समस्तीपुर

रोसड़ा में स्लूस गेट को खोले जाने की सूचना पर जुटे सैकड़ों लोग

समस्तीपुर । रोसड़ा में करेह नदी के बांए तटबंध में कोलहंटा स्लूस गेट को प्रशासन द्वारा खोले जाने की अपुष्ट सूचना पर क्षेत्र के सैकड़ों ग्रामीण तटबंध पर पहुंच गए। साथ ही किसी भी हाल में गेट नहीं खोलने की मांग करने लगे। प्रशासन और विभाग का विरोध जताते हुए विभिन्न पंचायत के लोगों ने कहा कि यदि अभी स्लूस गेट को खोला गया तो संपूर्ण क्षेत्र में जल प्रलय निश्चित है। करेह नदी के जलस्तर में अभूतपूर्व वृद्धि के कारण दाएं तटबंध पर पानी का दबाव अधिक हो गया है। वरीय पदाधिकारी द्वारा स्लुईस गेट खोलने की मंशा जताई गई थी। हालांकि महकमा की माने तो विभागीय अभियंताओं की सहमति के बाद ही इसे खोला जाता। लेकिन अचानक गेट खोलने की चर्चा चारों ओर फैल गई। और देखते ही देखते रोसड़ा एवं शिवाजीनगर प्रखंड के विभिन्न गांवों भिरहा, ढ़रहा, हरिपुर, पचगामा, महरोड़, हनुमाननगर कोल्हट्टा,जारवर,जन्दाहा, धर्मपुर एवं बिशनपुर आदि के सैकड़ों लोगों का बाएं तटबंध के पास जमावड़ा लग गया। जुटे 500 से अधिक लोगों की माने तो प्रशासन के दबाव पर स्लूस गेट खोलने की चर्चा पर यहां पहुंचे थे।और इस मामले में स्पष्ट विरोध जताते हुए लोगों ने कहा कि किसी भी हाल में गेट खोलना जनहित में नहीं होगा।

पानी के दबाव के कारण स्लूस गेट क्षतिग्रस्त हो सकता है और इससे लोगों को जबरदस्त बाढ़ विभीषिका झेलनी पड़ सकती है। इस बीच पहुंचे शिवाजी नगर का अंचलाधिकारी रामदत्त पासवान ने लोगों से गेट खोलने के संबंध में उनकी राय जानी ।और वरीय पदाधिकारी को अवगत कराने का आश्वासन दिया। इस बीच बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल के अधीक्षण अभियंता भी हायाघाट प्राचीन तटबंध का जायजा ले रहे थे।

वर्जन

”वरीय प्रशासनिक पदाधिकारी द्वारा जलस्तर में अप्रत्याशित बढ़ोतरी के कारण दाएं तटबंध पर बने दबाव को कम करने के लिए करेह नदी के बाएं तटबंध में 44.33 किलोमीटर पर स्थित कोलहट्टा स्लूस गेट खोलने की बात कही गई थी। लेकिन अभियंताओं की टीम द्वारा इसे खतरा से खाली नहीं बताया गया है। अभिनंदन कुमार कार्यपालक अभियंता बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल हथौड़ी”

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