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ITR Last Date: इनकम टैक्स रिटर्न भरने की अंतिम तारीख 10 जनवरी तक बढ़ाई गई

सरकार ने व्यक्तिगत आयकरदाताओं के लिए वित्त वर्ष 2019-20 के लिए आयकर रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तिथि को दस दिन बढ़ाकर 10 जनवरी, 2021 तक कर दिया है। वित्त मंत्रालय ने बुधवार को जारी बयान में कहा कि कंपनियों के लिए रिटर्न दाखिल करने की समयसीमा को भी 15 दिन बढ़ाकर 15 फरवरी कर दिया गया है। आयकर रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तारीख को तीसरी बार बढ़ाया गया है। पिछले साल आयकर रिटर्न दाखिल करने की तारीख को 31 अगस्त, 2019 तक बढ़ाया गया था।

प्रत्यक्ष कर विवाद समाधान योजना विवाद से विश्वास के लिए घोषणा करने की तारीख को भी एक महीने बढ़ाकर 31 जनवरी किया गया है। वित्त वर्ष 2019-20 के लिए जीएसटी का वार्षिक रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तारीख को भी दो महीने बढ़ाकर 28 फरवरी, 2021 किया गया है। आयकर विभाग ने ट्वीट किया है कि कोविड-19 महामारी की वजह से करदाताओं के समक्ष आ रही चुनौतियों के मद्देनजर विभिन्न समयसीमाओं को बढ़ाया जा रहा है।

बयान में कहा गया है कि वित्त वर्ष 2019-20 (आकलन वर्ष 2020-21) के लिए आयकर रिटर्न की तारीख को 10 जनवरी तक उन आयकरदाताओं के लिए बढ़ाया गया है, जिनके खातों का ऑडिट करने की जरूरत नहीं और जो सामान्य रूप से आईटीआर-1 और आईटीआर-4 के जरिए आयकर रिटर्न भरते हैं। जिन आयकरदाताओं के खातों का ऑडिट करने की जरूरत है या जिन्हें अंतरराष्ट्रीय वित्तीय लेनदेन के बारे में रिपोर्ट जमा कराने की जरूरत है, उनके लिए रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तारीख को बढ़ाकर 15 फरवरी, 2021 किया गया है। कंपनियों के लिए आयकर रिटर्न दाखिल करने की तारीख को 31 अक्टूबर से बढ़ाकर 30 नवंबर किया गया था। उसके बाद इसे बढ़ाकर 31 जनवरी, 2021 किया गया। अब इसे बढ़ाकर 15 फरवरी कर दिया गया है।

29 दिसंबर तक 4.54 करोड़ आईटीआर दाखिल
वित्त वर्ष 2019-20 के लिए 29 दिसंबर तक 4.54 करोड़ आईटीआर दाखिल किए जा चुके हैं। आयकर विभाग ने बुधवार को यह जानकारी दी थी।  इससे पिछले वित्त वर्ष में तुलनात्मक अवधि तक 4.77 करोड़ आयकर रिटर्न दाखिल किए गए थे। बिना विलंब शुल्क के वित्त वर्ष 2018-19 (आकलन वर्ष 2019-20) के लिए अंतिम तिथि तक 5.65 करोड़ आयकर रिटर्न दाखिल किए गए थे। पिछले साल आयकर रिटर्न दाखिल करने की तारीख को 31 अगस्त, 2019 तक बढ़ाया गया था।  दाखिल किए गए आयकर रिटर्न में से 2.52 करोड़ करदाताओं ने आईटीआर-1 दाखिल किया है। पिछले साल 29 अगस्त, 2019 तक यह आंकड़ा 2.77 करोड़ का रहा था। 29 दिसंबर तक एक करोड़ आईटीआर-4 दाखिल किए गए। वहीं 29 अगस्त, 2019 तक 99.50 लाख आईटीआर-4 दाखिल किए गए। 

किस वर्ग के लिए कौन-सा आईटीआर फॉर्म
आईटीआर-1 सहज फॉर्म को कोई भी सामान्य निवासी जिसकी सालाना आय 50 लाख रुपये से अधिक नहीं है, अपनी व्यक्तिगत आय के बारे में जानकारी देते हुए भर सकता है। आईटीआर- 4 सुगम फॉर्म को ऐसे निवासी व्यक्ति, हिंदू अविभाजित परिवार और फर्म (एलएलपी को छोड़कर) द्वारा भरा जा सकता है जिनकी व्यवसाय और किसी पेशे से अनुमानित आय 50 लाख रुपए तक है। वहीं आईटीआर- 3 और 6 व्यवसायियों के लिए, आईटीआर- 2 आवासीय संपत्ति से आय प्राप्त करने वाले लोगों द्वारा भरा जाता है। आईटीआर- 5 फॉर्म एलएलपी और एसोसिएशन ऑफ पर्सन के लिए, वहीं आईटीआर- 7 उन लोगों के लिए है जिन्हें ट्रस्ट अथवा अन्य कानूनी दायित्वों के तहत रखी गई संपत्ति से आय प्राप्त होती है।

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