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पटना

पटना: कूड़ा फेंकने घर से बाहर निकले हॉस्टल संचालक को गोलियों से भूना, पति की लाश देख बेहोश हुई पत्नी

हॉस्टल संचालक और दूध का करोबार करने वाले सतीश कुमार (40) को अपराधियों ने उनके घर के सामने ही गोलियां से भून डाला। यह खूनी वारदात राजधानी पटना के पाटलिपुत्र थानांतर्गत मिल्की मैनपुरा स्थित विशाल हनुमान मंदिर के समीप शुक्रवार की शाम हुई।  यहीं सतीश पत्नी व बच्चों के साथ रहते थे। हत्या का आरोप दिलीप के बड़े भाई के बेटे शिवांत कुमार पर लगा है। घटना के बाद अपराधी फरार हो गये। मृतक सतीश और दिलीप सहोदर भाई हैं। शिवांत बड़े भाई दिलीप का बेटा है। प्रभारी डीएसपी विधि व्यवस्था राजकिशोर सिंह और पाटलिपुत्र थानेदार एसके शाही ने मौके पर पहुंचकर तफ्तीश शुरू की। घटनास्थल से दो खोखे पुलिस ने बरामद किये हैं। शिवांत और अन्य की तलाश में छापेमारी जारी है।

दरअसल, शाम के वक्त सतीश ने अपनी पत्नी को चाय बनाने को कहा फिर खुद कचरा फेंकने के लिये बाहर निकल गये। इसी बीच बाइक सवार तीन अपराधियों ने फार्यंरग की। सीना, पेट और शरीर के अन्य हिस्सों में गोली लगते ही सतीश जमीन पर गिर पड़े। मृतक की पत्नी का आरोप है कि शिवांत और उसके साथी बाइक पर सवार होकर आये थे। उन्होंने ही उनके पति को गोली मारी है। 

सीसीटीवी कैमरे की पड़ताल 
सूत्रों की मानें तो पुलिस टीम ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरे की पड़ताल शुरू कर दी है। उसमें कुछ तस्वीरें भी पुलिस के हाथ लगी हैं। अपराधी जिस बाइक से फरार हुए उसका भी पता लगाया जा रहा है।  

पहले भी हो चुकी थी मारपीट, जेल गया था भतीजा
पहले भी दोनों भाइयों और भतीजे के बीच झगड़ा हो चुका है। सतीश की पत्नी रिचा का आरोप है कि दिलीप और सीमांत ने मिलकर उनके पति के साथ मारपीट भी की थी। मामला पाटलिपुत्र थाने में दर्ज हुआ था। सीमांत को पुलिस ने जेल भेज दिया था। हाल ही में वह जेल से छूटकर बाहर निकला था। 

पेशेवर शूटरों ने एक-एक कर मारी पांच गोलियां 
जिस तरीके से इस घटना को अंजाम दिया गया है उससे यह साफ है कि सतीश को गोली दागने वाले शूटर बेहद पेशेवर थे। एक-एक कर उन्होंने पांच गोलियां दागीं। अपराधी सतीश को मौत के घाट उतारने ही आये थे। गोली पिस्टल से चली है। अपराधियों ने अपना चेहरा भी ढक रखा था। 

नेहरूनगर के मकान को लेकर चल रहा है विवाद
मैनपुरा के रहने वाले शत्रुध्न के बेटों दिलीप और सतीश के बीच नेहरूनगर के विशाल हनुमान मंदिर के समीप स्थित मकान को लेकर विवाद चल रहा था। इसी जगह दो चार मंजिला का मकान है। एक में शत्रुध्न और उनकी पत्नी इंदु देवी रहती हैं। दूसरे में सतीश और उनका परिवार रहता है। जबकि बड़ा भाई मैनपुरा में रहता है। आरोप है कि आपराधिक प्रवृति का दिलीप और उसका बेटा सीमांत सतीश पर नेहरूनगर वाले मकान को उसके नाम से लिख देने का दबाव बनाते थे। 

शव देख बेहोश हुईं पत्नी, मचा कोहराम  
हत्या की इस घटना के बाद सतीश के घर में कोहराम मच गया। गोलियों की तड़तड़ाहट सुनकर उनकी पत्नी जैसे ही घर के बाहर निकली सामने वे खून से लथपथ होकर गिरे थे। आनन-फानन में सतीश को एक निजी अस्पताल में ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इधर, अस्पताल पहुंची उनकी पत्नी को जैसे ही पति की मौत का पता चला वे शव के पास ही बेहोश हो गयीं। दिलीप एक पांच साल के बेटे आशुतोष और एक साल की बेटी के पिता थे। 

मां पापा को क्या हुआ है 
सतीश की मौत के बाद उनका बड़ा बेटा आशुतोष अपनी मां के साथ था। मासूम बार-बार मां से पूछ रहा था पापा को क्या हुआ है। लेकिन उसे जवाब देने की हिम्मत पास खड़े लोगों व परिजनों में नहीं थी। एक साल की मासूम बच्ची मां की गोद में यह सबकुछ देख रही थी। 

पहले से घात लगाये थे अपराधी 
अपराधी पहले से घात लगाकर सतीश के घर के आसपास बैठे थे। जैसे ही वे घर से बाहर निकले शूटरों ने हमला कर दिया। अब सीसीटीवी कैमरे के जरिये ही अपराधियों का चेहरा सामने आयेगा। 

बेटे की लाश को देख मां-बाप ने खोया आपा
दिलीप के सटे मकान में ही उनके मां-बाप राहते हैं। बेटे को गोली लगने की खबर मिलते ही दोनों बाहर निकल गये। अस्पताल में बेटे के शव को देखकर मां-बाप ने आपा खो दिया। दोनों अपने बड़े बेटे और पोते को कोस रहे थे। मां का आरोप था कि दिलीप और उसका बेटा अक्सर उन्हें भी मारता-पीटता था। दोनों ने साजिश रचकर सतीश की हत्या करवायी है। 

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