Tax return
बिज़नेस

सालाना आय 2.5 लाख रुपये से अधिक तो जरूरी है आयकर रिटर्न भरना- जानें कारण

कोरोना महामारी के चलते लाखों लोग बेरोजगार हो गए हैं या उनकी आय कम हो गई है। ऐसे में इस बार बहुत सारे लोग आयकर रिटर्न भरने को लेकर संशय में है कि उनको आयकर रिटर्न भरना है या नहीं। कर विशेषज्ञों का कहना है कि अगर किसी व्यक्तिगत करदाता जिसकी उम्र 60 साल से कम और सालाना आय 2.5 लाख रुपये से अधिक है उसे आयकर रिटर्न जरूर भरना चाहिए। अगर, करदाता ऐसा नहीं करते हैं तो निश्चित तौर पर आयकर विभाग से टैक्स नोटिस आने के आसार बढ़ जाते हैं।

आयकर कानून के तहत छूट की सीमा
उम्र सालाना               आय पर छूट
60 साल से कम         2.5 लाख रुपये
60 से 80 साल            3 लाख रुपये

80 साल और ऊपर    5 लाख रुपये छूट

इन मामलों में सालाना आय कम लेकिन रिटर्न भरना जरूरी

1. किसी व्यक्ति ने अपने विदेश यात्रा पर 2 लाख रुपये से अधिक की राशि खर्च किया हो

2. व्यक्ति ने सहकारी बैंक के चालू खातों में एक करोड़ रुपये से अधिक की राशि जमा किया हो
3. एक साल में अगर व्यक्ति ने एक लाख रुपये से अधिक का बिजली बिल भरा हो

4. विदेश से आय प्राप्त होता हो या विदेश में संपत्ति का मालिक हो
5. अगर आय 2,50, 000 रुपये से कम भी है परंतु टीडीएस कटौती हुई है

31 नवंबर है अंतिम तिथि

देश में कोरोना संकट को देखते हुए आयकर रिटर्न की तिथि फिर से बढ़ाई गई है। इस साल टैक्स रिटर्न फाइल करने की आखिरी तारीख बढ़ाकर 31 नवंबर 2020 कर दी गई है। आप इसके बाद भी यानी 31 मार्च 2021 तक भी रिटर्न फाइल कर सकते हैं, लेकिन आपको जुर्माना देना होगा। 31 मार्च के बाद यानी असेसमेंट ईयर के गुजरने के बाद आप टैक्स रिटर्न फाइल नहीं किया जा सकता है।

मूल छूट सीमा से अधिक कुल आय

अगर किसी व्यक्ति की कुल आय निवेश और खर्च में कटौती के विभिन्‍न विकल्पों का लाभ उठाने के मुकाबले मूल छूट सीमा से अधिक है तो उसे आईटीआर दाखिल करना होगा। ऐसे में आयकर कानून की धारा-80 सी, 80 सीसीडी, 80 डी, 80 टीटीए, 80 टीटीबी के तहत कटौती का लाभ उठाया जा सकता है। कटौती विकल्प होम लोन, जीवन बीमा प्रीमियम, स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम, ईपीएफ, पीपीएफ, एनपीएस खातों में योगदान, बैंकों से ब्याज, बच्चों के लिए ट्यूशन शुल्क के पुनर्भुगतान के लिए उपलब्ध है।

Share This Post