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RBI: 1 जनवरी से बदल जाएंगे कॉन्टैक्टलेस कार्ड से पेमेंट के नियम, जानें इसके फायदे और जोखिम

रिजर्व बैंक ने कॉन्टैक्टलेस कार्ड से भुगतान की सीमा बढ़ाकर पांच हजार रुपये कर दी है। इसका फायदा 1 जनवरी 2021 से मिलेगा। हालांकि, इस फैसले ने ग्राहकों की चिंता बढ़ा दी है। इसकी वजह यह है कि मॉल या दुकानों में इनके जरिए एक बार में पांच हजार रुपये तक की शॉपिंग के लिए किसी भी तरह के पिन कोड या ओटीपी की जरूरत नहीं होती। इस कार्ड को पेमेंट मशीन (पीओएस) के पास ले जाते ही पेमेंट हो जाता है। इससे ज्यादा के लिए ही पिन या ओटीपी लगेगा। यानी आपका कार्ड किसी और के हाथ लग जाए तो वह एक बार में कम से कम पांच हजार रुपये तक की शॉपिंग कर लेगा। हो सकता है कि जब तक आपको इसका पता चले, तब तक वह आपके खाते से इससे ज्यादा पैसे उड़ा चुका हो।

तीन गुना तेजी से होता है पेमेंट

पिछले कुछ समय से बड़ी संख्या में ग्राहकों को विभिन्न बैंकों के वीजा, मास्टरकार्ड और अमेरिकन एक्सप्रेस कंपनी के इस फीचर वाले डेबिट/क्रेडिट कार्ड मिल रहे हैं। इन बैंकों में एसबीआई, एचडीएफसी, आईसीआईसीआई, सेंट्रल बैंक, एक्सिस और आईडीबीआई जैसे बैंक शामिल हैं। ज्यादातर बैंक अपने विज्ञापनों और वेबसाइट्स पर इसे ज्यादा सुरक्षित बता रहे हैं। उनका तर्क है कि इस सुविधा से कार्ड आपके हाथों में ही रहता है और क्लोनिंग का खतरा नहीं रहता है। साथ ही तीन गुना तेज पेमेंट का दावा भी किया जा रहा है।

खतरा कम नहीं

कॉन्टैक्टलेस कार्ड की सुरक्षा से जुड़े सवाल पर विशेषज्ञों का कहना है कि इन कार्ड्स से सुरक्षा को खतरा तो है। उनका कहना है कि कम से कम पांच हजार रुपये तक तो एक झटके में बिना पिन कोड खरीदारी की जा सकती है। एक दूसरे विशेषज्ञ ने कहा कि ऐसे कार्ड से एक दिन में पांच बार स्वाइप कर सकते हैं। ऐसे में किसी गलत व्यक्ति के हाथ में आपका कार्ड लग जाए तो वह केवल पांच हजार नहीं बल्कि एक दिन में 25 हजार रुपये तक का झटका आपको दे सकता है। हालांकि बैंक के एप के जरिए इसकी लिमिट तय कर सकते हैं।

साइबर धोखाधड़ी को बढ़ावा

साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के कार्ड से लेन-देन असुरक्षित हो सकता है और साइबर धोखाधड़ी को बढ़ावा दे सकता है। इसकी सुरक्षा को लेकर और अधिक स्पष्टता लाने और ग्राहकों को जागरूक करने की जरूरत है। उनका कहना है कि इस मामले में मौजूदा कानून पर्याप्त नहीं हैं। उनका कहना है कि कॉन्टैक्टलेस कार्ड उतना सुरक्षित नहीं है जबकि जारी करने वाले बैंक और कंपनियां इनके पूरी तरह सुरक्षित होने का दावा कर रहे हैं।

ऐसे काम करता है कॉन्टैक्टलेस कार्ड

कॉन्टैक्टलेस कार्ड और पीओएस मशीनों पर एक खास चिन्ह बना होता है। इस मशीन पर करीब चार सेंटीमीटर की दूरी पर कार्ड रखना या दिखाना होता है और आपके खाते से पैसे कट जाते हैं। ऐसे में कार्ड को स्वाइप करने की जरूरत नहीं होती और न ही पिन डालने की जरूरत होती है।

बैंकों में कॉन्टैक्टलेस कार्ड की होड़

हाल के दिनों में नेशनल पेमेंट कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (एनपीसीआई) के साथ मिलकर बैंकों में कॉन्टैक्टलेस रूपे डेबिट कार्ड उतारने की होड़ मची हुई है। सरकारी क्षेत्र के एसबीआई और सेंट्रल बैंक सहित कई अन्य बैंकों ने रूपे कॉन्टैक्टलेस कार्ड उतारा है।

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