैदान स्थित वाहन कोषांग में चालक व उपचालकों ने बताया कि वाहन कोषांग में चालक व उपचालकों को काफी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। जिला प्रशासन की ओर से चुनाव कार्य के लिए वाहनों को जब्त किया गया है, लेकिन चालक व उपचालकों के लिए कोई विशेष व्यवस्था नहीं की गई है। चालकों के खाना, खुराकी के भुगतान में कटौती की जा रही है। शौचालय व पेयजल का भी अभाव है। इसको लेकर कई बार विभागीय पदाधिकारियों का ध्यान आकृष्ट कराया गया। लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।

चापाकल के पास ही पड़ा था विद्युत प्रवाहित तार

पीड़ित परिवार के लोगों ने कहना है कि प्रशासनिक लापरवाही से यह घटना हुई है। जहां पर चापाकल लगा है, उसी स्थान से विद्युत प्रवाहित तार गुजर रहा था। घटना के बाद कोषांग के पदाधिकारी व टेंट चालक घटनास्थल से भाग निकले। इसके बाद लोगों का आक्रोश फूट पड़ा।

छह घंटे तक जाम के झाम में जूझते रहे लोग

वाहन चालकों के द्वारा सड़क जाम के कारण शहर की ट्रैफिक व्यवस्था चरमरा गई। पूरे दिन यातायात प्रभावित रहा। लोग जाम के झाम में जूझते रहे। समस्तीपुर-दरभंगा मार्ग में मुसरीघरारी से लेकर मुक्तापुर तक लगभग दस किलोमीटर तक लंबी वाहनों की कतार लग गई। इसके अलावे ताजपुर रोड, कचहरी रोड, मोहनपुर रोड में जगह जगह वाहनों की कतार रही। छह घंटे तक लोग जाम में फंसे रहे। एंबुलेंस व इमरजेंसी सेवाएं भी बाधित हो गई। खासकर मरीजों को अस्पताल पहुंचने में भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा

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