Optical Fibre in india
राष्ट्रीय

अगले तीन साल में भारत के सभी गांवों और शहरों के घर-घर तक पहुंचेगा इंटरनेट केबल, मोदी का सपना होगा पूरा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त को घोषणा की थी कि अगले 1000 दिनों में बचे हुए सभी गांवों में आप्टिकल फाइबर केबल बिछाने का काम पूरा हो जाएगा, लेकिन इससे क्या बदलेगा इसका अंदाजा लगाने में शायद लोग असफल रहे हैं। दरअसल यह पूरी सोच और व्यवस्था बदल देगा। आप्टिकल फाइबर के आते ही सभी गांवों में एक-एक कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) खुल जाएगा। एक सेंटर के खुलने से कम से कम पांच लोगों को नौकरी मिलेगी। इस हिसाब से सीधे तौर पर कम से कम 20 लाख लोगों को रोजगार मिलेगा।

शिक्षा और इलाज जैसी कई सुविधाएं ग्रामीणों को मिलेंगी, हर काम के लिए नहीं जाना होगा शहर

सीएससी के खुलने से शिक्षा से लेकर इलाज जैसी कई सुविधाएं ग्रामीणों को मिलेंगी और उन्हें हर काम के लिए शहर नहीं जाना होगा। हर गांव में एक-एक विलेज लेवल इंट्रेप्रेन्योर (वीएलई) की नियुक्ति की जाएगी जो ग्रामीणों की फसलों को घर बैठे बिकवाने का इंतजाम करवाएगा। बैंकिंग की सुविधा भी गांवों में ही उपलब्ध हो जाएगी।

1.5 लाख गांवों में बिछी आप्टिकल फाइबर

अभी देश में लगभग 1.5 लाख गांवों में आप्टिकल फाइबर बिछाने का काम पूरा किया गया है। बाकी के 4.5 लाख गांवों में यह काम पूरा किया जाएगा। आईटी व इलेक्ट्रॉनिक्स मंत्रालय के अधीनस्थ काम करने वाली कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) के सीईओ दिनेश त्यागी के अनुसार ग्रामीण अपने उत्पाद को ई-कॉमर्स के जरिए बेच सकेंगे। सरकार भी गांवों में बनने वाले उत्पादों की बिक्री के लिए उन्हें सरकारी ई-मार्केट से जुड़ने की सुविधा दे सकती है। लेकिन यह सब तभी संभव है जब इंटरनेट की स्पीड तेज हो जो आप्टिकल फाइबर से ही संभव है।

ब्राडबैंड की स्पीड तेज होने पर ही अर्थव्यवस्था में तेजी संभव है

विशेषज्ञों के मुताबिक कोरोना काल में या उसके बाद भी अब ब्राडबैंड की स्पीड तेज होने पर ही अर्थव्यवस्था में तेजी संभव है। दूरसंचार विभाग के मुताबिक भारतनेट प्रोग्राम के तहत सभी गांवों को आप्टिकल फाइबर से जोड़ने का काम चल रहा है जो तय समय से काफी पीछे हो गया है।

प्रधानमंत्री मोदी ने लक्ष्य तय कर दिया

अब प्रधानमंत्री ने स्वयं 1000 दिनों का लक्ष्य तय कर दिया है, इसलिए निश्चित रूप से यह काम तय समय में पूरा हो जाएगा। विशेषज्ञों के मुताबिक देश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए देश के हर गांव में केबल के जरिए मिलने वाली इंटरनेट की सुविधा आवश्यक है।

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