बिहार

जीविका दीदियों का होगा बीमा, जिला अस्पतालों की कैंटीन का करेंगी प्रबंधन

राज्य के सभी जिला अस्पतालों की कैंटीन में भोजन का प्रबंधन जीविका दीदियां करेंगी। इसको लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पदाधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई का निर्देश दिया है। यह भी निर्देश दिया है कि जीविका दीदियों के बीमा की योजना बनाएं। मुख्यमंत्री के समक्ष शुक्रवार को ग्रामीण विकास विभाग ने जीविका से संबंधित प्रस्तुतीकरण किया। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कई निर्देश दिए। साल के पहले दिन मुख्यमंत्री 11 बजे मुख्य सचिवालय पहुंचे और करीब छह घंटे वहां रहें और भी कई समीक्षाएं कीं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 10 लाख स्वयं सहायता समूह बनाने का लक्ष्य प्राप्त कर लिया गया है। स्वयं सहायता समूह की संख्या को और बढ़ाएं। महिलाओं को और प्रशिक्षित किया जाय, ताकि उनकी भागीदारी छोटे उद्यमों में बढ़े। जीविका दीदियों के माध्यम से मद्य निषेध कार्य के लिये लोगों को प्रेरित करें। वैसे वंचित परिवार, जिन्हें किसी योजना का लाभ नहीं मिल रहा है, उन्हें चिह्नित कर सतत् जीविकोपार्जन योजना का लाभ दिलाएं। नीरा के उपयोग को और बढ़ावा दें। मत्स्य पालन से जुड़ने के लिये भी जीविका दीदियों को प्रेरित एवं उन्हें प्रशिक्षण दें। प्रस्तुतीकरण में जीविका समूह द्वारा आजीविका के लिये किये जा रहे कार्यों पशुधन गतिविधियां, दूध उत्पादन, मुर्गीपालन, मधुमक्खी पालन तथा गैर कृषि आजीविका कार्य की जानकारी दी गई।

मुख्य सचिवालय में इस दौरान मुख्य सचिव दीपक कुमार, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव चंचल कुमार, प्रधान सचिव ग्रामीण विकास विभाग अरविंद कुमार चौधरी, मुख्यमंत्री के सचिव मनीष कुमार वर्मा, अनुपम कुमार, मुख्यमंत्री के विषेष कार्य पदाधिकारी गोपाल सिंह सहित ग्रामीण विकास विभाग के अन्य वरीय पदाधिकारी उपस्थित थे।

हर सप्ताह मुख्य सचिवालय में बैठेंगे
बैठक के बाद पत्रकारों से मुख्यमंत्री कहा कि वे अब हर सप्ताह मुख्य सचिवालय में बैठेंगे। उन्होंने कहा कि पहले यहां अक्सर आते थे, पर कुछ वर्षों से नहीं आ रहे थे। अब में यहां आकर भी योजनाओं की समीक्षा करेंगे। उन्होंने कहा कि लोगों की सेवा करना ही मेरा धर्म है। इसमें लगे रहते हैं। योजनाओं की समीक्षा करते रहते हैं। लोगों से भी जाकर मिलते हैं। इससे योजनाओं के क्रियान्वयन की जानकारी मिलती है और कोई कठिनाई आ रही है तो उसे तत्काल दूर किया जाता है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि नये कार्यकाल को लेकर जो भी निर्णय लिये गये हैं, उन कार्यों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। बजट सत्र में इन सभी कार्यों के लिये बजट का प्रबंध होगा, ताकि सभी काम शुरू किए जा सकें।

महिलाओं में जागृति आई है
प्रस्तुतीकरण के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वयं सहायता समूहों के गठन से महिलाओं में जागृति आयी है। जीविका दीदियों के आर्थिक गतिविधियों से जुड़ने से उनके परिवार की आमदनी बढ़ी है। जीविका दीदियों द्वारा कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग, दूध उत्पादन कार्य, मधुमक्खी पालन, मुर्गीपालन, बकरी पालन जैसे कार्य बेहतर ढ़ंग से किए जा रहे हैं।

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