बिहार

जदयू ने राजद पर साधा निशाना, कहा- घर तो संभल नहीं रहा, सपना बिहार संभालने का देखेंगे

प्रदेश जदयू के मुख्य प्रवक्ता संजय सिंह ने कहा कि बिहार में आजकल खुद को मुख्यमंत्री पद का दावेदार बताने की होड़ मची हुई है। सस्ती लोकप्रियता के लिए मुख्यमंत्री पद की दावेदारी लोकतंत्र के लिए बेहद अफसोसजनक है। विधायक और विधान पार्षद साथ छोड़कर जा रहे हैं लेकिन बनेंगे बिहार के मुख्यमंत्री ही। खुद का घर संभल नहीं रहा लेकिन सपना बिहार को संभालने का देखेंगे। 

संजय सिंह ने कहा कि जिनका कोई जनाधार नहीं, जिन्होंने कभी जनता का कोई काम नहीं किया, जो अनुकंपा पर विधायक तो बन गए लेकिन कभी अपने विधानसभा क्षेत्र का मुंह नहीं देखा। अब जब चुनाव की आहट लगी है तो हार से बचने के लिए विधानसभा क्षेत्र की याद आ रही है। जनता की याद ऐसे अवसरवादी लोगों को चुनाव में ही आती है। उन्होंने कहा कि जो विकास की राजनीति ही नहीं करेगा उसके साथ विधायक और विधान पार्षद क्यों रहेंगे? जिनका लक्ष्य केवल भ्रष्टाचार से अपनी जेब को भरना हो उनका साथ जनप्रतिनिधि ज्यादा दिनों तक नहीं दे सकते।

महागठबंधन के लिए चेतावनी है राजद की टूट : भाजपा
प्रदेश भाजपा उपाध्यक्ष राजीव रंजन ने आरोप लगाया है कि राजद की टूट के लिए तेजस्वी यादव जिम्मेवार हैं। साथ ही, राजद की टूट महागठबंधन के लिए चेतावनी भी है। प्रदेश उपाध्यक्ष ने कहा कि राजद में हुई टूट से किसी को कोई आश्चर्य नहीं हुआ होगा। बल्कि वास्तव में लोगों को उन नेताओं पर अचरज हो रहा है जो अभी भी अपमान सह कर पार्टी में टिके हुए हैं। महागठबंधन के नेताओं को यह समझ लेना चाहिए कि जिस राजद के भरोसे वह एकाध सीटें जीतने का ख्वाब देख रहे हैं, वह एक डूबता हुआ जहाज बन चुका है। इनके साथ रहने से महागठबंधन के बाकी दलों के कार्यकर्ताओं में भी असंतोष फ़ैल चुका है और इस बात की प्रबल संभावना है कि जल्द ही उन्हें भी इसी तरह टूट का सामना करना पड़ सकता है। तेजस्वी के कमान संभालने के बाद से ही राजद के पतन की शुरुआत हो चुकी है।  

74 फीसदी लोगों को पीएम पर भरोसा : संजय जायसवाल
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष डॉ संजय जायसवाल ने कहा है कि हाल के सर्वे में देश की 74 फीसदी आबादी ने पीएम पर भरोसा जताया है। भारत-चीन सीमा विवाद पर झूठ और दुष्प्रचार के जरिये लोगों को बरगलाने की कांग्रेसी कोशिश एक बार फिर औंधे मुंह धराशायी हो चुकी है। 

बुधवार को जारी बयान में प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि प्रधानमंत्री ने जिस तरह पूरे देश का नेतृत्व किया है, उसकी तारीफ पूरा देश कर रहा है। लोगों को चीन के खिलाफ प्रधानमंत्री की रणनीति काफी पसंद आ रही है। एक समाचार चैनल के सर्वे के मुताबिक 74 प्रतिशत लोगों ने मोदी सरकार पर पूरी तरह से भरोसा जताया है, वहीं 61 प्रतिशत लोगों ने कहा कि वे कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी पर भरोसा नहीं करते। इसके अलावा राहुल भरोसा जताने वाले लोगों की संख्या महज 0.58 फीसदी यानी 1 प्रतिशत से भी कम है। इससे साफ़ है कि अपने सलाहकारों के फ़ेर में राहुल जी ने जिस प्रोपगंडा पॉलिटिक्स को अपनाया है, वह उन्हीं पर भारी पड़ रही है। राहुल गाँधी को मिले इस न के बराबर समर्थन के लिए वास्तव में वे खुद दोषी हैं। बिना सोंचे-समझे कुछ भी बोल देने की आदत से लोग पहले ही आजिज थे। अब देशहित से जुड़े हर मुद्दे को राजनीति में घसीटने  से उनकी साख और कम हुई है।

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