बिहार विधानसभा चुनाव 2020

चुनाव आयोग का फरमान, पहले दो घंटे तक मतदान शुरू नहीं हुआ तो स्थगित मानी जाएगी वोटिंग प्रक्रिया

बिहार में विधान परिषद के स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के लिए होने वाले मतदान के दौरान वैसे मतदान केंद्र जहां दो घंटे तक मतदान प्रक्रिया किसी कारणवश बाधित हो जाती है अर्थात मतदान की प्रक्रिया दो घंटे के अंदर शुरू नही हो पाती है, वहां मतदान प्रक्रिया स्थगित मानी जायेगी।

भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर अपर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी बाला मुरुगन डी. ने पटना, दरभंगा व तिरहुत स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र तथा कोसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र और सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के निर्वाची पदाधिकारियों को इसकी जानकारी दी है। राज्य में 22 अक्टूबर को विधान परिषद की 8 सीटों के लिए मतदान होगा। इस चुनाव में शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की चार सीटों और स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की चार सीटों के लिए अलग-अलग मतदान होगा।


ससमय पुनर्मतदान की अनुशंसा करने का निर्देश
चुनाव आयोग ने ऐसे मतदान केंद्रों पर जहां दो घंटे तक मतदान प्रक्रिया शुरू नही हो पायी हो, वहां ससमय मतदान स्थगित करने और पुनर्मतदान की अनुशंसा करने का निर्देश दिया है। इसके लिए निर्वाची पदाधिकारी और चुनाव प्रेक्षक को जिम्मेदारी सौंपी है। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार पीठासीन पदाधिकारी को डायरी में किस अवधि में किस कारण से मतदान बाधित हुआ, इसकी जानकारी देनी होगी। आयोग ने इस बात की जानकारी ससमय सभी प्रेक्षक, सहायक निर्वाची पदाधिकारी और अन्य पदाधिकारियों को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। पीठासीन पदाधिकारी के द्वारा अपनी डायरी में कारणों को अंकित किया जाएगा और सम्बद्ध जानकारी के आधार पर प्रेक्षक और निर्वाची पदाधिकारी पुनर्मतदान की अनुशंसा करेंगे।

मतदान में देरी से निष्पक्ष चुनाव संभव नही होता
आयोग का मानना है कि कई बार किन्हीं कारणों से मतदान समय पर नही हो पाता है, जिससे योग्य मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल नही कर पाते हैं। इससे स्वच्छ और निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया बाधित होती है।

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