बिहार

कालाबाजारी और धांधली रोकने की कवायद, बिहार में अब ऑनलाइन मिलेगा खाद और बीज का लाइसेंस

बिहार में खाद, बीज और कीटनाशी बेचने का लाइसेंस लेने के लिए ऑनलाइन आवेदन करना होगा। कृषि विभाग ने लाइसेंस देने के साथ ही लाइसेंसधारियों के स्तर पर खाद व बीज बेचने में हो रही गड़बड़ी की शिकायतों को दूर करने के लिए पूरी व्यवस्था ऑनलाइन कर दी है। साथ ही, लाइसेंस देने या आवेदन रद करने की समय-सीमा भी तय कर दी गई है। 

गत 15 सितम्बर से ही ऑफलाइन आवेदन लेना बंद कर दिया गया। राज्यस्तर पर यह व्यवस्था जनवरी से ही शुरू है। अब जिलों में भी नई व्यवस्था लागू कर दी गई। विभाग ने इसकी सूचना सभी संबंधित अधिकारियों के साथ सभी जिला कृषि पदाधिकारियों को भी दे दी है।  नई व्यवस्था में लाइसेंस लेने को इच्छुक व्यक्ति को पहले कृषि विभाग के डीबीटी पोर्टल पर जाकर अपना आधार कार्ड निबंधित करना होगा। उसके बाद उन्हें उसी वेबसाइट पर फॉर्म दिखेगा। जिसके लिंक में मांगी गई पूरी जानकारी देनी होगी।

 साथ ही, सारे कागजात भी उन्हें स्कैन कर अपलोड करना होगा। कागजात की सूची भी वहीं मिल जाएगी। आवेदन पूरा करने के बाद बाद उसकी हार्ड कॉपी का प्रिंट लेना होगा। हार्ड कॉपी को एक सप्ताह के भीतर संबंधित कार्यालय में जाकर जमा करना होगा। उसके बाद विभाग की प्रक्रिया शुरू होगी। राज्य में खाद की बिक्री में कई तरह की अनियमितताएं हाल ही में पकड़ी गई हैं। बीज और कीटनाशी में भी डीलर मनमानी करते हैं। लाइसेंस क्षेत्र की सीमा से बाहर जाकर बेचने की शिकायत तो आम है। इसके अलावा डीलरों की भी शिकायत रहती है कि उन्हें लाइसेंस देने में परेशान किया जाता है। इन्हीं शिकायतों पर विभाग ने ऑनलाइन व्यवस्था कर पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी बना दिया है। 

हर काम के लिए समय सीमा तय
विभाग ने नई व्यवस्था में हर स्तर के लिए समय तय कर दिया है। स्थल जांच से लेकर किरायानामा की जांच के लिए भी समय तय है। कुल मिलाकर हार्ड कॉपी जमा करने के एक महीने के भीतर आवेदक को या तो लाइसेंस निर्गत कर देना होगा या फिर रद्द किये जाने की सूचना उसे उचित कारण के साथ देनी होगा। यही प्रक्रिया बीज और कीटनाशक के मामले में भी अपनानी होगी।

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Kunal Raj
Editor-In-Chief l Software Engineer l Digital Marketer