बिहार विधानसभा चुनाव 2020 समस्तीपुर

समस्तीपुर: नई जमीन की तलाश में लालू के बड़े लाल तेजप्रताप आलोक मेहता व विजय चौधरी को भी जीत की आस

चेरियाबरियारपुर से हसनपुर आते ही यहां की चुनावी फिजां बदली नजर आती है। महुआ से हसनपुर आकर चुनाव लड़ रहे तेजप्रताप यादव बिल्कुल सुरक्षित सीट पर आए हैं। तेजस्वी की सभा भी हो चुकी है। यादव बाहुल्य है यह क्षेत्र। समस्तीपुर जिले की दस सीटों पर 3 नवंबर को पांच सीट पर और 7 नवंबर को पांच सीट पर चुनाव होना है। हसनपुर, रोसड़ा (सुरक्षित), विभूतिपुर, उजियारपुर और मोहिउद्दीनहगर में 3 को मतदान होगा, जबकि समस्तीपुर, कल्याणपुर, सरायरंजन, वारिसनगर और मोरवा में 7 को मतदान होगा।

रोसड़ा के महावीर चौक पर मिले सुबोध कुमार कहते हैं कि देखिए मुद्दे तो कई हैं। आज तक किसी नेता ने रोसड़ा को जिला बनाने की ओर ध्यान दिया क्या? राज्य के सबसे पुराने अनुमंडल में इसका नाम है। शिवहर, अरवल और शेखपुरा तक जिला बना गए, लेकिन रोसड़ा का क्या हुआ? चुनाव के समय सब वादा करते हैं, लेकिन सबसे पुरानी मांग पर किसका ध्यान है। रोड और बिजली तो जरूर सुधरी है, लेकिन ट्रैफिक जाम की समस्या यहां है। लोजपा के सवाल पर मनोज कहते हैं कि यहां कोई फैक्टर नहीं है।

जबकि विभूतिपुर में पूर्व विधायक चंद्रविजय ठाकुर लोजपा के हैं और मुकाबले को त्रिकोणीय बना रहे हैं। दलसिंहसराय में मिले नंदू कुमार कहते हैं-उजियारपुर में बाहरी बनाम भीतरी का मुद्दा शुरू में कुछ लोग बना रहे थे, लेकिन अब राजद और भाजपा के बीच सीधी टक्कर है।

राजद की ओर से पूर्व मंत्री आलोक मेहता मैदान में हैं। अपनी साफ और सौम्य छवि के कारण उनकी स्वीकार्यता सभी वर्ग में है। सरायरंजन में विधानसभा अध्यक्ष विजय कुमार चौधरी जदयू प्रत्याशी हैं और उनका मुकाबला राजद से है। सरायरंजन में मिले रमेश कुमार कहते हैं कि पिछली बार भी चौधरी जी जीते थे और इस बार भी पलड़ा भारी है। 2015 में कर्पूरी ठाकुर की नगरी ने महागठबंधन को सभी सीटों पर जीत दिलाई थी, लेकिन इस बार महागठबंधन के लिए आसान नहीं है।

कहीं सीधी तो कहीं त्रिकोणात्मक संघर्ष के आसार, कई सीटों पर लोजपा ने मुकाबले को बनाया दिलचस्प

कल्याणपुर
यहां से निवर्तमान विधायक महेश्वर हजारी जदयू से, महागठबंधन से माले के रंजीत राम और लोजपा से सुंदेश्वर राम भाग्य आजमा रहे हैं। वोटरों का रुझान इन्हीं तीनों के बीच ज्यादा दिख रहा है। यहां ज्यादातर कुशवाहा और भूमिहार जाति के लोग हैं।

वारिसनगर
यहां जदयू ने निवर्तमान विधायक अशोक कुमार (मुन्ना) पर भरोसा किया है। सामने माले के फूल बाबू सिंह हैं। वहीं राजद से पूर्व मंत्री स्व. गजेन्द्र सिंह की पत्नी डॉ. उर्मिला सिन्हा के होने की उम्मीद थी लेकिन माले के खाते में जाने से लोजपा से चुनाव मैदान में आ गईं।

समस्तीपुर
यहां तीसरी बार राजद से निवर्तमान विधायक अख्तरुल इस्लाम शाहीन हैं। जदयू ने पूर्व सांसद व जदयू जिलाध्यक्ष अश्वमेध देवी को मैदान में उतारा है। इसके अलावा लोजपा ने पशु प्रेमी महेन्द्र प्रधान को उतारा है। इससे यहां का भी चुनाव काफी रोचक बना है।

रोसड़ा
यहां की लड़ाई भी रोचक है। भाजपा ने प्रचारक वीरेन्द्र कुमार को उतारा है। वहीं लोजपा ने स्व. पासवान के भतीजे कृष्ण राज को टिकट दिया है जबकि कांग्रेस ने नागेन्द्र कुमार विकल को मैदान में उतारा है। रोसड़ा में हर नेता जिला बनाने के नाम पर वोट मांग रहे हैं।

उजियारपुर
भाजपा से शील कुमार राय और राजद से निवर्तमान विधायक आलोक कुमार मेहता हैं। इन्हीं दोनों में कांटे की टक्कर है। शील यादव जाति से हैं तो आलोक कुशवाहा जाति से। यहां देखना है कि यादव वोट को भाजपा प्रत्याशी खींचने में कितना सफल होते हैं।

मोहउद्दीननगर
यहां राजद की निवर्तमान विधायक एज्या यादव ताल ठोक रही हैं और भाजपा ने टक्कर देने के लिए राजेश कुमार सिंह को मैदान में उतारा है। यहां भी जबरदस्त मुकाबला है। वैसे सभी उम्मीदवार जोर-शोर से एक-दूसरे को चुनौती दे रहे हैं।

सरायरंजन
जदयू से निवर्तमान विधायक व विस अध्यक्ष विजय चौधरी मैदान में हैं। वहीं राजद से अरविंद सहनी हंै। यहां लोजपा से आभाष झा भी खड़े हैं। यहां भी सहनी और ब्राह्मण वोट अच्छी खासी संख्या में हैं। देखना है कि लोजपा कितने वोट में सेंधमारी कर पाती है।

हसनपुर
इस बार चुनाव रोचक हो गया है, क्योंकि लालके बड़े पुत्र तेजप्रताप पुराने क्षेत्र को छोड़कर भाग्य आजमाने उतरे हैं। जदयू से निवर्तमान विधायक राज कुमार राय हैं। इस क्षेत्र में यादव वोटर अधिक हैं। सहनी के भी वोट हैं। यहां इन दोनों के बीच ही टक्कर है।

विभूतिपुर
यहां से जदयू के निवर्तमान विधायक रामबालक सिंह मैदान में हैं। वहीं माकपा से अजय कुमार हैं। जबकि यहां भी लोजपा ने पूर्व विधायक चंद्रबली ठाकुर टिकट देकर चुनाव रोचक बना दिया है। सबसे ज्यादा वोटर ब्राहम्ण, भूमिहार और कुशवाहा जाति के हैं।

मोरवा
जदयू ने निवर्तमान विधायक विद्यासागर निषाद को मैदान में रखा है जबकि राजद ने मुकाबले के लिए रणविजय साहू को मैदान में उतारा है। यहां भी लोजपा ने अभय कुमार सिंह को मैदान में उतार कर चुनाव को काफी रोचक बना दिया है।

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