उत्तर प्रदेश

राममंदिर: 12 करोड़ हिंदू परिवारों से चंदा, राष्ट्रपति-PM से शुरुआत

अयोध्या में भव्य राममंदिर निर्माण में आम हिंदू जनमानस की सहभागिता के लिए धन संग्रह अभियान शुरू करने से पूर्व राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की ओर से शनिवार को विश्व हिंदू परिषद के प्रांत कार्यालय केसर भवन में काशी प्रांत का पहला संत सम्मेलन आयोजित किया गया। सम्मेलन की शुरुआत भगवान श्रीराम की मूर्ति पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन से की गई।

ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने बताया कि ट्रस्ट की ओर से समर्पण अभियान 14 जनवरी से 27 फरवरी 2021 तक चलाया जाएगा। धन संग्रह की शुरुआत राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और उपराष्ट्रपति से की जाएगी। सभी शहरों में धन संग्रह की शुरुआत वहां के प्रमुख लोगों जैसे प्रथम नागरिक मेयर आदि से होगी। 5 लाख से अधिक गांवों में 12 करोड़ हिन्दू परिवारों के 55 करोड़ सदस्यों को इससे जोड़ा जाएगा। धन संग्रह के लिए पूरे देश में एक लाख टोली निकलेगी और हर टोली में न्यूनतम तीन-तीन लोग होंगे।

राम जन्मभूमि मंदिर निर्माण के विषय में जानकारी देते हुए महासचिव ने बताया कि यह कोई कंक्रीट का मंदिर नहीं है, बड़े से बड़े विशेषज्ञ की राय से यह मंदिर पत्थरों से बनाया जा रहा है। यह भगवान का घर है कोई कम्युनिटी सेंटर नहीं, इसलिए हमें किसी से कुछ मांगने की आवश्यकता नहीं है। भगवान के लिए अपनी सामर्थ्य के अनुसार समाज स्वयं देगा।

सम्मेलन की अध्यक्षता करते हुए ट्रस्ट के सदस्य स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती ने कहा कि हमें तो प्रभुराम की सेवा के लिए सबसे सहयोग लेना है, सबको जागृत करना है। ये भावना सबमें जागृत करनी है कि मंदिर बनने के बाद वे भगवान के दर्शन करें। हम भीख मांगने नहीं जा रहे हैं। भीख मांगना होगा तो खप्पर में दो रोटी मांगकर और खाकर भजन करेंगे।

अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरी ने कहा की अखाड़ा परिषद की ओर से समाज में इस समर्पण अभियान के लिए अपील की जाएगी एवं भक्तों से इस अभियान में सहयोग के लिए कहा जाएगा। विहिप के केंद्रीय संत संपर्क प्रमुख अशोक तिवारी ने कहा कि यह धन संग्रह नहीं समर्पण का कार्यक्रम है। हिंदू समाज जो अपनी श्रद्धा एवं इच्छा से सहयोग करेगा वह सब स्वीकार्य हैं।

स्वामी जितेंद्रानंद, घनश्यामाचार्य, गोपालजी महाराज, श्रीधराचार्य, राम रतन दास, फलाहारी बाबा, रामानुजाचार्य, लाल बाबा, डॉ. रामेश्वर दास, अवधेश, सुदर्शन, डॉ. चंद्रदेव मिश्र, कैलाशानंद, बटुक महाराज, योगी राजकुमार, चंद्रभूषणाचार्य, हरेंद्र पुरी गोस्वामी समेत प्रतापगढ़, कौशांबी, सुल्तानपुर व अमेठी के संतों ने कहा कि वह सब अपना स्थान छोड़कर इस अभियान में समाज के बीच जाएंगे।

कार्यक्रम में विहिप के प्रांत संगठन मंत्री मुकेश कुमार, विमल प्रकाश, सुरेश अग्रवाल, शंकर देव त्रिपाठी, अजय गुप्ता, विनोद अग्रवाल, लालमणि तिवारी, सुशील राय, अमित पाठक, सत्येंद्र शुक्ला, महेंद्र मौर्य, शिवम द्विवेदी, विजय पांडेय, अश्वनी मिश्र, अभिमन्यु, दुर्गेश सिंह, कमला मिश्रा आदि रहे।

बैंक में जमा होगा हर दिन का संग्रहित धन

ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने बताया कि अभियान में संग्रहित धन हर दिन बैंक में जमा किया जाएगा। एसबीआई, पीएनबी और बैंक ऑफ बड़ौदा के खातों रुपये जमा करने की व्यवस्था की गई है। 10 रुपये से लेकर 100 रुपये या अधिक राशि के कूपन अलग-अलग साइज के होंगे। हर कूपन पर भगवान श्रीराम और मंदिर का चित्र होगा।

रामनवमी पर प्रभु श्रीराम की मूर्ति पर पड़ेगी सूरज की रोशनी

महासचिव ने बताया कि श्रीराम मंदिर का निर्माण इस प्रकार हो रहा है कि प्रत्येक रामनवमी पर प्रभु श्रीराम की मूर्ति पर सूरज की रोशनी पड़ेगी। मंदिर निर्माण की प्रक्रिया 3 वर्षों में पूर्ण होगी। इस मंदिर की एक-एक ईट हिंदू समाज का मान बढ़ाएगी। जमीन से मंदिर की ऊंचाई 16.5 फीट होगी। परिसर में संग्रहालय भी बनेगा।

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