बिहार

बिहार सरकार का आदेश, सरकारी सेवक को अपने ऊपर दर्ज मुकदमे की जानकारी विभाग को देनी होगी

नौकरी के दौरान किसी सरकारी सेवक पर दर्ज होनेवाले आपराधिक मामले की जानकारी उन्हें विभाग को देनी होगी। ऐसा नहीं करना सरकारी सेवक पर भारी पड़ सकता है। सरकार ऐसे कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई कर सकती है। सरकारी सेवकों द्वारा मुकदमे की जानकारी नहीं देने के मामले सामने आने के बाद राज्य सरकार ने यह निर्णय लिया है। निर्णय के संबंध में सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा विभागाध्यक्षों, प्रमंडलीय आयुक्त, डीएम और जिलों के एसपी को पत्र लिखा गया है।

जानकारी छुपाई तो कदाचार माना जाएगा
सामान्य प्रशासन विभाग के मुताबिक, सरकारी सेवक के सेवाकाल में उसके विरुद्ध कोई आपराधिक मामला दर्ज होता है या न्यायालय में आरोप पत्र दायर होता है तो उन्हें इसकी जानकारी अपने विभाग को देनी होगी। आपराधिक वाद से संबंधित तथ्य उन्हें अनिवार्य रूप से बताना होगा। ऐसा नहीं किया जाना संबंधित सरकारी सेवक का कदाचार माना जाएगा। 

एजेंसी को आरोप पत्र की जानकारी देनी होगी
वहीं, सरकारी सेवक के खिलाफ दर्ज आपराधिक मामले में अभियोजन एजेंसी द्वारा न्यायालय में आरोप पत्र दायर करने के बाद तुरंत इसकी जानकारी नियुक्ति प्राधिकार व कार्यालय प्रधान को देनी होगी। सामान्य प्रशासन विभाग ने स्पष्ट किया है कि इन निर्देशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित कराया जाए। 

सूचना नहीं दिए जाने के चलते लिया गया निर्णय
अक्सर ऐसा देखा जाता है कि संबंधित सरकारी सेवक द्वारा उनके विरुद्ध दायर आपराधिक मामलों की सूचना उपलब्ध नहीं कराई जाती है। कभी-कभार संबंधित अभियोजन एजेंसी द्वारा भी आरोप पत्र दायर किए जाने की सूचना नहीं दी जाती है। इस वजह से सरकारी सेवक के स्थापना संबंधी मामलों में निर्णय लेने में दिक्कत होती है या गलत निर्णय की संभावना बनी रहती है। इसी के मद्देनजर यह कदम उठाया गया है। 

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